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13/07/2025
शिकायत तो सूरज से भी होती हैजिस #सूरज #शिकायत  #जरूरतजिस सूरज का सर्दियों में इंतजार होता है उसी का गर्मियों में तिरस्का...
05/12/2024

शिकायत तो सूरज से भी होती है
जिस
#सूरज
#शिकायत
#जरूरत
जिस सूरज का सर्दियों में इंतजार होता है उसी का गर्मियों में तिरस्कार होता है
संसार जरूरत के नियम पर चलता है आपकी कीमत तब होगी जब आपकी जरूरत होगी

घर में सुख शांति के लिएइस अगहन अमावस्या और शनिवार का योग 30 नवंबर को:पितरों के लिए धूप-ध्यान के साथ ही शनिदेव के लिए भी ...
28/11/2024

घर में सुख शांति के लिए
इस अगहन अमावस्या और शनिवार का योग 30 नवंबर को:पितरों के लिए धूप-ध्यान के साथ ही शनिदेव के लिए भी करें तेल और काले तिल का दान

इस साल अगहन अमावस्या दो दिन शनिवार (30 नवंबर) और रविवार (1 दिसंबर) को रहेगी। शनिवार और अमावस्या के योग में पितरों के लिए धूप-ध्यान करने के साथ ही शनि देव के लिए विशेष पूजा और दान-पुण्य करना चाहिए। इस बार अगहन मास की अमावस्या की तारीख को लेकर पंचांग भेद हैं, क्योंकि ये तिथि 30 नवंबर और 1 दिसंबर यानी दो दिन रहेगी। अमावस्या की शुरुआत 30 नवंबर की सुबह करीब 9.30 बजे होगी, ये तिथि 1 दिसंबर की सुबह करीब 11 बजे तक रहेगी।

शनिवार के आने वाली अमावस्या का महत्व काफी अधिक रहता है, इस दिन पितरों के लिए धूप-ध्यान करने के साथ ही शनि देव के लिए भी विशेष धर्म-कर्म किए जाते हैं तो कुंडली के शनि दोषों का असर कम हो सकता है। जानिए इस दिन कौन-कौन से धर्म-कर्म किए जा सकते हैं...

शनिदेव का सरसों के तेल से अभिषेक करने की परंपरा है। इसलिए शनिवार को सरसों के तेल से शनि प्रतिमा का अभिषेक करें। तेल में काले तिल भी डाल लेंगे तो बहुत शुभ रहेगा। तेल चढ़ाने के बाद शनि भगवान को काले-नीले वस्त्र और नीले फूल चढ़ाना चाहिए। ऊँ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जप करना चाहिए।
शनिवार और अमावस्या के योग में जरूरतमंद लोगों को सरसों का तेल, काले तिल, कपड़े, कंबल, जूते-चप्पल का दान करें। अभी ठंड का समय है तो ऊनी वस्त्रों का दान करना ज्यादा अच्छा रहता है।
मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। इसलिए शनिवार को हनुमान जी के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
रविवार और अमावस्या के योग में कर सकते हैं ये शुभ काम

रविवार को भी अमावस्या तिथि है, इसलिए इस दिन सुबह-सुबह सूर्य को जल चढ़ाएं। सूर्य को जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे का इस्तेमाल करना चाहिए। लोटे में जल भरें और जल में चावल, कुमकुम, फूल डालें। इसके बाद सूर्य मंत्र ऊँ सूर्याय नम: का जप करते हुए सूर्य को जल अर्पित करें। सूर्य को जल चढ़ाने के बाद गुड़ और तांबे के लोटे का दान करना चाहिए।

महालक्ष्मी का विष्णु जी के साथ करें अभिषेक

अमावस्या पर महालक्ष्मी और भगवान विष्णु का भी अभिषेक करना चाहिए। अमावस्या पर ही देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थीं, इस वजह से इस तिथि पर देवी लक्ष्मी का विष्णु जी के

