16/04/2020
*दरभंगा हड़ताली शिक्षकों से अपील:-*
**दिनांक:-16 .04.2020*
*सभी आदरणीय साथियों को सप्रेम नमस्कार*
*आज 60वां दिन हड़ताल जारी है।हे गुरुबर आप सभी जान रहे हैं कि वेश्विक महामारी कोरोना के लिए भारत सरकार ने 03 मई तक लौकडाउन का निर्णय लिया है । इस महामारी से निपटने का एक मात्र विकल्प लौकडाउन ही है जिसे विश्व के सभी देशों ने माना है ।*
*विदित हो कि हम सभी शिक्षक भाई बहन 17 फरवरी से ही अपने जायज एवं मूलभूत मांगों की पूर्ति हेतु हड़ताल पर है । इसी बीच हमारे हजारों माध्यमिक एवं प्रारंभिक विद्यालयों के शिक्षकों पर प्राथमिकी , बर्खास्तगी सहित निलंबन की कारवाई बिहार सरकार के द्वारा की जा चुकी है साथ ही हमारे 47 साथियों की मौत भी हो चुकी है बावजूद यह निरंकुश सरकार हड़तालियों से वार्ता क्या मृत शिक्षकों के लिए संवेदना भी प्रकट नहीं किया है जो बेहद ही शर्मनाक वाकया है* ।
*अब ऐसी परिस्थितियों मे हम सभी का दायित्व बनता है कि हम सभी मिलकर लौकडाउन रहते हुए हड़ताल मे बने रहें ताकि जो हमारे साथी हमारे बीच नहीं रहे उनके परिजनों को सरकार से यथोचित न्याय एवं जिन साथियों के उपर जो भी दंडात्मक कारवाई की गई है उसे वापस करवा सकें।*
**यह तभी संभव है जब हम सभी लौकडाउन रहकर हड़ताल में बने रहैं ।*
*इधर सरकार हमारे भोले भाले साथियों को लगातार पत्र के माध्यम से धमकी एवं वेतन भुगतान के लिए प्रलोभन देकर हड़ताल तोड़ने का प्रयास कर रही है ,जिस कारणवश विभिन्न जिलों से एक दो साथी सरकार के गंदे चाल मे फंसकर गलत निर्णय ले लिए थे ।वह भी अब पुनः हड़ताल में आने के लिए पत्र अपने नियंत्री पदाधिकारी को भेज रहे है जो काबिलेतारीफ है ।हम व्यक्तिगत रुप से वैसे सभी साथियों से अनुरोध करते है कि आप जो भी अबतक हड़ताल में नहीं हैं वो भी अपने भाईयों पर हुए अत्याचार का बदला लेने हेतु हड़ताल मे आ जाएं* ।*
*हम वैसे साथियों से यह कहना चाहते है जो वेतन भुगतान के लिए हड़ताल तोड़ने की बातें करते है तो उन्हें हम अतीत की ओर ध्यान आकृष्ट कराना चाहते है जब 1500 रुपए पर आप सभी 11 माह के लिए नौकरी करते थे फिर भी आप अपने परिवार को किसी तरह चला ही लेते थे । उसके बाद हम सभी संघर्ष किए जिसके फलस्वरूप अभी भी हम सभी पिछले वर्ष तक चार पांच महीनों पर वेतन पाते थे और फिर भी अपने परिवार का भरण पोषण कष्ट में ही व्यतीत करते ही थे फिर अभी हम सभी उसी नियोजनवाद एवं सरकार की उपेक्षापूर्ण रवैया के खिलाफ आंदोलनरत होकर हड़ताल में हैं फिर ऐसी विकट परिस्थितियों मे आखिर हम सभी यदि इस महासंग्राम से विमुख होते हैं फिर हम सभी का कभी कल्याण नहीं होने वाला है । कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है ।इसलिए हे गुरवर अपने मान सम्मान एवं इस नियोजनवाद के कलंक से कभी समझौता नहीं करने के लिए आज पुनः संकल्पित होने की आवश्यकता है ।* *लिखना तो बहुत चाहते है क्योंकि हमें तो आप सबों से मुखातिब होने की लालसा सदैव रहती है परंतु हम सभी को वैश्विक महामारी कोरोना के कारण लौकडाउन है ।आप सभी महानुभावों की हमे याद सता रही है । काश! यह लौकडाउन नहीं रहता तो अबतक सरकार से अबतक दो हाथ कर लिए होते । हम अपनी भावनाओं को रोककर अपनी लेखनी को विराम देते हुए आप सभी से प्रार्थना करते हैं कि निश्चित रुप से आप सभी हमारे चिठ्ठी को आदेश नहीं अपितु एक भाई का विनम्र अनुरोध मानकर लौकडाउन रहते हुए हड़ताल मे अडिग रहेंगे ।* 👏👏👏
*आपका एक हड़ताली भाई*
*रफीउद्दीन*
*जिलाध्यक्ष*
*बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ,सह अध्यक्ष मंडल सदस्य बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति, दरभंगा ।*
*मोबाइल :-9534561326,6200715905*