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25/06/2026

04/04/2026

नेपाल के एक कसीनो में एक आदमी जुआ खेल रहा था। बदकिस्मती से, वह सब कुछ, अपनी पाई-पाई हार गया। निराशा की स्थिति में उसे शौच की इच्छा हुई और वह शौचालय की ओर गया। वहाँ देखा कि शौचालय का दरवाजा एक रुपये का सिक्का डालने पर खुलता है। वह परेशान दरवाजे के सामने खड़ा रहा। तभी एक दूसरे आदमी ने उसकी परेशानी देखी और उसे एक रुपये का सिक्का दिया।
पराजित जुआरी कृतज्ञ था। उसने अपने उपकारकर्ता का नाम और पता नोट करने पर जोर दिया और उससे वादा किया कि, चाहे कुछ भी हो जाए, वह किसी न किसी दिन उसका कर्ज चुका देगा।
दानकर्ता के जाने के बाद, जब उसने सिक्का दरवाजे के छेद में डालने की कोशिश की तो पाया कि, दरवाजा तो पहले से ही खुला हुआ था। संयोग से, उससे पहले जब कोई और वहाँ से निकला था, तो उसने पीछे दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं किया था और वह खुला रह गया था।

खैर, जब जुआरी शौचालय से बाहर निकला और लॉबी में पहुँचा, तो उसके पास उधार लिया हुआ एक रुपया अभी भी था। आदतन, जुआरी ने वह रुपया दाव पर लगा दिया और चालीस रुपये जीत गया। उसकी किस्मत ने करवट बदली और उसी रात उसने न सिर्फ अपने हारे हुए एक लाख रुपये जीत लिए, बल्कि साढ़े पाँच लाख रुपये ऊपर से और भी जीत लिए।

फिर वह जुआरी प्लेन से मुम्बई आ गया और उन पैसों से एक छोटा सा फास्ट फूड ठेला खोल लिया। किस्मत से उसकी छोटी सी दुकान खूब चली और कुछ ही दिनों में वह एक बड़े रेस्टोरेंट का मालिक बन गया। रेस्टोरेंट इतना सफल हुआ कि, कुछ ही सालों में उसने भारत के अन्य 15 बड़े शहरों वैसे ही रेस्टोरेंट खोल लिए और अगले कुछ और सालों में एक पाँच सितारा डीलक्स होटल भी खरीद लिया।

फिर दो होटल, फिर तीन होटल, फिर विदेश में होटल खोल लिए।

वृद्धावस्था में, एक बार उसने अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में अपनी सफलता की कहानी सुनाते हुए अत्यंत भावुक स्वर में कहा, " मेरे साथ जो चमत्कार हुआ, वह एक आदमी की वजह से हुआ, सिर्फ एक आदमी की वजह से। अगर आज मैं उस आदमी से मिलूँ, तो मैं उसे सोने, हीरे-जवाहरातों से तौल दूँगा। "

" उस आदमी को," ---एक डायरेक्टर ने कहा--- " जिसने आपको नेपाल के उस कसीनो में शौचालय में डालने के लिए एक रुपया दिया था ? "🤔🤔🤔🤔🤔
" नहीं, वह नहीं। मेरे पास तो उसका नाम-पता सब है। मैं तो उस आदमी को ढूँढ रहा हूँ जिसने शौचालय का दरवाजा खुला छोड़ दिया था। " 🤣🤣🤣🤣😅😜😅😜😅😜😅😜😜😜

05/03/2026

दोस्तों एक बार जब मुख्तार अंसारी ने कोतवाली में ताला लगवा दिया था तब उत्तर प्रदेश मे कानून का राज था,,,,,,

और जब अतीक अहमद ने 20 पुलिस के जवानों को अपने ही घर में बंदी बना लिया था यूपी मे तब भी कानून का ही राज था,,,,,

आप लोगों को शायद याद होगा एक बार जब आजम खान ने एक एसएसपी रैंक के अधिकारी को 3 घंटे के लिए अपने घर के बाहर खड़ा रहने की सजा दी थी तब भी यूपी मे कानून का राज था,,,,,

एक बार आप लोगों को पता होगा जब 12 जजों की बेंच ने अतीक अहमद तथा मुख्तार अंसारी के खिलाफ चलने वाले मुकदमों की सुनवाई करने से ही मना कर दिया था यूपी मे तब भी कानून का ही राज था,,,,,,,

लेकिन जैसे ही उत्तर प्रदेश की कमान एक संन्यासी ने संभाली वैसे ही ये असहाय सी दिखने वाली यूपी पुलिस इन्हीं अपराधियों को कुत्ते की तरह घसीट घसीट कर थाने में लाने लगी,,,,,,