अब औरों से नहीं खुद से उम्मीद करते हैं
28/11/2024

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Man ki baat
26/11/2024

Man ki baat

धीरेन का रिजल्ट उसके हाथों में था। क्लास में  अव्वल आने के लिए जितने मार्क्स चाहिए उतने उसको मिले थे लेकिन उसके चेहरे से...
25/11/2024

धीरेन का रिजल्ट उसके हाथों में था। क्लास में अव्वल आने के लिए जितने मार्क्स चाहिए उतने उसको मिले थे लेकिन उसके चेहरे से वह खुशी गायब थी जो अव्वल आने पर होती है! उसे समझ में नहीं आ रहा था आर्यन को हराने के बावजूद वह खुश क्यों नहीं हो पा रहा है? आखिर यही तो वह चाहता था!

आर्यन और धीरेन एक ही क्लास में पढ़ाई करते थे। जहां आर्यन बहुत मेहनती, शांत और समझदार बच्चा था वही धीरेन को पढ़ाई में बिल्कुल मन नहीं लगता था। उसे हर वक्त कोई ना कोई शरारत सुझती थी। वह हमेशा कुछ ना कुछ करके आर्यन को परेशान करता रहता था।

उसे लगता था अगर आर्यन को किसी तरह पढ़ाई से दूर रखा जाए और परेशान किया जाए तो वह भी अच्छे नंबर नहीं ला पाएगा और इस तरह वह भी उसकी तरह ही कम नंबर आने वाले लड़कों में शामिल हो जाएगा।

अपनी इस शरारती सोच को सच करने के लिए धीरेन आए दिन कुछ ना कुछ गड़बड़ियां कर आर्यन को मुसीबत में डाल देता। एक बार उसने आर्यन की होमवर्क की हुई नोटबुक उसके बसते से निकाल ली ताकि जब टीचर उससे होमवर्क मांगे तो वह असहज हो जाए और उसे डांट खानी पड़े। हुआ भी उसी के अनुसार उस दिन टीचर ने होमवर्क ना करने के लिए आर्यन को बहुत डांट लगाई।

यह डांट जैसे धीरेन को अपना जीता हुआ कोई मेडल मालूम हो रही थी! वह आर्यन को परेशानि में डालकर मंद मंद मुस्कुरा रहा था। लेकिन आर्यन इतनी जल्दी हार मानने वालों में से नहीं था। वह तुरंत इस घटना को भूल गया और फिर से अपने अभ्यास में लग गया।

लेकिन धीरेन को चैन कहां पड़ने वाला था? वह भी लगातार अपनी शरारतें और आर्यन के खिलाफ शैतानियां करने से पीछे नहीं हटता था। कभी उसका बस्ता छुपा देता, कभी उसका टिफिन खा लेता, कभी उसके जूते फेंक देता और पता नहीं क्या-क्या करके वह आर्यन को हमेशा ऐसी सिचुएशन में डालने का प्रयास करता जिससे उसका ध्यान पढ़ाई से भटक जाए।

इन शेतानियो में अब क्लास के बाकी के शैतान बच्चे भी उसका साथ देते । उन्हें धीरेन को आर्यन के खिलाफ उकसाने में बड़ा मजा आता। दूसरी तरफ आर्यन के ग्रुप के समझदार और पढ़ाकू बच्चे उसे पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित करते।

आर्यन इतनी सारी मुसीबतों के बावजूद अपनी पढ़ाई किसी तरह पूरी कर ही लेता और हमेशा अपने क्लास में अव्वल आता। धीरेन के मन में पढ़ाई ना कर पाने के कारण और आर्यन के हमेशा अच्छे नंबर आने के कारण हीन भावना बढ़ने लगी थी। वह कुछ भी करके आर्यन को हराना चाहता था, पीछे छोड़ना चाहता था।

