Uttar Pradesh Samachar Sewa - News Agency

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14/07/2026

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13/07/2026

📢 *अति आवश्यक सूचना*
आदरणीय पत्रकार बंधुओं,
निदेशक/अपर निदेशक महोदय के निर्देशों के क्रम में जनपद एवं तहसील स्तर के पत्रकार बंधुओं का अद्यतन विवरण संकलित किया जा रहा है।
अतः आपसे अनुरोध है कि कृपया निम्न विवरण उपलब्ध कराने का कष्ट करें—
🔹 नाम
🔹 समाचार पत्र/न्यूज़ चैनल/वेब पोर्टल/मीडिया संस्थान का नाम
🔹 मोबाइल नंबर
साथ ही, यदि आपके संज्ञान में जनपद के ऐसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हों, जिनके किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर 500 या उससे अधिक फॉलोअर्स हों, तो उनका नाम एवं मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराने का कष्ट करें।
कृपया अपेक्षित जानकारी व्हाट्सएप नंबर 8115477210,9984420202 पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

— *जिला सूचना कार्यालय सीतापुर।*

11/04/2026

सीतापुर–लखनऊ का गौरव: डॉ. राम बख्श सिंह का नाम NCERT पाठ्यपुस्तकों में किया गया शामिल
सीतापुर (उ०प्र० समाचार सेवा)। सीतापुर और लखनऊ जनपद के लिए यह अत्यंत गर्व और ऐतिहासिक क्षण है कि जिले के प्रख्यात वैज्ञानिक, स्वर्गीय डॉ. राम बख्श सिंह—जिन्होंने बायोगैस एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत को वैश्विक पहचान दिलाई—के वैज्ञानिक योगदान को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) Class 9 Science textbook की नई पाठ्यपुस्तकों में औपचारिक रूप से सम्मिलित किया गया है।
NCERT द्वारा जारी आधिकारिक पुष्टि के अनुसार, डॉ. राम बख्श सिंह के कार्यों को पाठ्यपुस्तकों में सम्मिलित किया गया है, जिससे न केवल देशभर के करोड़ों विद्यार्थी, बल्कि विदेशों में स्थित भारतीय विद्यालयों (जैसे केंद्रीय विद्यालयों) तथा अन्य शैक्षिक संस्थानों के विद्यार्थी स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण तथा भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
डॉ. राम बख्श सिंह का जीवन सीतापुर और लखनऊ दोनों से गहराई से जुड़ा रहा है। जहाँ एक ओर उनका जन्म जनपद सीतापुर में हुआ, वहीं उन्होंने अपने जीवन के पाँच दशकों से अधिक समय लखनऊ में व्यतीत करते हुए बायोगैस एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अनुसंधान एवं कार्य किया। इस प्रकार उनका योगदान न केवल सीतापुर की जन्मभूमि का गौरव है, बल्कि लखनऊ की कर्मभूमि से जुड़ी वैज्ञानिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आज के वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में, जहाँ पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता के कारण समय-समय पर आपूर्ति एवं मूल्य से जुड़ी चुनौतियाँ उत्पन्न होती हैं, डॉ. राम बख्श सिंह का कार्य अत्यंत प्रासंगिक एवं दूरदर्शी सिद्ध होता है। वर्ष 1970 के दशक के ऊर्जा संकट के समय भी वैकल्पिक एवं स्वदेशी ऊर्जा स्रोतों की आवश्यकता को वैश्विक स्तर पर अनुभव किया गया था।
डॉ. सिंह ने उस समय बायोगैस जैसी स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा के विकास पर कार्य कर एक ऐसा मार्ग प्रस्तुत किया, जो आज भी ऊर्जा आत्मनिर्भरता, ग्रामीण सशक्तिकरण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत उपयोगी एवं आवश्यक समाधान के रूप में सामने आता है।
इस राष्ट्रीय उपलब्धि के संदर्भ में देश के नेतृत्व एवं शिक्षा तंत्र द्वारा इस दिशा में किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया जाता है।
इस उपलब्धि में विभिन्न स्तरों पर प्राप्त सहयोग का उल्लेख भी महत्वपूर्ण है। इस संदर्भ में माननीय सांसद श्री दिग्विजय सिंह जी, माननीय सांसद श्री आनंद भदौरिया जी तथा माननीय सांसद श्री राकेश राठौर जी द्वारा इस विषय को विभिन्न स्तरों पर उठाकर महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।
अब, जब NCERT स्तर पर यह कार्य पूर्ण हो चुका है, यह अपेक्षा की जाती है कि उत्तर प्रदेश सरकार शीघ्र निर्देश जारी कर राज्य के शिक्षा विभाग को NCERT के अनुरूप पाठ्यक्रम में डॉ. राम बख्श सिंह के योगदान को सम्मिलित करने हेतु त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि उत्तर प्रदेश के विद्यार्थी भी अपने ही प्रदेश के इस महान वैज्ञानिक की विरासत से सीधे लाभान्वित हो सकें। साथ ही, अन्य राज्य सरकारों एवं विभिन्न शैक्षिक बोर्डों (जैसे ICSE एवं अन्य राज्य बोर्ड) से भी अपेक्षा की जाती है कि वे इस महत्वपूर्ण विषय को अपने-अपने पाठ्यक्रम में उपयुक्त रूप से सम्मिलित करने पर विचार करें, जिससे देशभर के विद्यार्थियों को इस प्रेरणादायक वैज्ञानिक योगदान के बारे में व्यापक रूप से जानकारी मिल सके।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के सलाहकार के रूप में भी सेवाएँ दीं तथा उनका वैज्ञानिक कार्य अंतरराष्ट्रीय मंचों—जिसमें अमेरिकी सीनेट भी शामिल है—पर सराहा गया। प्रसार भारती के दूरदर्शन राष्ट्रीय चैनल द्वारा उन्हें विशेष रूप से स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय अभिलेखागार ,भारत सरकार द्वारा उनके महत्वपूर्ण शोध एवं दस्तावेजों को संरक्षित किया गया है। साथ ही, भारत सरकार के डाक विभाग द्वारा उनके सम्मान में स्मारक डाक टिकट जारी किए जाने को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जिसका विमोचन माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा किए जाने हेतु प्रस्तावित है तथा इसकी तिथि के संबंध में आधिकारिक सूचना की प्रतीक्षा है। यह सभी उपलब्धियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि डॉ. राम बख्श सिंह का योगदान केवल शैक्षणिक या अभिलेखीय स्तर तक सीमित नहीं है। ये सभी उपलब्धियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि उनका योगदान देश की वैज्ञानिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

