08/06/2026
जनगणना2026- 2027 में "हाटी जनजाति" अवश्य दर्ज करवाएं : हाटी विकास मंच
शिमला: हाटी विकास मंच, हिमाचल प्रदेश ने गिरिपार क्षेत्र सहित देशभर में निवास कर रहे हाटी समुदाय के सभी लोगों से आगामी जनगणना 2026-2027 में अपनी पहचान "हाटी ( जनजाति)" के रूप में दर्ज करवाने का आह्वान किया है।
मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि हाटी समुदाय को लंबे संघर्ष, जनआंदोलनों और संवैधानिक प्रक्रिया के बाद 4 अगस्त 2023 को भारत की संसद द्वारा अनुसूचित जनजाति (ST) का अधिकार प्रदान किया गया था। यह अधिकार हाटी समुदाय की ऐतिहासिक पहचान, संस्कृति, परंपराओं एवं सामाजिक अस्तित्व को मिली एक महत्वपूर्ण संवैधानिक मान्यता है। उन्होंने कहा कि जनगणना किसी भी समुदाय की वास्तविक जनसंख्या, सामाजिक स्थिति, विकास योजनाओं, शिक्षा, रोजगार एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों का आधार होती है। इसलिए प्रत्येक हाटी परिवार का दायित्व है कि वह जनगणना के दौरान अपनी सही जनजातीय पहचान दर्ज करवाकर समुदाय के अधिकारों एवं भविष्य को सशक्त बनाए।
हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, महासचिव डॉ. अनिल भारद्वाज, कोषाध्यक्ष एडवोकेट वी.एन. भारद्वाज, मुख्य सलाहकार विवेक तोमर, सह सचिव सुरेंद्र ठाकुर तथा जिला अध्यक्ष सतपाल चौहान ने संयुक्त रूप से हाटी समुदाय के सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि जनगणना 2027 हाटी समाज के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। समुदाय का प्रत्येक व्यक्ति और परिवार इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए अपनी पहचान "हाटी जनजाति" के रूप में दर्ज करवाए। पदाधिकारियों ने कहा कि जनगणना में हाटी समुदाय की सही संख्या दर्ज होना भविष्य में जनजातीय अधिकारों, आरक्षण, विकास योजनाओं तथा क्षेत्रीय प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवा मंडलों, महिला मंडलों एवं बुद्धिजीवियों से भी आग्रह किया कि वे व्यापक जनजागरण अभियान चलाकर लोगों को इस विषय में जागरूक करें।