जल्द ही परीक्षा का समय आ गया। धीरेन के बदमाश दोस्तों में से एक ने उसे परीक्षा में पूछा जाने वाला पेपर लाकर दिया। धीरेन की आंखों में चमक आ गई, उसने सोचा अब वह आर्यन को जरूर पीछे छोड़ देगा। और हुआ भी कुछ वैसा ही क्योंकि वही पेपर परीक्षा में पूछा गया था जिसके उत्तर जिले में अच्छे से तैयार कर लिए थे।

रिजल्ट के दिन सभी विषयों में हायेस्ट मार्क्स के साथ धीरेन क्लास में अव्वल आया था। आर्यन अव्वल ना आने पर थोड़ा सा निराश जरूर था लेकिन दुखी नहीं। वह धीरेन के पास आया ,उसे क्लास में प्रथम आने पर खूब सारी बधाई दी और उसे गले से लगा लिया।

आर्यन का यह बर्ताव धीरेन की एस्पेक्टेशन से बिल्कुल परे था। हमेशा आर्यन को परेशान करने के बाद और हमेशा उसका बुरा सोचने के बाद भी आर्यन ने जब उसे गले से लगाया और उसे बधाई दि तब आर्यन की अच्छाइयों ने धीरेन के जमीर को पूरी तरह से झकझोर दिया। उसे अपना हर वह बुरा बर्ताव याद आया जो उसने कभी आर्यन के साथ किया था और अब उसे अंदर ही अंदर उसका पछतावा होने लगा।

वर्ग शिक्षक ने सभी टॉप के विद्यार्थियों को बधाई दी और अव्वल आए धीरेन को अपने पास बुलाया। जब शिक्षक उसकी तारीफ करने लगे तो धीरेन बीच में ही उन्हें रोककर बोल पड़ा। सर दरअसल में अव्वल नहीं आया अव्वल आया है आर्यन क्योंकि मैंने चीटिंग की है। पश्चाताप की आग में जल रहे धीरे ने यह जानते हुए भी कि उसके कबूल करने पर उसे स्कूल से भी निकाला जा सकता है फिर भी उसने सच्चाई कबूल कर ली। वो अपने किए पर रोने लगा।

क्लास के सबसे शरारती लड़के को इस तरह टूटता देख पूरा क्लास शांत हो गया आर्यन धीरेन के पास आया और उसका हाथ पकड़ के उसे सांत्वना देने लगा। वर्ग के शिक्षक में और बाद में प्रिंसिपल ने भी उसके पछतावे को समझा और उसको दूसरी बार परीक्षा देने का मौका दिया।

दोस्तों, छोटी सी यह कहानी हमें सिखाती है की सच्ची खुशी के लिए सच्चाई का रास्ता भी उतना ही जरूरी है। बेईमानी से, किसी का हक छीन कर, बिना मेहनत के मिलने वाली खुशी सिर्फ नाम की होती है। जब हम मेहनत करके, इमानदारी से जीत हासिल करते है और उससे जो खुशी मिलती है वही सच्ची खुशी होती है।

क्या होगा यदि पति बाजार में मिल जाए तो ऐसी ही एक कहानी के साथ उम्मीद है आप इसमें कुछ अनुभव करेंगेएक बार एक बड़े शहर में ...
30/10/2024

क्या होगा यदि पति बाजार में मिल जाए तो ऐसी ही एक कहानी के साथ उम्मीद है आप इसमें कुछ अनुभव करेंगे

एक बार एक बड़े शहर में दूल्हों को बेचने वाला एक स्टोर खुला जहाँ कोई भी महिला जो अपने लिए दूल्हा तलास रही हो वो कई पुरुषों में से एक को अपने पति के रूप में चुनने के लिए जा सकती थी।

ये दूल्हास्टोर 6 मंजिलों से बना था, और जैसे-जैसे खरीदार एक एक मंजिल उपर में चढ़ता , दूल्हों की विशेषताओं में वृद्धि होती यानी हर एक मंजिल के बढ़ने के पहले से बेहतर दूल्हे वहा मिलते।

