Sumant Says

Sumant Says मेरी कलम, मेरी आवाज़।📖
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23/03/2026

23 मार्च 1931: वो रात जब भारत माता के तीन लाड़लों ने इतिहास लिख दिया! 🚩

आज शहीद दिवस है। वो तारीख जब भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने हँसते-हँसते फाँसी के फंदे को चूम लिया था। उनके कदमों में न कोई झिझक थी, न आँखों में मौत का खौफ... बस सीने में 'इंक़लाब' की आग और दिल में 'आज़ाद भारत' का सपना था। 🕯️🇮🇳

मेरी ये कविता उन तीन वीरों के बलिदान और उनकी अटूट हिम्मत को एक छोटी सी श्रद्धांजलि है:

"भगत ने चूम लिया फंदा, जैसे सेहरा हो कोई शादी का,
वो नौजवान दीवाना था, उस मल्लिका-ए-आज़ादी का।" 🚩🦁
आज की पीढ़ी को इन महान क्रांतिकारियों के संघर्ष को कभी नहीं भूलना चाहिए। उनकी राख आज भी सतलुज की लहरों में देशभक्ति का गीत गाती है।

🙏 आइए, आज हम सब मिलकर उन अमर शहीदों को नमन करें। 🙏
कमेंट में 'इंकलाब जिंदाबाद' लिखकर अपनी श्रद्धांजलि दें और इस पोस्ट को शेयर करें ताकि हर घर तक इन वीरों की दास्तां पहुँचे। 🚩🇮🇳

#शहीददिवस #भगतसिंह #राजगुरु #सुखदेव #देशभक्ति #भारतमाताकीजय

16/03/2026

क्या देश सर्वोपरि नहीं है? मेरी पंक्तियाँ!

हाल ही में मीडिया के सवालों पर कुछ लोगों के जवाब सुनकर मन में कुछ सवाल उठे। क्या देश के संविधान से ऊपर कुछ और हो सकता है? इसी कशमकश को शब्दों में पिरोने की कोशिश की है। अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। 🙏



10/03/2026

यह रील मेरे उन विचारों के बारे में है जो मुझे तर्क और मानवता की ओर ले जाते हैं। धर्म से ऊपर उठकर इंसानियत को देखना ही असल आजादी है।
आपकी इस बारे में क्या राय है? कमेंट में चर्चा करें! 👇

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