25/05/2026
नई दिल्ली में आयोजित भव्य “जनजाति सांस्कृतिक समागम” में सांसद कलाबेन डेलकर की सहभागिता।
लाल किला मैदान में 2.5 लाख से अधिक जनजातीय समाज के लोगों की ऐतिहासिक उपस्थिति, माननीय गृह मंत्री श्री अमित भाई शाह जी रहे मुख्य अतिथि।*
दिनांक 24 मई को नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित भव्य “जनजाति सांस्कृतिक समागम” में दादरा एवं नगर हवेली की माननीय सांसद श्रीमती कलाबेन डेलकर जी ने सहभागिता की। इस अवसर पर देश के माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
जनजाति सुरक्षा मंच एवं जनजाति जागृति समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विशाल सांस्कृतिक समागम में देशभर से लगभग 2.5 लाख जनजातीय समाज के लोग तथा 500 से अधिक जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम से पूर्व दिल्ली के विभिन्न प्रमुख स्थानों से विशाल जनजातीय यात्राएं एवं सांस्कृतिक रैलियां निकाली गईं, जो राजधानी के प्रमुख मार्गों एवं ऐतिहासिक स्थलों से गुजरते हुए लाल किला मैदान में एकत्रित हुईं। इन यात्राओं में पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्ययंत्र, सांस्कृतिक झांकियां एवं जनजातीय कला की अद्भुत झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समाज की आस्था, संस्कृति, परंपरा एवं गौरवशाली विरासत के संरक्षण और संवर्धन के साथ-साथ समाज में जागरूकता एवं एकता को सशक्त करना रहा। कार्यक्रम के दौरान जनजातीय समाज की सांस्कृतिक अस्मिता, धर्मांतरण जैसी चुनौतियों की रोकथाम, समाज की परंपराओं एवं मूल्यों की रक्षा तथा राष्ट्र निर्माण एवं देश के विकास में जनजातीय समाज की महत्वपूर्ण भूमिका जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जनजातीय समाज के इतिहास, संघर्ष, बलिदान एवं सांस्कृतिक गौरव को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर प्रस्तुत पारंपरिक लोकनृत्य, गीत-संगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भारत की विविध जनजातीय परंपराओं की समृद्ध झलक प्रस्तुत कर सभी उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
माननीय सांसद श्रीमती कलाबेन डेलकर जी ने कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न जनजातीय प्रतिनिधियों एवं समाज के लोगों से संवाद कर उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।
यह आयोजन जनजातीय अस्मिता, सांस्कृतिक गौरव, सामाजिक एकता एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सशक्त करने वाला एक प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक आयोजन सिद्ध हुआ।