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Himachal Eyewitness News हिम्मत सच दिखाने की

17/02/2026
09/02/2026
08/02/2026

आर्थिक संकट ..?
राज्य सरकारी कर्मचारी और पेंशन धारक ठंडे पानी की व्यवस्था कर लें.

29/01/2026

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए UGC के नए नियम पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 19 मार्च की तारीख तय की है। CJI ने कहा कि इसकी भाषा अस्पष्ट है और इनका दुरुपयोग हो सकता है। आजादी के 75 साल बाद भी हम समाज को जातियों से मुक्त नहीं कर सके हैं। अब क्या इस नए कानून से हम और पीछे की ओर जा रहे हैं। हम चाहते है कि कुछ कानूनविदों की कमेटी इस पर विचार करे।

क्या था पूरा विवाद?
विभिन्न याचिकाकर्ताओं ने यूजीसी के नए नियम को मनमाना, बहिष्करणकारी, भेदभावपूर्ण और संविधान के साथ-साथ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 का उल्लंघन बताते हुए चुनौती दी थी। यूजीसी के नए नियम के विरोध करने वालों का कहना है कि इस एक्ट में भेदभाव की जो परिभाषा दी गई है उससे ऐसा लगता जैसे जातिगत भेदभाव सिर्फ SC, ST और OBC के साथ ही होता है। सामान्य वर्ग के छात्रों को ना तो कोई संस्थागत संरक्षण दिया गया है, ना ही उनके लिए कोई grievance redressal system की व्यवस्था है। पिटीशनर्स ने कहा है कि वैसे तो इस एक्ट को समानता बढ़ाने के लिए लाया गया है, लेकिन ये खुद भेदभाव बढ़ाता है। इसमें General Caste यानी सवर्णों को 'नेचुरल ऑफेंडर' माना गया है। इसलिए इसकी समीक्षा होनी चाहिए और जब तक सुप्रीम कोर्ट इस पर फैसला नहीं करता, तब तक नए एक्ट के इंप्लीमेंटेशन पर रोक लगनी चाहिए।

सुनवाई में क्या-क्या हुआ?
वकील विष्णु शंकर जैन: "मैं जाति आधारित भेदभाव की इस परिभाषा पर रोक लगाने की मांग कर रहा हूं। कानून यह नहीं मान सकता कि भेदभाव केवल एक विशेष वर्ग के खिलाफ होगा। यह नहीं माना जा सकता है कि भेदभाव केवल एक वर्ग के खिलाफ है।"

CJI सूर्यकांत- "मान लीजिए कि दक्षिण भारत का एक छात्र उत्तर भारत में एडमिशन लेता है या उत्तर का छात्र दक्षिण भारत में एडमिशन लेता है। किसी प्रकार की व्यंग्यात्मक टिप्पणी जो उनके विरुद्ध अपमानजनक हो तथा दोनों पक्षों को उनकी जाति ज्ञात न हो। कौन सा प्रावधान इसे कवर करता है।" इस पर वकील जैन ने कहा- धारा 3ई में यह सब शामिल है।

वकील विष्णु शंकर जैन: इस नई परिभाषा में 'रैगिंग' शब्द का उल्लेख नहीं है।

वकील: विश्वविद्यालयों को जातियों में बांटा जा रहा है

CJI: 75 वर्षों के बाद एक वर्गहीन समाज बनने के लिए हमने जो कुछ भी हासिल किया है, क्या हम एक प्रतिगामी/Regressive समाज बन रहे हैं? रैगिंग में सबसे बुरी बात जो हो रही है वह है दक्षिण या उत्तर पूर्व से आने वाले बच्चे, वे अपनी संस्कृति लेकर चलते हैं और जो इससे अनजान होता है वह उन पर टिप्पणी करना शुरू कर देता है। फिर आपने अलग हॉस्टल की बात कही है, भगवान के लिए, अंतरजातीय विवाह भी होते हैं और हम हॉस्टल में भी रहे हैं जहां सभी एक साथ रहते थे।

