16/09/2026
माँ बंधी रही पेड़ से और आरु-वीरू भागे गिद्धों से, कौन बचेगा? 😱💔 | Part 8
काली गौरैया को बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि जिस दोस्त पर उसने दोबारा भरोसा किया था, वही उसे सबसे बड़े धोखे की तरफ ले जा रहा है। जैसे ही वह आगे बढ़ी, उसके पैरों के नीचे की जमीन धँस गई और वह गहरे गड्ढे में जा गिरी। ऊपर बिछा जाल भी उसी के ऊपर आ गिरा। 😱
कालिया अपनी चाल कामयाब होने पर हँसने लगा। गौरैया का दिल टूट गया, क्योंकि उसने एक बार फिर अपने पुराने दोस्त पर भरोसा किया था। तभी जग्गा और जगीरा भी झाड़ियों से बाहर आ गए और गौरैया को पकड़ लिया।
लेकिन असली मुसीबत तब शुरू हुई जब रास्ते में उनकी मुलाकात लोहा सिंह और उसके साथी गिद्ध से हो गई। जग्गा ने गौरैया के दोनों नन्हे बच्चों आरु और वीरू को लोहा सिंह के हवाले कर दिया। 😨
एक तरफ माँ को बच्चों से अलग कर दिया गया और दूसरी तरफ आरु और वीरू को गिद्ध अपने साथ ले जाने लगे।
तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। रास्ता पूरी तरह कीचड़ में बदल गया और इसी दौरान लोहा सिंह और उसका साथी फिसलकर गिर पड़े।
आरु और वीरू ने मौका देखते ही वहाँ से भागना शुरू कर दिया। अब दोनों नन्हे बच्चे बारिश के बीच अपनी जान बचाकर दौड़ रहे थे और पीछे खूंखार गिद्ध उनका पीछा कर रहे थे। 🔥
उधर पेड़ से बंधी काली गौरैया भी किसी तरह खुद को छुड़ाने में कामयाब हो गई और अपने बच्चों की तलाश में दौड़ पड़ी। ❤️
अब एक तरफ माँ अपने बच्चों तक पहुँचने के लिए भाग रही है और दूसरी तरफ लोहा सिंह और उसका साथी आरु और वीरू को पकड़ने के लिए उनके पीछे दौड़ रहे हैं।
क्या आरु और वीरू गिद्धों से बच पाएँगे?
क्या काली गौरैया समय रहते अपने बच्चों तक पहुँच पाएगी?
और क्या माँ-बच्चों का दोबारा मिलना संभव होगा? 😱💔
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👉 कमेंट में लिखो — PART 9 अगर आप जानना चाहते हैं कि आरु और वीरू के साथ आगे क्या होगा!
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