और सड़कों पर दौड़ा दौड़ा कर इनका इनकाउंटर करने लगी तथा यूपी को अपने बाप की जागीर समझने वाले अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे दुर्दांत आतंकी डर के मारे यूपी से हजारों किलोमीटर दूर जाकर जेलों में छुप कर बैठ गए,,,,,,

लाखों अपराधियों ने अपनी जमानत खाचिका खुद ही रद्द करा ली,

हजारों अपराधी गले में तख्ती लटका कर स्वयं आत्म समर्पण करने लगे लोगों की ह*त्या*एं करने लेने वाले गुंडों और माफियाओं का परिवार प्रेस कांफ्रेंस कर के सरकार से अपनी जान बख्श देने की गुहार करने लगे,,,,,,,

लेकिन यूपी के पूर्व CM के चाचा जान कह रहे है की "उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था एकदम ध्वस्त हो गई है,,,,,,,
इस बारे मे आपकी क्या राय है,,,,,,

23/02/2026

🤣🤣🤣🤣

22/02/2026

"चौकीदार" को सत्ता देने से क्या लाभ हुआ:...
इसे पढ़ कर समझें👇
ये कहानी शुरू होती है 2021 से भूषण पावर एंड स्टील के दिवालिया होने के बाद....।
पहले कंपनी दिवालिया घोषित होने के बाद आप उससे पैसा वसूल नहीं कर सकते थे, क्यूँकी हिन्दुस्तान में कोई ऐसा कानून ही नहीं था कि कोई दिवालिया हो गया हो तो उससे कर्ज कैसे वसूल किया जाए ? अब तक ऐसा ही चलता था।
2014 में आयी मोदी सरकार और बनाया गया.... NCLT (National Company Law Tribunal) यह बनने के बाद अब जो भी कंपनी दिवालिया होगी उसे NCLT में जाना ही पड़ेगा। वहां बोली लगेगी, कंपनी नीलाम की जाएगी और पैसे वसूल करके प्रोमोटर्स, (जैसे कि बैंकों) को दिए जायेंगे, जिससे बैंक्स का NPA बढ़ता न रहे।
भूषण पावर एंड स्टील और उसके मालिक संजय सिंघल की कंपनी १८ महीने पहले दिवालिया घोषित हो गई। इनके ऊपर PNB बैंक का 47,000 करोड़ रुपया बकाया था। नीलामी की बोली शुरू हो गई तो.... टाटास्टील, जिंदल और UK लिबर्टी हाउस ने बोली लगाई.....
अब NCLT कोर्ट से फैसला आना है कि किस कंपनी की बोली स्वीकार की गई है, फिर उसी कंपनी को bhushan पावर दे दिया जायेगा और बैंक का कर्ज भी चुकता किया जायेगा..
👉🏻इसका क्लाइमेक्स अब आया है, जब... भूषण स्टील एंड पावर के मालिक ने NCLT के सामने एक ऑफर रखा है कि ..... हम बैंकों का 47,000 करोड़ का कर्ज चुका देंगे, आप हमारी कंपनी नीलाम मत करिये।
अब जनता को ये सोचना है कि.... ऐसे कितने उद्योगपतियों ने बैंकों का पैसा खाकर और दिवालिए होकर ऐश काटी है,
खासतौर से पिछली एक खास परिवार की सरकारों के समय में।
अब उन्हें लोन चुकाना ही होगा, और ये सब मोदी सरकार के बनाये क़ानून और NCLT जैसी संस्था बनाने से संभव हुआ। इसीलिए मोदीजी कहते हैं कि....
"मैंने कांग्रेस के समय के loop holes (गड्ढे) भरे हैं"
तो बिल्कुल अतिश्योक्ति नहीं लगती है।
लगभग यही कहानी रुइया ब्रदर्स, एस्सार स्टील वालों की भी है। उनका भी बैंक कर्ज चुकाने का मन नहीं था, दिवालिए हो गए। NCLT में लक्ष्मी मित्तल, मित्तल स्टील्स ने बोली लगा रखी है पर अब....
रुइया ब्रदर्स के पास 54, 000 करोड़ आ गया है और विनती कर रहे हैं कि हमारी कंपनी को हम ही खरीद लेते हैं। उसे नीलम मत करो और 54, 000 करोड़ भी हमसे ले लो।
अब आये हैं ये ऊँट पहाड़ के नीचे। अब तक इन्होंने खुद भी खूब देश के पैसे पर ऐश की और अपने आकाओं (खानदानी सरकार यानी काँग्रेस) को भी ऐश कराई। कोई समस्या आई तो फिर उन्हें डर काहे का जब उनके सैंया भये कोतवाल। लेकिन अब ये 'चौकीदार' की सरकार है, और इसके एक आह्वान पर पूरे देश भर में चौकीदारों की लम्बी लाइन खड़ी हो चुकी है। ऐसे देशविरोधी तत्वों को अब डरना ही होगा।
ये है प्रधान चौकीदार मोदी को सत्ता देने का फायदा। निर्णय आपको करना है, कि अपने देश को लुटेरों को सौंपना है या चौकीदार को सौंपना है।
🤔🙏🙏🙏🙏

19/02/2026

*भारतीय सेना के जूते की दास्तान*

जयपुर की कंपनी सेना के लिए
जूते बनाती है,
फिर वह जूते इजराइल को बेचते थे,

फिर इजराइल वही जूते
भारत को बेचता था.
और फिर वे जूते भारतीय सैनिकों को
नसीब होते थे.