CJI: आज हम कोई आदेश पारित नहीं करना चाहते, लेकिन कोर्ट को विश्वास में लिया जाना चाहिए।

CJI: हमारे पूरे समाज का विकास होना चाहिए।

सीजेआई ने एसजी तुषार मेहता से इस पर गौर करने के लिए कुछ प्रतिष्ठित व्यक्तियों की एक समिति के बारे में सोचने को कहा ताकि समाज बिना किसी भेदभाव के एक साथ आगे बढ़ सके।

वकील इंदिरा जयसिंह: इस अदालत में 2019 से एक याचिका लंबित है, जिसमें 2012 के नियमों को चुनौती दी गई है, जिनकी जगह अब 2026 नियम ले रहे हैं।

CJI: 2012 के नियमों की जांच करते समय हम और पीछे नहीं जा सकते।

CJI: हमने कहा है कि कैंपस में अलगाव नहीं होना चाहिए।

27/01/2026

क्या हिमाचल प्रदेश के सांसद और विधायक मोदी से डरकर के विरुद्ध नहीं बोल पा रहे

27/01/2026

का विरोध एक बड़ा जन आंदोलन बनता नजर आ रहा है। सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार के इस काले कानून के विरोध में, 1 फरवरी को हिमाचल प्रदेश भाजपा के हजारों कार्यकर्ता इस्तीफा दे सकते हैं।

सामान्य वर्ग के हजारों कार्यकर्ता भाजपा से खुद को अलग करके अपनी नाराजगी जताएंगे. हलांकि यह तादाद कितनी होगी, इस बारे अभी सही आंकड़े नहीं हैं मगर प्रदेश में सामान्य वर्ग के सहयोग के बिना किसी भी दल की राजनीति की कल्पना नहीं की जा सकती है।

लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार जानबूझकर जातिगत और धर्म के आधार पर भेदभाव बढाकर लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है, जो असंवैधानिक है। ये अहंकार की राजनीति है और सामान्य वर्ग के बच्चों को स्कूल जाने से रोकने के लिए बनाया गया काला कानून है। क्योंकि इसके जरिए सामान्य वर्ग के बच्चों को स्कूल ,कॉलेज में ही मुकदमों में उलझाकर उनका भविष्य समाप्त करने का षड़यंत्र है।

इसी के विरोध स्वरूप सामान्य वर्ग के हजारों कार्यकर्ता भाजपा को अलविदा कहकर, पार्टी को आइना दिखाने की कोशिश करने बाले हैं।

24/01/2026

कहते हैं क्रिकेट और राजनीति में कभी भी, कुछ भी हो सकता है।
UGC और स्मार्ट मीटर का देश भर में इतना विरोध हो रहा है कि भाजपा को, भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

एक सर्वे के अनुसार, प्रदेश में जहां एकमुश्त भाजपा का समर्थन देखा जा रहा था, वहीं अब लोगों का भाजपा के प्रति जबरदस्त विरोध देखा जा रहा है। मौजूदा समय में दो जन आंदोलनों नें ही भाजपा को जबरदस्त झटका दिया है।
भारत में सड़कों पर नहीं, बल्कि सोशल पर ही बड़ा आंदोलन पैर पसार रहा है । विरोध, विद्रोह तक न पहुंचे, ऐसे में सरकार को उचित निर्णय लेने चाहिए।

भारतीय जीडीपी में बेहतरीन बढ़ोतरी - विश्व बैंक हलांकि डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को घेरने के लिए उसके व्यापारि...
14/01/2026

भारतीय जीडीपी में बेहतरीन बढ़ोतरी - विश्व बैंक

हलांकि डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को घेरने के लिए उसके व्यापारिक साझेदारों पर 25% टैरिफ लगाने
का ऐलान किया है और भारत भी इसमें शामिल है. ऐसे में पहले से ही लागू 50% अमेरिकी टैरिफ 75% हो सकता है.

