02/01/2026
कितने #प्रकार की #रोटियां कैसे और कब किस #रोटी का #आहार ले जानिए #बीमारी #अनुसार।।
1️⃣ #मधुमेह ( #डायबिटीज)
खाएँ: ज्वार, बाजरा, जौ, रागी की रोटी
लाभ: कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स, शुगर धीरे बढ़ती है
बचें: मैदा व बहुत मुलायम गेहूं की रोटी
2️⃣ #मोटापा
खाएँ: जौ, ज्वार, बाजरा, ओट्स की रोटी
लाभ: अधिक फाइबर, देर तक पेट भरा रहता है
बचें: मैदा, घी-मक्खन लगी रोटियाँ
3️⃣ #कब्ज
खाएँ: गेहूं (चोकर सहित), ज्वार, बाजरा की रोटी
लाभ: आँतों की गति सुधरती है
साथ में: पर्याप्त पानी
4️⃣ #हृदय रोग
खाएँ: ज्वार, जौ, ओट्स, रागी की रोटी
लाभ: #कोलेस्ट्रॉल घटाने में सहायक
बचें: #रिफाइंड आटा
5️⃣ #उच्च #रक्तचाप
खाएँ: ज्वार, बाजरा, रागी की रोटी
लाभ: पोटैशियम व फाइबर से रक्तचाप संतुलन
बचें: बहुत नमक वाली रोटियाँ
6️⃣ #एनीमिया ( #खून की कमी)
खाएँ: बाजरा, रागी, चना आटा की रोटी
लाभ: आयरन की अच्छी मात्रा
साथ में: विटामिन-C युक्त भोजन
7️⃣ #थायरॉइड
खाएँ: ज्वार, बाजरा, रागी की रोटी
लाभ: पोषक तत्व संतुलित
बचें: अत्यधिक मैदा
8️⃣ #कमजोरी व #कुपोषण
खाएँ: गेहूं, चना आटा मिश्रित रोटी
लाभ: प्रोटीन व ऊर्जा में वृद्धि
9️⃣ पेट की गैस/ #अम्लता
खाएँ: जौ, रागी की हल्की रोटी
बचें: बहुत मोटी व अधपकी रोटियाँ
🔟 #बच्चों व वृद्धों के लिए
खाएँ: नरम गेहूं या जौ की रोटी
लाभ: पचने में आसान