28/10/2025
दिव्य और भव्य धाम के रूप में विकसित हुई शिवपुरी
दस एकड़ में बनी शिवपुरी बनी दर्शनीय स्थल
शीघ्र होगा सिरसा शिवपुरी का लोकार्पण
पूर्व मंत्री गोपाल कांडा ने शिवपुरी जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यकरण का किया था आह्वान
सिरसा में बाबा तारा जी कुटिया के मुख्य सेवक गोबिंद कांडा संभाले हैं शिवपुरी जीर्णोद्धार का जिम्मा
- जीर्णोद्धार के बाद बनी भव्य शिवपुरी
- शिवपुरी में विशाल बैकुंठ धाम, शिव बाल वाटिका, मोक्ष धाम के चार द्वार गंगा, तुलसी, गीता, गरुड़ द्वार हुए स्थापित
शिवनंदिनी चिंतन भवन का हुआ निर्माण
निर्गुण, निराकार, निरंजन, निरवैर, नारायण स्थल का हुआ नवनिर्माण
शव विश्राम स्थल पर पार्थिव देह को मिलेगी गंगा जल धारा
सिरसा। मृत्यु परम सत्य है। मृत्यु से जुड़ा है श्मशान। पार्थिव देह को सम्मानजनक अंतिम विदाई पावन पवित्र, स्वच्छ वातावरण में मिले। इसका प्रयास सभी सुसंस्कृत, संस्कारित, आध्यात्मिक, सनातनी व्यक्ति करते हैं।
सिरसा में शमशान घाट यानी शिवपुरी को अत्याधुनिक तरीके से विकसित कर भव्य और दिव्य रूप दिया गया है। यह शिवपुरी देश भर में अनूठी और हाइटेक है। सिरसा में पूर्व मंत्री एवं हरियाणा लोकहित पार्टी के अध्यक्ष गोपाल कांडा ने जर्जर शिवपुरी के जीर्णोद्धार और सौंदर्यकरण का आह्वान किया। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं श्री बाबा तारा कुटिया के मुख्य सेवक गोबिंद कांडा ने जन सहयोग से इस कार्य की बागडोर संभाली। उन्होंने दस एकड़ में इस शिवपुरी को भव्य और दिव्य धाम के रूप में विकसित किया है।
सात अप्रैल 2023 को इस जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यकरण कार्य का शुभारंभ हुआ और अब यह कार्य अंतिम चरण में है। पूर्व मंत्री गोपाल कांडा ने सिरसा में विकसित शिवपुरी एवं श्री अग्रवाल सेवा सदन के लोकार्पण का आग्रह पिछले दिनों मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात के दौरान किया था। दोनों ही महत्वपूर्ण सौगातें शीघ्र ही जनता को मिलेंगी। शिवपुरी में शास्त्रीय एवं वैदिक आधार पर बैकुंठ धाम बनाया गया है। जिसमें ब्रह्म स्थान में पार्थिव देह के विश्राम और उसपर गंगा जल धारा छिड़काव की व्यवस्था की गई है। सनातन धर्म में अत्यंत पावन एवं सम्माननीय तुलसी, गंगा, गीता एवं गरुड़ के नामों पर आधारित चार द्वारों पर आधारित विशाल बैकुंठ धाम का निर्माण किया गया।
मुख्य सेवक गोबिंद कांडा ने शिवपुरी के जीर्णोद्धार की पूरी रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि आध्यात्मिक, धार्मिक और सनातन जगत से जुड़े प्रमुख लोगों से सुझाव लेकर बैकुंठ धाम बनाया गया है। अंतिम संस्कार के लिए आने वाली पार्थिव देह पर मां गंगा का पावन जल छिड़का जायेगा। साथ ही अलग अलग विशेष स्थान और हाइटेक मेडिटेशन भवन विकसित किए गए हैं। जिनका नामकरण भी पुराणों और धार्मिक ग्रंथों से किया गया है। शिव बाल वाटिका, शिवनंदिनी भवन का निर्माण आने वाले समय की जरूरत को देखते हुए किया गया है। शिवपुरी में दिव्य रूप देने के लिए 11 फीट की शिव प्रतिमा और भव्य फाउंटेन गैलरी स्थापित की गई है। इसके अतिरिक्त स्वजन के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए लोगों बैठने के लिए चार छोटे हॉल बनाए गए हैं। इन्हें निर्गुण, निराकार, निरंजन, निरवैर, नारायण स्थल का नाम दिया गया है।
गोबिंद कांडा ने दावा किया कि यह शिवपुरी देश में अपने आप में अनूठी, दिव्य और भव्य हाईटेक शिवपुरी है। शिवपुरी जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यकरण कार्य में समर्पित गोबिंद कांडा ने बताया कि पूर्व मंत्री भाई गोपाल कांडा के आह्वान पर सिरसा के प्रमुख लोग आगे आए और अपना आर्थिक सहयोग भी इस कार्य के लिए दिया। उन्होंने कहा कि शिवपुरी किसी व्यक्ति विशेष की नहीं समाज के सभी वर्गों के लिए है। जात - पात, अमीर - गरीब का भेद इस बैकुंठ धाम में नहीं होता। गोबिंद कांडा का कहना है लावारिस शवों के सम्मान जनक अंतिम संस्कार और फिर लावारिस अस्थि विसर्जन की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने आम जनता से भी आग्रह किया कि वे शिवपुरी में चल रहे जीर्णोद्वार एवं सौंदर्यकरण कार्य का अवलोकन करें।