किशोर बालकों की देखरेख एवं संरक्षण हेतु आवेदन आमंत्रित सीतापुर (उ०प्र० समाचार सेवा)। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया है क...
09/04/2026

किशोर बालकों की देखरेख एवं संरक्षण हेतु आवेदन आमंत्रित
सीतापुर (उ०प्र० समाचार सेवा)। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया है कि किशोर बालकों की देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम, 2015 के अंतर्गत बालकों को सुरक्षित पारिवारिक वातावरण में देखरेख, संरक्षण, पुनर्वास एवं सामाजिक पुनः एकीकरण सुनिश्चित करने हेतु उपयुक्त व्यक्ति, उपयुक्त सुविधा, फॉस्टर केयर एवं ग्रुप फॉस्टर केयर के रूप में सेवाएं प्रदान करने के लिए जनसामान्य में लोकहितैषी भावना से कार्य करने वाले इच्छुक व्यक्तियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। उपयुक्त व्यक्ति एवं उपयुक्त सुविधा के रूप में दी जाने वाली सेवाएं निःशुल्क होंगी।
ऐसे व्यक्ति अथवा संस्थाएं आवेदन के पात्र होंगे जो बालकों को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से सक्षम हों, किसी भी प्रकार के अनैतिक या आपराधिक कार्य में संलिप्त न हों तथा बाल संरक्षण अथवा सामाजिक कार्य के क्षेत्र में अनुभव रखते हों।
आवेदन पत्र का प्रारूप एवं विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइट https://mahilakalyan.up.nic.in⁠� से डाउनलोड की जा सकती है अथवा कार्यालय जिला प्रोबेशन अधिकारी/जिला बाल संरक्षण इकाई, कक्ष संख्या-23, कलेक्ट्रेट परिसर, सीतापुर से प्राप्त कर निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र उसी कार्यालय में जमा किया जा सकता है।

