10/06/2026
# चौपाल में विकास 'लापता', सड़कों की दुर्गति के बीच राजनीतिक ताजपोशी में व्यस्त जनप्रतिनिधि
**चौपाल।**
चौपाल विधानसभा क्षेत्र की दर्जनों सड़कें इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं, लेकिन क्षेत्र के नुमाइंदे जनता की बुनियादी समस्याओं को हल करने के बजाय पंचायती राज सरकार बनाने की राजनीतिक गोटियां फिट करने में व्यस्त हैं। स्थानीय जनता का आरोप है कि विधानसभा क्षेत्र में विकास पूरी तरह ठप पड़ा है और राजनीति प्राथमिकताओं पर हावी हो चुकी है।
क्षेत्र में विकास की गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चौपाल के विधायक के अपने घर को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कार्य पिछले कई महीनों से कछुआ गति से चल रहा है। जब विधायक के गृह क्षेत्र की सड़क की दुर्गति इस कदर हो, तो आम जनता के संपर्क मार्गों की स्थिति को आसानी से समझा जा सकता है।
सबसे बदतर स्थिति सैंज-नेरवा-गुम्मा मार्ग की है। यह **90 किलोमीटर लंबी जो चौपाल की लाइफलाइन हैं, वर्तमान में पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इस मार्ग पर सफर करना न केवल प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है, बल्कि हर पल हादसों को न्योता देता है।
# # # विकास और 'प्रोग्रेस कार्ड' से ध्यान भटकाने की कोशिश?
स्थानीय लोगों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सड़कों की इस बदहाली के बीच विधायक का पूरा ध्यान पंचायती राज चुनाव में जीतकर आए ठेकेदारों की ताजपोशी और अपनी राजनीतिक लॉबिंग पर टिका हुआ है। आरोप है कि वार्ड स्तर पर अपने पसंदीदा चेहरों को स्थापित करने की यह व्यस्तता सिर्फ इसलिए है ताकि आने वाले समय में जनता विधायक साहब से विकास का हिसाब न मांग सके और 'प्रोग्रेस कार्ड' का मुद्दा ही गायब हो जाए।
# # # घोटालों पर चुप्पी क्यों? चौपाल की जनता मांग रही जवाब
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल पारदर्शिता और जवाबदेही पर खड़ा होता है। विधानसभा सत्र के दौरान विधायक ने खुद पूरे जोर-शोर से यह दावा किया था कि वह दर्जनों पंचायतों में हुए करोड़ों रुपये के पानी के घोटालों की फाइलों को पूरी वीडियोग्राफी और सबूतों के साथ सदन के पटल पर रखेंगे।
आज चौपाल की प्रबुद्ध जनता यह सवाल पूछ रही है:
* जब विधानसभा में घोटालों को बेनकाब करने की इतनी बड़ी बात कही गई थी, तो वे फाइलें आज तक सामने क्यों नहीं आईं?
* क्या उन कथित घोटालों पर कोई कार्रवाई हुई, या वह सिर्फ एक राजनीतिक बयानबाजी थी?
**चौपाल की जनता अब खोखले दावों और राजनीतिक गुणा-भाग से थक चुकी है। क्षेत्र को इस समय राजनीतिक लॉबिंग की नहीं, बल्कि चलने योग्य सुरक्षित सड़कों और जवाबदेह नेतृत्व की जरूरत है।**