28/07/2026
हिमाचल में मानसून का कहर जारी: 15 की मौत, 135 सड़कें बंद; कुल्लू सबसे अधिक प्रभावित
44 ट्रांसफार्मर और 38 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित, जनजीवन अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं
देवभूमि न्यूज 24
शिमला/कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में मानसून का असर अभी भी जारी है और कई क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रविवार शाम छह बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून से 26 जुलाई के बीच प्रदेश में मानसून से जुड़ी घटनाओं में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 14 लोगों की जान भूस्खलन की घटनाओं में गई, जबकि एक व्यक्ति की मौत फ्लैश फ्लड की चपेट में आने से हुई। राहत की बात यह है कि इस अवधि में क्लाउडबर्स्ट से किसी भी व्यक्ति की मौत दर्ज नहीं हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, लाहौल-स्पीति जिले में भूस्खलन की घटनाओं में 13 लोगों की मौत हुई, जबकि चंबा जिले में एक व्यक्ति की जान भूस्खलन से गई। कांगड़ा जिले में फ्लैश फ्लड की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मृत्यु हुई।
मानसून के चलते प्रदेश में 135 सड़कें बंद हैं, जिससे कई क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित है। सबसे अधिक असर कुल्लू जिले में देखा गया है, जहां 54 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा मंडी में 43, शिमला में 15, चंबा में आठ, लाहौल-स्पीति में पांच, कांगड़ा में पांच तथा ऊना में एक सड़क बंद है।
लगातार बारिश से बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। प्रदेश में 44 ट्रांसफार्मर (डीटीआर) बंद हैं। इनमें कुल्लू में 35, शिमला में चार, कांगड़ा में तीन और मंडी में दो ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं। वहीं 38 पेयजल योजनाएं बाधित हैं, जिनमें हमीरपुर की 19, शिमला की 18 और कांगड़ा की एक योजना शामिल है।
रविवार सुबह प्रदेश में 122 सड़कें, 96 ट्रांसफार्मर और 33 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं। हालांकि शाम तक बिजली व्यवस्था में सुधार होने से प्रभावित ट्रांसफार्मरों की संख्या घटकर 44 रह गई, लेकिन लगातार बारिश के कारण बंद सड़कों की संख्या बढ़कर 135 और प्रभावित पेयजल योजनाएं बढ़कर 38 हो गईं।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।