04/11/2025
बिशना मल जैन सरस्वती विद्या मंदिर , कालांवाली में मंगलवार को सिख धर्म के प्रथम गुरु, श्री गुरु नानक देव जी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों को सिख धर्म, गुरुद्वारा, लंगर और सेवा जैसे शब्दों का अर्थ समझाया गया।
शिक्षकों ने बच्चों को गुरु नानक देव जी के जीवन और उनके उपदेशों से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि गुरु नानक देव जी ने मानवता, समानता और सेवा का संदेश दिया, तथा इन मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने गुरु नानक देव जी की तस्वीर के सामने प्रार्थना की। उन्हें गुरुद्वारे में बैठने और सिर ढकने की विधि भी सिखाई गई। पूरे विद्यालय परिवार ने सिर ढककर श्रद्धापूर्वक “वाहेगुरु, वाहेगुरु” का जाप किया, जिससे परिसर में भक्ति का माहौल बन गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार शर्मा ने सभी को गुरपुरब की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है, और समाज में समानता, प्रेम तथा भाईचारे का संदेश फैलाना ही गुरु नानक देव जी को सच्ची श्रद्धांजलि है।
इस कार्यक्रम में रीत,मुस्कान, परी, सिमरन ,धृति, सुहाना रितिकाऔरयशप्रीत सहित कई बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिक्षकों में बेअंत कौर,रमन कौर और गगनदीप सिंह, परविंदर,सिमरनजीत, प्रभजोत, सर्वजीत,अर्चना,उमा,जसविंदर उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन सामूहिक भजन ,अरदास और कड़ाह प्रसाद बांटकर किया गया।