01/09/2025
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने पंजाब सहित अन्य जगहों पर आई बाढ़ पीड़ितों के लिए की प्रार्थना
(सेवादारों को प्रशासन के साथ मिलकर हर संभव मदद का किया आह्वान )
सिरसा। इंसानियत की सच्ची सेवा का प्रतीक डेरा सच्चा सौदा समाज भलाई के कार्यो में सदैव अग्रणी रहता है । जब भी किसी प्रकार की आपदा देश में कहीं भी आती है , डेरा सच्चा सौदा की साध संगत अपने पूज्य गुरु संत डाॅक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसान जी के मार्गदर्शन में बढ़ चढ़ कर सेवा के लिए आगे आती है ।
आज डेरा सच्चा सौदा सिरसा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने ऑनलाइन गुरुकुल के माध्यम से भीष्ण बाढ़ की मार झेल रहे पंजाब सहित देश के कई राज्यों ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के मनाली में बाढ़, जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में लैंड स्लाइड से प्रभावित लोगों की जानमाल व सुरक्षा की सलामती के लिए व जम्मू-कश्मीर के डोडा क्षेत्र में बादल फटने और वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए लैंड स्लाइड (भूस्खलन) में मृत लोगों की आत्मिक शांति के लिए धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा का नारा बोलकर प्रार्थना की।
साथ ही कहा कि इस कठिन समय में हम बाढ़ पीड़ितों के दुख में पूरी इंसानियत की भावना से साझेदार हैं। उनकी पीड़ा हम सबकी पीड़ा है।पूज्य गुरु जी ने कहा हजारों गावों में लाखो एकड़ खेती की जमीन भी प्रभावित हुई और असंख्यों परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा ।किसानो की फसल और पशुधन का भी बड़ा नुकसान हुआ है । हम प्रशासन से भी निवेदन करते हैं कि राहत और बचाव कार्य और तेज़ किए जाएँ तथा प्रभावित परिवारों और किसानों के लिए मुआवज़ा और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था की जाए।
साथ ही सभी प्रशासनिक अधिकारियों, NDRF, सेना, BSF और पुलिस के वीर जवानों को भी साधुवाद व आभार प्रकट किया जो दिन-रात राहत कार्यों में लगे हैं।
पूज्य गुरु संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसा ने साध-संगत व जिम्मेवारों को प्रशासन के साथ मिलकर बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद करने का आह्वान किया। पूज्य गुरु जी ने कहा कि जरूरत के समय एक-दूसरे की सहायता करना ही सच्ची इंसानियत है। उन्होंने बताया कि डेरा सच्चा सौदा के सेवादार व Shah Satnam Ji Green ‘S’ Welfare कमेटी पहले से ही पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटे हुए हैं। अब सेवादार प्रशासन के साथ मिलकर बाढ़ राहत कार्य को और अधिक गति देंगे। पूज्य गुरु जी ने साध-संगत को प्रेरित करते हुए कहा कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।