17/08/2026
#निवाड़ी: झांसी-खजुराहो हाईवे पर प्रतापपुरा के पास नाराई चौकी स्थित चेकिंग पॉइंट एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 14-15 अगस्त की दरमियानी रात चेकिंग के दौरान ट्रक को रोकने के प्रयास में तेज रफ्तार दूसरी गाड़ी से भिड़ंत हो गई। हादसे में वाहन क्षतिग्रस्त हुए। आरोप है कि हादसे के बाद RTO का अमला मौके से चला गया।
इस हादसे ने करीब एक महीने पहले ' ' की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आए सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। उस दौरान एक ट्रक ड्राइवर ने आरोप लगाया था कि RTO अमला अचानक ट्रक के सामने बैरिकेडिंग लगाकर वाहन रोकता है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। इसी ग्राउंड रिपोर्ट में चेकिंग के नाम पर कथित अवैध वसूली के आरोप भी LIVE कैमरे पर सामने आए थे। मार्च में 'ब्रेकिंग न्यूज़ वाला' ने RTO की कथित गुलाबी पर्ची को लेकर खबर की थी। जुलाई में दोबारा ग्राउंड रिपोर्ट करने पर पर्ची का रंग गुलाबी से नीला मिला, लेकिन आरोप था कि कथित वसूली की व्यवस्था जारी है। इन आरोपों के बावजूद प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर भी सवाल उठे।
जुलाई में जब टीम ने मौके पर मौजूद RTO कर्मचारियों से सवाल-जवाब किए तो कर्मचारियों ने टीम पर बदतमीजी के आरोप लगाए और पुलिस में आवेदन दिया। इसके बाद भी चेकिंग पॉइंट की कार्यप्रणाली पर कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई। अब उसी स्थान पर दोबारा हादसा होने से सवाल खड़े हो रहे हैं कि हाईवे पर चेकिंग के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए? क्या वाहनों को रोकने के लिए लगाई जा रही बैरिकेडिंग सुरक्षित है? हादसे के बाद चेकिंग अमला मौके पर क्यों नहीं रहा?
मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब सवाल है कि जिला प्रशासन और परिवहन विभाग चेकिंग पॉइंट की पूरी व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराएगा या नहीं। खासकर यह कि हादसे के समय वाहन रोकने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं और मौके पर मौजूद RTO अमले की क्या भूमिका थी।