योगी आदित्यनाथ माननीय मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार

08/04/2026

*सीतापुर के युवाओं का UPPCS-2024 में जलवा, समाज कल्याण मंत्रालय की कोचिंग से मिली सफलता*
*निःशुल्क कोचिंग और अभ्युदय योजना से तैयार हुए अभ्यर्थी*
*सुधांशु सिंह बने असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) तो अंशू सिंह बनीं कमर्शियल टैक्स ऑफिसर*
*विकास कुमार राज ने नायब तहसीलदार बनकर नाम किया रौशन*
सीतापुर (उ०प्र० समाचार सेवा)। असीम अरुण, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने कहा कि
हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी प्रतिभाशाली युवा आर्थिक अभाव के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और निःशुल्क कोचिंग के माध्यम से हम युवाओं को समान अवसर दे रहे हैं। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर हमारे युवा किसी भी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच भी सफलता हासिल करना आसान नहीं होता, लेकिन समाज कल्याण मंत्रालय की निःशुल्क कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से जुड़े अभ्यर्थियों ने यह कर दिखाया है। कोचिंग और योजना से मिले मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञ शिक्षकों के सहयोग से सीतापुर के सुधांशु सिंह, अंशू सिंह और विकास कुमार राज ने उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा UPPCS-2024 परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने सपनों को साकार किया।
निःशुल्क कोचिंग से मिली नई दिशा गौरतलब है कि समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में संचालित नि:शुल्क आवासीय कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण के नेतृत्व में इन केंद्रों ने प्रतिभाशाली युवाओं को वह मंच दिया है, जिससे वे अपने सपने साकार कर रहे हैं।
हॉस्टल से लेकर लाइब्रेरी तक की सुविधा भागीदारी भवन के संयुक्त निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थियों को कोचिंग सत्र के दौरान अभ्यर्थियों को नि:शुल्क हॉस्टल, भोजन, लाइब्रेरी और नियमित कक्षाओं की सुविधा बिल्कुल मुफ्त मिलती है। इसके साथ ही विषय विशेषज्ञ नियमित रूप से क्लास लेते हैं और मुख्य परीक्षा पर फोकस करते हुए उत्तर लेखन का अभ्यास, मॉडल टेस्ट करवाए जाते हैं। वहीं अभ्युदय योजना प्रदेश के 75 जिलों में 166 प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिसके तहत विद्यार्थियों को यूपीएससी, यूपीपीएससी, जेईई, नीट, एनडीए, सीडीएस जैसी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं की तैयारी निःशुल्क करवाई जाती है।

आज की ऊर्जा चुनौती का समाधान दशकों पहले दे चुके थे डॉ. राम बख्श सिंहसीतापुर (यूपीएसएस) । जनपद के लिए यह अत्यंत गर्व का व...
27/03/2026

आज की ऊर्जा चुनौती का समाधान दशकों पहले दे चुके थे डॉ. राम बख्श सिंह
सीतापुर (यूपीएसएस) । जनपद के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि जिस बायोगैस (गोबर गैस) समाधान को आज सरकारें ऊर्जा संकट के विकल्प के रूप में अपनाने की दिशा में मिशन मोड में कार्य कर रही हैं, उसी दिशा में दशकों पूर्व सीतापुर की जन्मभूमि से जुड़े विश्वविख्यात वैज्ञानिक स्वर्गीय डॉ. राम बख्श सिंह ने मार्ग प्रशस्त किया था।
वर्तमान समय में, जब पारंपरिक ईंधन (जैसे LPG एवं पेट्रोलियम उत्पादों) पर निर्भरता के कारण आपूर्ति एवं मूल्य से जुड़ी चुनौतियाँ सामने आ रही हैं, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गोबर गैस संयंत्रों को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है। यह पहल इस बात को स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि डॉ. राम बख्श सिंह की वैज्ञानिक सोच कितनी दूरदर्शी और समय से आगे थी।
डॉ. राम बख्श सिंह ने वर्ष 1957 में सीतापुर में भारत का पहला सफल गोबर गैस संयंत्र स्थापित कर ग्रामीण ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई दिशा दी। उन्होंने न केवल भारत में बल्कि विश्व के 15 से अधिक देशों में बायोगैस तकनीक के विकास और प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लगभग 40 वर्षों तक उनके निरंतर शोध, नवाचार और कार्यों ने बायोगैस को एक व्यवहारिक एवं टिकाऊ ऊर्जा समाधान के रूप में स्थापित किया।
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि वर्ष 1970 के दशक के वैश्विक ऊर्जा संकट के समय भी डॉ. राम बख्श सिंह ने बायोगैस को एक स्वदेशी, स्वच्छ और स्थायी ऊर्जा विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया था। आज, जब विश्व पुनः ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है, उनका वही दृष्टिकोण पुनः अत्यंत प्रासंगिक सिद्ध हो रहा है।
यह सीतापुर जनपद के लिए गर्व का विषय है कि इस भूमि ने ऐसे वैज्ञानिक को जन्म दिया, जिनकी सोच आज भी राष्ट्रीय नीतियों और ऊर्जा समाधानों को दिशा दे रही है।
आवश्यक है कि इस अवसर पर डॉ. राम बख्श सिंह के योगदान को व्यापक स्तर पर जनसामान्य तक पहुँचाया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनके कार्यों से प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भर, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ ऊर्जा समाधान की दिशा में आगे बढ़ सके।।

