03/03/2026
सऊदी अरब व कतर में मोसाद के एजेंट बम प्लांट करते हुए पकड़े गए है!विश्वस्त सूत्रों से पता चल चुका है कि सऊदी अरब की सबसे बड़ी रिफाइनरी पर ईरान ने नहीं इजरायल ने हमला किया था।
मोसाद के एजेंट गल्फ देशों के नागरिकों को ईरान के खिलाफ भड़काना चाह रहे है लेकिन नागरिक ईरान के समर्थन में खड़े हो रहे है।बहरीन में जनता ईरान के समर्थन में सड़कों पर उतरी है।
इजरायल ने अमेरिका को धोखे से इस युद्ध मे फंसाया है।अमेरिकी खुफिया अधिकारी व बड़े पत्रकार अब खुलकर इजरायली झूठ सामने रखने लगे है।ट्रम्प प्रेस कॉन्फ्रेंस बीच मे छोड़कर भाग गए है।
दरअसल इजरायल ने अमेरिका को विश्वास दिलाया था कि हमारे एजेंट्स ने सबकुछ तैयार कर दिया है।ईरान पर हमला करके शीर्ष नेतृत्व को खत्म करते ही ईरानी जनता बगावत करके हमारे साथ खड़ी हो जाएगी लेकिन ख़ामेनई की हत्या के बाद ईरानी जनता उल्टा अमेरिका- इजरायल के खिलाफ एकजुट होकर सड़कों पर उतर गई।
अब इजरायल खुद गल्फ देशों में मोसाद के एजेंटस के जरिये बम ब्लास्ट करने की कोशिश कर रहा है,खुद छुपकर इन देशों पर हमले करने की कोशिश में लगा है ताकि जनता को भड़काया जाएं जबकि ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों,अमेरिकी दूतावासों व कार्यलयों के अलावा कहीं भी कोई हमला नहीं किया है।
गल्फ देशों के आम नागरिकों को ईरान की तरफ से कोई डर नहीं है क्योंकि उनको पता है अमेरिकी ठिकानों के अलावे ईरान कहीँ कोई हमला नहीं कर रहा है।इसलिए गल्फ देशों में आम जनजीवन सामान्य है।छुपा खतरा इजरायल की तरफ से है उसके लिए खाड़ी देशों का प्रशासन सतर्क हो चुका है।
ईरान अगर एक सप्ताह इस युद्ध को खींचने में कामयाब हो जाता है तो अमेरिका में जनता ट्रम्प के खिलाफ बगावत पर उतर जाएगी।अभी भी सीएनएन के सर्वे में 59% अमेरिकी ईरान पर हमले के खिलाफ है।फिर इजरायल का लभढेन भोज्यम तय है! Copy paste