pramod Kumar kushwaha

pramod Kumar kushwaha हक और अधिकार की आवाज

बहुत रोचक साथ में सच्चाई बहुजन नेता मा. बाबू सिंह कुशवाहा जी की कार्य शैली से जुडा एक दिलचस्प किस्सा :👇रात 3 बजे सचिवालय...
24/12/2025

बहुत रोचक साथ में सच्चाई

बहुजन नेता मा. बाबू सिंह कुशवाहा जी की कार्य शैली से जुडा एक दिलचस्प किस्सा :👇

रात 3 बजे सचिवालय में बाबू सिंह ने 22 अफसरों की क्लास ली थी – 28 दिसंबर 2010”लखनऊ, सचिवालय (एन्नेक्सी बिल्डिंग)

बाबू सिंह कुशवाहा जी अपने सरकारी आवास (4 कालिदास मार्ग) से अचानक निकले। सिर्फ़ एक गाड़ी, ड्राइवर + PA कोई सायरन नहीं, कोई काफिला नहीं , देर रात सचिवालय के गेट पर पहुँचे।

तब लाल मंत्री के लिए लाल बत्ती का कल्चर हुआ करता था !!

गार्ड ने सलाम मारा तो बाबू जी बोले –
“सभी विभागों के सेक्शन ऑफिसर और ऊपर वाले अफसरों को अभी बुलाओ 15 मिनट में जो न आए, उसका नाम लिख लो !!"

फोन घनघना उठे.....

देर रात आनन फानन में 22 अफसर (कुछ तो पायजामा-स्वेटर में) हाँफते हुए पहुंचे। बाबू सिंह कुशवाहा जी कमरा नंबर 310 (उनका अपना कक्ष) में बैठे थे।

टेबल पर सिर्फ़ एक फाइल थी –“बुंदेलखंड सूखा राहत पैकेज”

बिना किसी इंट्रो के बोले:“ये फाइल 83 दिन से घूम रही है 22 अफसरों के पास गई ,हर एक ने 3-7 दिन तक रोकी।

कुल राशि : 187 करोड़ रुपये
इन पैसों से 42,000 किसानों को तालाब खोदने,
18,000 को पशु चारा और 9,000 को बीज खरीदना था
आज तक एक पैसा भी नहीं पहुँचा।

अब मैं पूछता हूँ – "जवाब कौन देगा?”

फिर एक-एक करके नाम पुकारने लगे......

“अशोक यादव – तुमने 9 दिन क्यों रोकी?”
अफसर ने कहा, “सर, फाइनेंस से क्लीयरेंस…”
बाबू सिंह ने बीच में टोका – “फाइनेंसर को मैंने खुद फोन किया था 11 दिसंबर को, तुमने भेजी ही नहीं।”
“राकेश मिश्रा – तुमने नोटिंग लिखी कि ‘पुनः परीक्षण करें’ , क्यों?”
अफसर -चुप

15 मिनट में सबकी बोलती बंद।
फिर बाबू सिंह कुशवाहा जी ने फाइनेंस सेक्रेटरी को फोन लगाया और बोले –
“187 करोड़ का चेक सुबह 8 बजे तक बंडेलखंड कमिश्नर के नाम जारी हो जाना चाहिए। नहीं तो आपका भी ट्रांसफर तैयार रखूँगा।”

फोन रखा और 22 अफसरों से बोले –
“अब यहाँ से जाइए और सुबह 10 बजे तक पूरी फाइल क्लियर करके मेरे टेबल पर रखिए जो न आए, उसका इस्तीफा माना जाएगा।"

अगली सुबह 9:55 पर फाइल क्लियर होकर उनके टेबल पर थी.....

30 दिसंबर 2010 तक 187 करोड़ में से 172 करोड़ बुंदेलखंड के खातों में पहुँच गए।

ये बात उस दौर की है जब हमारे बहुजन नेता बाबू सिंह कुशवाहा जी को मिनी मुख्यमंत्री के तौर पर राजनीति गलियारो मे जाना जाता था !!