भारत एक नग जूते के
Rs. 25,000/- देता था,
और यही सिलसिला काँग्रेस द्वारा
कई सालों से चल रहा था.

जैसे ही पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को
यह पता चला, वो चौंके और
आग बबूला हो गए.
और तुरंत जयपुर कंपनी के
CEO को मिले, कारण पूछा, तो ...

जवाब मिला :
*भारत को डायरेक्ट जूते बेचने पर*
*भारत का सरकारी तंत्र सालों तक*
*पेमेंट नहीं देता था.*
इसलिए
हम दूसरे देशों में एक्सपोर्ट करने लगे.

मनोहर पर्रिकर ने कहा :
*एक दिन, सिर्फ एक दिन भी*
*पेमेंट लेट होता है, तो आप मुझे*
*तुरंत कॉल कीजिए.*
बस .... आपको हमें
डायरेक्ट जूते बेचना है,
आप प्राइस बताएं.

और इस तरह आखिर पर्रिकर ने
वही जूते सिर्फ *2200/-* में
फाइनल किया !!

सोचिए ... जूते के *25,000/-* देकर
काँग्रेस ने सालों तक
कितनी लूट मचा रखी थी !!
😡 ___________________

विश्वास नहीं हुआ ना ??
कोई बात नहीं.
RTI लगाइए या
Google खँगालिये.

😎 Google सर्च पर बस
इतना लिखिए 👇🏽
*भारतीय सेना के जूते की दास्तान*
सच सामने होगा.

😊🙏🏻🚩🇮🇳Jai Hind🇮🇳🚩🙏🏻😊 •┈┈┈•✦✿✦•┈┈┈•

Reply
17/02/2026

Reply

17/02/2026

दुनिया का सबसे छोटा संविधान चीन का है: कोई अपराधी बचता नहीं है।सबसे भारी भरकम संविधान भारत का है: कोई अपराधी फंसता नहीं है।
सरकारी राशन के दुकान पर भीड़ देखिये।हाथ में 20000 का मोबाइल लेकर 70000 के बाइक पर बैठकर 2 रुपये किलो चावल लेने आते है ये गरीब लोग।
जिस देश में नसबन्दी कराने वाले को सिर्फ़ 1500₹ मिलते हों और बच्चा पैदा होने पर 6000₹ मिलते हों तो जनसंख्या कैसे नियन्त्रित होगी?????
एक बादशाह ने गधों को क़तार में चलता देखा तो धोबी से पूछा, "ये कैसे सीधे चलते है..?"

धोबी ने जवाब दिया, "जो लाइन तोड़ता है उसे मैं सज़ा देता हूँ, बस इसलिये ये सीधे चलते हैं।"

बादशाह बोला, "मेरे मुल्क में अमन क़ायम कर सकते हो..?"
धोबी ने हामी भर ली।

धोबी शहर आया तो बादशाह ने उसे मुन्सिफ बना दिया, और एक चोर का मुक़दमा आ गया, धोबी ने कहा चोर का हाथ काट दो।

जल्लाद ने वज़ीर की तरफ देखा और धोबी के कान में
बोला, "ये वज़ीर साहब का ख़ास आदमी है।"

धोबी ने दोबारा कहा इसका हाथ काट दो, तो वज़ीर ने सरगोशी की कि ये अपना आदमी है ख़याल करो।

इस बार धोबी ने कहा, "चोर का हाथ और वज़ीर की ज़ुबान दोनों काट दो, और एक फैसले से ही मुल्क में अमन क़ायम हो गया…।

बिलकुल इसी न्याय की जरुरत हमारे देश को है ।
सरपंच की सैलरी 3000 से लेकर 5000 तक होती है समझ में नहीं आता है 2 साल बाद स्कॉर्पियो फॉर्च्यूनर कहा से ले आते हैं.....?

जज के कुर्सी से मात्र 5 मीटर की दूरी पर पेशकार 100-200 रूपये लेता है ज़िसे आजतक कोई जज नहीं देख सका।

भ्रष्टाचार मुक्त भारत?????
#भ्रष्टाचार

14/02/2026

It's true and amezing

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