01/01/2026

*जनपद के समस्त विकास खण्डों में बनवाये जायेंगे मिनी शापिंग काम्पलेक्स-डी0एम0*
*आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी गति।*
*युवाओं को उपलब्ध होंगे रोजगार के नए अवसर।*
सीतापुर (उ0प्र0 समाचार सेवा) । जिलाधिकारी राजागणपति आर0 की पहल पर जनपद के समस्त विकास खण्डों में कुल 38 (प्रत्येक विकास खण्ड में 02) मिनी शापिंग काम्पलेक्स बनवाये जायेंगे। इन शापिंग काम्पलेक्स का निर्माण ग्राम निधि, क्षेत्रनिधि एवं पी0पी0पी0 माडल के आधार पर कराया जायेगा। जिलाधिकारी ने सभी खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि इसके लिये भूमि का चिन्हांकन करते हुये कार्ययोजना बनायी जाये, जिसके क्रम में 27 मिनी शापिंग काम्पलेक्स के निर्माण हेतु भूमि का चिन्हीकरण किया जा चुका है तथा कार्य स्वीकृत कराया जाना प्रक्रियाधीन है। शेष स्थलों पर भूमि चिन्हीकरण के उपरान्त कार्य कराये जायेंगे।
जिलाधिकारी ने बताया कि इन मिनी शापिंग काम्पलेक्स के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकेंगे। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की जनता को बेहतर सुविधाएं भी मुहैय्या होंगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं में सुधार होने से क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा।

30/12/2025

सीतापुर जनपद के सभी आरोग्य मंदिरों/आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का होगा नवीनीकरण कार्य, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं एवं समुचित उपचार होगा उपलब्ध-जिलाधिकारी
सीतापुर (उ०प्र० समाचार सेवा)। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर की पहल पर जनपद के 173 आरोग्य मंदिरों/आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का नवीनीकरण कार्य कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि इसमें विकास खण्ड एलिया के 07, बेहटा 04, बिसवां 06, गोंदलामऊ 13, हरगांव 04, कसमण्डा 01, खैराबाद 17, लहरपुर 08, मछरेहटा 08, महमूदाबाद 06, महोली 15, मिश्रिख 09, पहला 24, परसेण्डी 14, पिसावां 14, रामपुरमथुरा 04, रेउसा 03, सकरन 05 तथा सिधौली 11 शामिल हैं। ‎आरोग्य मंदिरों/आयुष्मान आरोग्य मंदिर सम्मिलित हैं। इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के नवीनीकरण से ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हो सकेंगी।
आरोग्य मंदिरों/आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का नवीनीकरण हेतु व्यापक स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि इन नवीनीकरण कार्यों में भवन की मरम्मत, रंगाई-पुताई, शौचालयों का दुरूस्तीकरण, परिसर एवं बाउन्ड्रीवाल का कार्य, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था आदि के कार्य कराये जायेंगे।
इन कार्यों को कराने से आरोग्य मंदिरों/आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आने वाले मरीजों को सुविधा होगी। आरोग्य मंदिरों/आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं उनके परिसर की सफाई व्यवस्था भी बेहतर होगी तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी मिल सकेंगी।आवश्यक मूलभूत सुविधाएं भी बेहतर होंगी।

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