25/03/2026
क्या सच में दुनिया ईरान-इजराइल युद्ध से बर्बाद हो रही है…या फिर हम सिर्फ सतह देख रहे हैं और असली खेल कहीं और चल रहा है?
पिछले कुछ दिनों में तेल 110 डॉलर तक पहुंच गया।टीवी पर माहौल ऐसा बना दिया गया जैसे अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था खत्म हो जाएगी।
लेकिन असली सवाल यह है कि लड़ाई सच में किस बात की है?
असल खेल एक जगह पर अटका है ...Hormuz Strait।दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है।सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, कतर, इराक… सबका तेल यहीं से निकलता है।
अब सोचिए…
जो देश इस रास्ते की सुरक्षा और कंट्रोल संभाल लेगा,वह सीधे-सीधे दुनिया की energy supply पर प्रभाव डाल सकता है।
यही असली geopolitical खेल है।
अमेरिका चाहता है कि इस पूरे गल्फ energy corridor पर उसकी नौसैनिक मौजूदगी स्थायी हो जाए।ईरान उस रास्ते के पास बैठा है, इसलिए टकराव का केंद्र भी वही बनता है।
युद्ध सिर्फ मिसाइल और ड्रोन का नहीं है।यह trade routes, energy supply और global influence का युद्ध है।
उधर चीन की भी अपनी चाल है।चीन सालाना अपने तेल का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से लेता है।अगर यह रास्ता अस्थिर हुआ तो चीन की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।
अब इसमें भारत कहाँ है?
भारत ने पिछले कुछ सालों में एक दिलचस्प रणनीति बनाई है।
रूस से सस्ता तेल,मिडिल ईस्ट से ऊर्जा,सेंट्रल एशिया से गैस और rare earth minerals,और साथ में India-Middle East-Europe Corridor जैसे नए व्यापार रास्ते।
यानी जब बड़े देश लड़ रहे हैं,भारत कोशिश कर रहा है कि supply chain हर दिशा से सुरक्षित रहे।
इसलिए जब लोग कहते हैं कि “सब खत्म हो गया”…तो थोड़ा रुककर सोचना चाहिए।
दुनिया की राजनीति भावनाओं से नहीं चलती।यह ऊर्जा, व्यापार और रणनीति से चलती है।
और सच यही है ...जहाँ दो बड़े खिलाड़ी लड़ते हैं,वहाँ समझदार देश अक्सर बीच से अपना तरबूज काटकर ले जाते हैं।