12/08/2026
फीस वृद्धि के विरोध में अभाविप का शव प्रदर्शन, छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के विरोध और छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की विश्वविद्यालय इकाई ने बुधवार को पुस्तकालय के बाहर सामूहिक शव प्रदर्शन किया। इस दौरान अभाविप कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए फीस वृद्धि का फैसला वापस लेने की मांग उठाई। झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भी अभाविप ने प्रदर्शन किया।
अभाविप विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि फीस वृद्धि के खिलाफ विद्यार्थी परिषद पिछले 10 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल कर रही है। उन्होंने कहा कि 28 मार्च को फीस वृद्धि का निर्णय सामने आने के बाद अगले ही दिन से संगठन ने ज्ञापन, घेराव और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से विरोध दर्ज करवाया, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई।
ठाकुर ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के कई पाठ्यक्रमों में 25 से 27 प्रतिशत तक, जबकि कुछ पाठ्यक्रमों में 147 प्रतिशत तक फीस बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों से संबंधित शुल्क में भी 100 से 150 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। छात्रावास और बस किराये में वृद्धि का भी उन्होंने विरोध किया।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पर्याप्त छात्रावास सुविधा और परिवहन व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद लगातार फीस बढ़ाकर विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। अभाविप ने विश्वविद्यालय प्रशासन से फीस वृद्धि के निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की।
अभाविप ने झारखंड में पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज की भी निंदा की। ठाकुर ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करना उचित नहीं है।
छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग
अक्षय ठाकुर ने प्रदेश सरकार से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव जल्द बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों को लोकतांत्रिक तरीके से अपना प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलना चाहिए, ताकि विद्यार्थी अपनी समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से उठा सकें।
क्रमिक भूख हड़ताल के नौवें दिन अभाविप कार्यकर्ता रितेश भागटा और रिया ने अनशन समाप्त किया, जबकि दसवें दिन दिव्यांशु कश्यप और रवीना ने क्रमिक भूख हड़ताल जारी रखी।
अभाविप ने मांग की कि रनिंग सेमेस्टर की फीस में बढ़ोतरी न की जाए, नॉन-सब्सिडाइज्ड सीटों की फीस न बढ़ाई जाए, सब्सिडाइज्ड सीटों में पांच प्रतिशत से अधिक वृद्धि न हो तथा परीक्षा और आरएमई जैसे प्रशासनिक शुल्क में आठ प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी न की जाए। संगठन ने पहले ही बढ़ी फीस जमा कर चुके छात्रों की राशि वापस करने या अगले सेमेस्टर में समायोजित करने की मांग भी रखी।
अभाविप ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहेगी। संगठन ने कहा कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
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