मॉरीशस में फिर बजा बिहार के कुशवाहा "नवीन रामगुलाम कुशवाहा" जी का डंका।मॉरीशस के नेशनल एसेंबली के कुल 62 सीटों में से "न...
16/12/2025

मॉरीशस में फिर बजा बिहार के कुशवाहा "नवीन रामगुलाम कुशवाहा" जी का डंका।

मॉरीशस के नेशनल एसेंबली के कुल 62 सीटों में से "नवीन रामगुलाम" के गठबंधन "एलायंस डू चेंजमेंट" ने 60 सीटें जीतकर सबसे बड़ा गठबंधन बनकर उभरा है।

सर "नवीन रामगुलाम" मूलतः बिहार के भोजपुर के हरीगांव के कुशवाहा (कोइरी) परिवार में जन्में पिता शिवसागर रामगुलाम, जिनका ब्रिटिश हुकूमत में मॉरीशस की आजादी में मुख्य भूमिका रही थी तथा उन्हें मॉरीशस का राष्ट्रपिता भी कहा जाता है और आज मॉरीशस की राष्ट्रीय भाषा भी भोजपुरी ही है।

इस अजेय बहुमत की जीत के लिए मॉरीशस के प्रधानमंत्री "सर नवीन रामगुलाम कुशवाहा जी" को भारतीयों की तरफ से अनंत शुभकामनाओं के साथ बहुत बहुत बधाई देते हैं।
🌹🌹❤❤🇮🇳🇮🇳