हालाँकि, इस शॉप की एक शर्त थी जिसे हर महिला को माननी अनिवार्य थी। शर्त के मुताबिक जब आप किसी भी मंजिल का दरवाजा खोलते हैं तो आप उस मंजिल से एक आदमी को चुन सकते हैं, लेकिन अगर आप एक मंजिल पर जाते हैं, तो आप इमारत से बाहर निकलने के अलावा वापस नीचे नहीं जा सकते।

तो एक महिला पति की तलाश में इस शॉप जाती है।

पहली मंजिल पर दरवाजे पर लिखा है: मंजिल 1 - इन लोगों के पास नौकरी है। वह महिला संकेत पढ़ती है और खुद से कहती है, "ठीक है, यह मेरे पिछले प्रेमी से बेहतर है, लेकिन मुझे जानना है कि आगे क्या होगा?" तो वह ऊपर जाती है।

दूसरी मंजिल का बोर्ड पढ़ती है: मंजिल 2 - इन पुरुषों के पास नौकरी है और बच्चों से प्यार करते है। महिला खुद से टिप्पणी करती है, "यह बहुत अच्छा है, लेकिन मुझे जानना है कि आगे क्या हो रहा है?" और ऊपर वह फिर से जाती है।

तीसरी मंजिल पर लिखा होता है: मंजिल 3 - ये लोग नौकरी करते हैं, बच्चों से प्यार करते हैं और बेहद अच्छे दिखते हैं। "हम्म, बेहतर" वह कहती हैं। "लेकिन मुझे जानना है कि ऊपर क्या है?"

वो चौथी मंजिल पर जाती है और बोर्ड पढ़ती है: मंजिल 4 - ये लोग नौकरी करते हैं, बच्चों से प्यार करते हैं, बहुत अच्छे दिखते हैं और घर के काम में मदद करते हैं।

"बहुत खूब!" महिला ने कहा, "बहुत लुभावना। लेकिन, और भी बहुत कुछ होना चाहिए!" और फिर से वह एक और मंजिल चड़ती है। पाँचवीं मंजिल का बोर्ड पढ़ती है: मंजिल 5 - इन लोगों के पास नौकरी है, बच्चों से प्यार है, बहुत अच्छे दिखने वाले हैं, घर के काम में मदद करते हैं और काफी रोमांटिक स्वभाव के हैं।

महिला सोचती है "अरे वाह, क्या बात है ! लेकिन जरा सोचिए...5 वी मंजिल पर इतना सब है तो आगे मेरा क्या इंतजार कर रहा होगा?" तो फिर वह छठी मंजिल तक जाती है।

छठी मंजिल का बोर्ड पढ़ती है: मंजिल 6 - आप इस मंजिल पर

23/10/2024

सिलाई मशीन कैसे सिलाई करती है इसकी जिज्ञासा मेरे मन में काफी दिनों से थी
इस वीडियो को देखने के बाद जिज्ञासा शांत हुई
आप भी देखें और अपने दोस्तों बच्चों को दिखाएं

सभी फॉलोवर्स का बहुत बहुत धन्यवाद देने के साथ ही आप के लिए एक रोचक वीडियो प्रस्तुत कर रहा हूं उम्मीद करता हु कि आपको पसंद आएगी आप सभी से विनम्र निवेदन है वीडियो पूरा देखकर हमारा उत्साह वर्धन करें व अपने मूल्यवान सुझाव दें।
धन्यवाद...

12/10/2024

Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! Santosh Kumar, Rajesh Kumar Rajak, Aslam Aslam, Aman Nanda, Ritesh Kumar, Anil Ram, Dabbu Dabbu, Avdhesh Kumar, Wseek Khan, Shankar Saw, Jaikumar Yadv

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