यू रावण के पुतले को फूकने से क्या होगा जब तक ऐसी विचारधारा के लोग हमारे समाज में हैं जो अपने अनैतिक कृत्यों से अपने आसपास पड़ोसियों को निरंतर आहत करने का प्रयास करते रहते हैं जब तक ऐसी विचारधारा जिवीत है हमारे समाज में है रावण का अस्तित्व यूं ही बरकरार रहेगा।
देखिए वीडियो में हमारे पड़ोसी राजाराम दुबे व उनके साथ पुत्रों के द्वारा किस तरह अत्याचार कीया जा रहा है हमारे घर के ठीक बगल मे मेरी जमीन पर जबरन वृक्षारोपण करके हमारे कच्चे के मकान को निरंतर गिराने का प्रयास किया जा रहा है।
और हमारे परिवार को निरंतर आहत करने के लिए तरह तरह से प्रयासरत है देखिए सागौन के वृक्ष किस हद तक हमारे मकान को प्रभावित किए हैं और इससे किस हद तक मेरा मकान प्रभावित होगा आप सहज ही समझ सकते हैं इतने घने वृक्षों में तरह-तरह के जीव जंतु कीड़े मकोड़े हर हमेशा घर में दरवाजे पर आगन में गिरते रहत
सिंगरौली
बैढ़न प्लाजा के पास अज्ञात कारण से लगी भीषण आग
दुकान का सामान जलकर हुआ खाक
मुज़फ़्फ़रनगर में रावण ने चलाये अग्निबाण 😀😀😀
मध्यप्रदेश के झाबुआ में रक्षाबंधन वाले दिन एक महिला के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद शर्मनाक, मानवीयता व इंसानियत को तार-तार करने वाला…
पता नहीं शिवराज सरकार में इस तरह का कृत्य करने वालों व क़ानून हाथ में लेने वालों के हौसले क्यों बुलंद है ?
इस पूरे मामले की जाँच कर दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो।
सिंगरौली की सब -डिवीजन मैजिस्ट्रेट एवं डिप्टी कलेक्टर सम्पदा सराफ सोनी टीवी के चर्चित शो "कौन बनेगा करोड़पति" में बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के सामने बैठी हॉट सीट पर... शो का प्रोमो हुआ रिलीज़...सम्पदा के आगे झुके महानायक!!
आम आदमी पार्टी प्रदेश अध्यक्ष पंकज सिंह
भाजपा को वोट करने से पहले एक बार जरूर सूने
प्रण तोड़, सुदर्शन उठा, कृष्ण भीष्म को ललकारे।
सर झुका भीष्म हंसे, गोविंद मैं जीता तुम हारे।
वाह केशव, धिक्कार, प्रण को तोड़ दिया क्षण में।
बात में औकात नहीं, बात छोड़ दिया इस रण में।
मुझको देखो, जीवन में, पग पग रण लड़ता रहा।
प्रण नहीं छोड़ा मैंने,जीवन भर संघर्ष करता रहा।
भला वह मानव, मानव कैसा,जिसको बात की परवाह नहीं।
आज करे प्रण कल तोड़े, क्या तुमको इज्जत की चाह नहीं।
कृष्ण हंसे और बोले, यही तो अंतर हममें तुममें।
तुम बचनो के बंदी हो, कर्म बाध्यता है हममें।
तुमको अपनी इज्जत प्यारी, मुझे सारा समाज ये प्यारा है।
धर्म रक्षा हित मुझको, सैकड़ों कलंक गवारा है।
लोग कहेंगे कृष्ण ने प्रण करके, अपना प्रण ही तोड़ दिया।
लोग हंसेंगे मुझ पर मैंने, मर्यादा जो छोड़ दिया।
कहने दो, हंसने दो, समाज का तो भला होगा।
धर्म बढ़ेगा, अधर्म घटेगा, समाज में तो सुख होगा।
हे भीष्म सुन लो कान खोलकर, यह य
आम आदमी जिन्दाबाद
एक बार जरूर देखे