लेकिन, तमाम ग्लोबल टेंशन हों या फिर ट्रंप का टैरिफ (Trump Tariff), भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) की रफ्तार रूकने का कोई अंदेशा नहीं है।. बीच विश्व बैंक ने भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढ़ा दिया है.

वर्ल्ड बैंक ने भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को बढ़ाते हुए (World Bank Rise India's GDP Growth Forecast) अब 7.2% कर दिया है और अपनी रिपोर्ट में साफ किया है कि सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई इंडियन इकोनॉमी की रफ्तार पर अमेरिकी टैरिफ से सीमित प्रभाव पड़ सकता है.

गौरतलब है कि विश्व बैंक द्वारा जारी किया गया नया जीडीपी ग्रोथ अनुमान, इससे पहले जून 2025 में जताए गए 6.3% से 0.9 फीसदी का इजाफा है. यानी भारत ने कई दूसरे देशों में अपने देश का सामान बेचने का रास्ता तलाश कर लिया है।

14/01/2026

एक सनकी की सनक से दुनिया विश्व युद्ध के मुहाने पर है

इज़रायली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका किसी भी समय ईरान पर हमला कर सकता है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरानी एयरस्पेस के बेहद करीब अमेरिकी फाइटर जेट और बी-52 स्ट्रैटेजिक बॉम्बर्स देखे गए हैं। इस सैन्य गतिविधि के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है, और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट की स्थिति बन गई है।

ईरान पर हमला होते ही रूस सीधे तौर पर उसका साथ देगा।

ईरान पर हमला होते ही चीन भी ताइवान पर हमला कर सकता है।
ऐसे में विश्व युद्ध की स्थिति बन जाएगी। इतिहास में इसे सनकी की सनक के रूप में याद रखा जाएगा।


06/01/2026

जब RTO ने अपनी ही गाड़ी का चालान काट दिया

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आर.टी.ओ.) सोना चंदेल ने न सिर्फ अपने सरकारी वाहन का चालान काटा, बल्कि नियम तोड़ने पर अपने ही परिवार के एक सदस्य की स्कूटी पर भी जुर्माना लगाकर साफ संदेश दिया कि कानून सबके लिए समान है।

जानकारी के अनुसार यह मामला 20 दिसम्बर 2025 का है। आर.टी.ओ. सोना चंदेल उस दिन कालाअंब क्षेत्र में वाहनों की नियमित जांच पर निकली थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि बैरियर पर तैनात स्टाफ भी निजी वाहनों का उपयोग कर रहा था। जांच के दौरान उन्होंने कर्मचारियों से वाहनों के दस्तावेजों को लेकर सवाल किया। सभी ने दस्तावेजों के सही होने की बात कही, लेकिन इसी बीच एक कर्मचारी ने हिम्मत जुटाकर धीमी आवाज में यह कह दिया कि मैडम, आपके सरकारी वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र (पी.यू.सी.) एक्सपायर हो चुका है। यह सुन मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए।

ऐसे मामलों में जहां आमतौर पर लोग मामले को नजरअंदाज कर देते हैं, वहीं आर.टी.ओ. ने बिना किसी संकोच के अपने ही सरकारी वाहन का 500 रुपए का चालान काट दिया। इतना ही नहीं मौके पर ही वाहन का वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र भी बनवाया गया। बता दें कि आर.टी.ओ. सोना चंदेल इससे पहले भी अपनों पर कानून का शिकंजा कस चुकी है। 27 मई 2025 को हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट अभियान के दौरान उनके परिवार के एक सदस्य की स्कूटी पर नंबर प्लेट नहीं पाई गई। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, उन्होंने बिना किसी रियायत के 3,000 रुपए का चालान काट दिया।

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