29/05/2026
एक परिचित चलते हुए परेशान नज़र आ रहे थे मैंने उनसे पूछा “क्या हुआ?”
वे बोले “जूते ने काट लिया।”
मैं हैरान रह गया… अरे! क्या जूता भी काटता है?
एक दिन उन्हें जूते में तेल लगाते देखा।
मैंने पूछा “अब क्या हुआ?”
वे बोले “जूता चूं-चूं करता है।”
वाह! मतलब जूता बोलता भी है! 😄
फिर एक दिन किसी के बारे में कहते सुना ,
“वो तो बस जूतों का यार है।”
तब समझ आया कि जूते दोस्ती भी निभाते हैं।
कल चाचा जी बेटे को डांट रहे थे
“तू तो जूते खाए बिना मानेगा नहीं!”
तब पता चला कि जूते खाए भी जाते हैं! 😄
होली पर देखा कि एक मूर्ख को गधे पर बैठाकर गले में जूतों की माला पहनाई गई।
तब समझ आया कि जूते सम्मान देने के काम भी आते हैं! 😂
फुटबॉल में सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को “गोल्डन बूट” दिया जाता है।
वाह! पुरस्कार में भी सोने का जूता! 👞
किसी ने बताया कि विदेशी फ़िल्म और टीवी जगत में भी श्रेष्ठ कलाकारों को “गोल्डन बूट अवॉर्ड” दिया जाता है।
अब समझ नहीं आया कि सम्मान अभिनेता का हो रहा है या जूते का! 😄
जब किसी को मिर्गी का दौरा पड़ता है, तो लोग कहते हैं
“जूता सुंघाओ!”
तब ज्ञान मिला कि जूता औषधि भी है! 😅
शादी में दूल्हे की सालियाँ उसके जूते चुरा लेती हैं और वापस करने के बदले पैसे मांगती हैं।
ओह! मतलब जूते का अपहरण भी होता है! 😂
गीत भी बना
“मेरा जूता है जापानी…”
अर्थात जूते की नागरिकता भी होती है!
एक बार पंडित जी ने बताया कि जब भगवान श्रीराम वनवास गए, तब भरत ने उनकी खड़ाऊँ सिंहासन पर रखकर राजकाज चलाया। यानी जूता राज भी चला सकता है।
एक बात और…
जूता हमेशा अपने जोड़ीदार के साथ रहता है।
एक टूट जाए तो दूसरा भी बेकार हो जाता है।
जूता एक ऐसी वस्तु है जिसकी जोड़ी अखंड होती है चलते भी साथ हैं, रुकते भी साथ हैं।
इसी तरह हमें भी अपने मित्रों, जीवनसाथी और परिवार का हर परिस्थिति में साथ निभाना चाहिए।