16/12/2025
योग्य इंसान का चयन होना चाहिए
27/10/2025

योग्य इंसान का चयन होना चाहिए

26/10/2025

भारत के बहुजनो का एक भगवान लार्ड मैकाले भी
----------------------------------
जिसका जन्म 25 अक्टूबर सन् 1800 ईस्वी को इंग्लैण्ड के लेस्टरशायर नामक स्थान पर हुआ था। लार्ड मैकाले अंग्रेजी के प्रकाण्ड विद्वान, समर्थक एवं सफल नीति निर्धारक थे।
ब्रिटिश सरकार ने चार्टर ऐक्ट 1833 के अनुसार भारत के लिये प्रथम विधि आयोग गठन किया, जिसके अध्यक्ष बने लॅार्ड मैकाले और 10 जून 1834 को भारत में पहुंचे।
#मनुस्मृति_विधान_का_दफन
06अक्टूबर1860 को लॅार्ड मैकाले द्वारा लिखी गई "भारतीय दण्ड संहिता" (Indian Panel Code) लागू हुई| IPC लागू होने पर कानूनी रूप से ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र सभी बराबर हो गए और मनुस्मृति का वर्णभेद,अमानवीय काला कानून खत्म हुआ या यों कहिए कि 06अक्टूबर1860 को ही मनुस्मृति विधान का दफन हो गया।
#प्राचीन_गुरुकुल_शिक्षा_पद्धति
एवं #लार्ड_मैकाले_की_आधुनिक_शिक्षा_पद्धति का तुलनात्मक अध्ययन
#प्राचीन_गुरुकुल_शिक्षा_पद्धति
1. #पाठ्यक्रम -
क) #ब्राह्मणों_के_लिए_शास्त्र
प्राचीन भारतीय धर्मग्रन्थ -वेद, पुराण, उपनिषद्, ब्राह्मण, रामायण, महाभारत, पूजापाठ, कर्मकाण्ड, तंत्र-मंत्र, ज्योतिष, संस्कृत साहित्य, व्रत, त्योहार, तीर्थ यात्रा,देवी-देवताओं की कहानियां आदि।
ख) #क्षत्रियों_के_लिए_शस्त्र-
तीर-धनुष, तलवार, भाला, गद्दा, मल्लयुद्ध आदि।
2. #शिक्षा_का_माध्यम
एकमात्र भाषा संस्कृत थी।
3. #शिक्षक
एकमात्र ब्राह्मण पुरूष शिक्षक हुआ करते थे।
4. #विद्यालय_पोशाक
गुरुकुल के सभी विद्यार्थियों के लिए धोती-कुर्ता पहनना जरूरी था। सिर पर बाल रखने की मनाही थी।
5. #शिक्षार्थी
गुरुकुल में शिक्षा पाने के अधिकारी केवल ब्राह्मण और बाद में क्षत्रियों को भी सामिल कर लिया गया था। गुरुकुलों में प्रवेश से पूर्व छात्रों का यज्ञोपवीत संस्कार अनिवार्य था। गुरुकुल शिक्षा में तर्क का कोई स्थान नहीं था। तर्क करने वाले को नास्तिक करार कर गुरुकुल से बाहर निकाल दिया जाता था।
#लार्ड_मैकाले_की_आधुनिक_शिक्षा_पद्धति
ब्रिटिश गवर्नर जनरल लार्ड विलियम बैंटिंक द्वारा गठित सार्वजनिक शिक्षा समिति के अध्यक्ष के रूप में लार्ड मैकाले ने ब्रिटिश सरकार द्वारा 07 मार्च 1835 को अनुमोदित आधुनिक शिक्षा पद्धति की नींव रखी।
1. #पाठ्यक्रम -
इसमें विश्व अंग्रेजी एवं अनुदित साहित्य, इतिहास, कला, भूगोल, भाषा-विज्ञान, विज्ञान, चिकित्सा, प्रबन्धन और अनेक आधुनिक पाठ्यक्रम शामिल था।
2. #शिक्षा_का_माध्यम
लार्ड मैकाले की आधुनिक शिक्षा पद्धति में शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी एवं राज्य भाषाएं थीं।
3. #शिक्षक
हर जाति व धर्म का व्यक्ति शिक्षक बन सकता था जो विषय विशेषज्ञ होता था।
4. #शिक्षार्थी
लार्ड मैकाले की आधुनिक शिक्षा पद्धति में प्रत्येक जाति, धर्म एवं वर्ण के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर सकते थे। जाति धर्म के नाम पर किसी भी प्रकार की मनाही नहीं थी। इसके पश्चात भी सामाजिक डर और धन की कमी के कारण बहुसंख्यक बहुजन शिक्षा नहीं ग्रहण कर पा रहे थे।
4. #विद्यालय_पोशाक
लार्ड मैकाले की आधुनिक शिक्षा पद्धति में विद्यार्थियों के लिए विद्यालय पोशाक हाफ पेंट, फुल पैंट, शर्ट आदि लागू था।
#ब्राह्मण_एकाधिकार_का_अंत
लार्ड मैकाले भारत के बहुजनों के लिए किसी फरिस्ते से कम नहीं थे। वे हजारों साल से शिक्षा के अधिकार से वंचित बहुजन समाज के लिए मुक्ति दूत बनकर भारत आये। उन्होंने शिक्षा पर पुरोहित वर्ग के एकाधिकार को समाप्त कर सभी को समान रूप से शिक्षा पाने का अधिकार प्रदान किया तथा पिछड़ों, दलितों व आदिवासियों की किस्मत के दरवाजे खोल दिए|
#बहुजन_महापुरुषों_का_उदय
लार्ड मैकाले की आधुनिक शिक्षा पद्धति से ही ज्योतिवा फुले, शाहु जी महाराज, पेरियार रामास्वामी और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर आदि जैसे अनेक महान क्रांतिकारी विभूतियों का उदय हुआ जिन्होंने भारत का नया इतिहास रचा।
#आधुनिक_शिक्षा_की_नींव
कुछ तथाकथित विद्वानों की नजर में लॅार्ड मैकाले की आधुनिक शिक्षा पद्धति केवल बाबू बनाने की शिक्षा देती है। वास्तविकता तो यह है कि गुरुकुल की शिक्षा बाबू भी नहीं बना सकती थी। मुगल काल में बाबू बनने के लिए मदरसों में फ़ारसी पढ़ना जरूरी था और वृतानी शासन में अंग्रेजी। लार्ड मैकाले की आधुनिक शिक्षा पद्धति जैसी भी हो लेकिन वास्तविकता यह भी है कि आज भी विद्यालयों में उसी शिक्षा का समय-समय पर सुधरा हुआ रूप पढ़ाया जा रहा है।
#आजादी_में_योगदान
भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में लार्ड मैकाले की आधुनिक शिक्षा पद्धति का बहुत बड़ा योगदान रहा क्योंकि जन सामान्य का पढ़ा-लिखा होने से उसे देश-विदेश की जानकारी मिलने लगी, जो इस आंदोलन में सहायक बनी। विविध भाषी भारत में अंग्रेजी जनसंपर्क की भाषा बनी। अंग्रेजी के बिना संविधान भी नहीं लिखा जाता और फिर आजादी भी नहीं मिलती। सधन्यवाद
🙏💐🙏

20/10/2025

आप सभी दोस्तों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं

20/10/2025

Meritocracy=Plutocracy

आरक्षण कोई भीख नही हिस्सेदारी है भारत मे 100% होना चाहिए और जिसकी जितनी संख्या हो उसको  उतना आरक्षण मिले और फिर कोटे में...
18/10/2025

आरक्षण कोई भीख नही हिस्सेदारी है भारत मे 100% होना चाहिए और जिसकी जितनी संख्या हो उसको उतना आरक्षण मिले और फिर कोटे में कोटा अपने ही वर्ग में मिले इसके लिए संविधान में संशोधन करो होना चाहिए , मुट्ठी भर लोग राज करे भारी भरकम समाज भटकता रहे ।

Address

Ambedkar Nagar
Singrauli
486889

Telephone

+916264729442

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when pramod Kumar kushwaha posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to pramod Kumar kushwaha:

Share