31/12/2025
बांग्लादेश में कुछ कट्टरपंथी ताकतों की ओर से जिस तरह से भारत विरोधी माहौल बनाने की कोशिश हुई है, उसको लेकर नागालैंड के खेल मंत्री तेमजेन इमना अलोंग ने बहुत ही जोरदार नाराजगी जाहिर की है।उन्होंने यह नाराजगी खासकर बांग्लादेश में हिंदुओं की हुई जघन्य हत्याओं और भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर को लेकर दी गई धमकियों को लेकर जताई है। उन्होंने महाकाव्य महाभारत के पात्रों का उदाहरण देकर ऐसे कट्टरपंथियों को सुधर जाने की कड़ी चेतावनी दी है।बीजेपी नेता और नागालैंड के मंत्री तेमजेन इमना अलोंग बांग्लादेश की घटनाओं से बहुत ही ज्यादा आहत हैं। उन्होंने कहा है कि बांग्लादेश के कट्टरपंथी यह सोचना बंद कर दें कि वह ग्रेटर बांग्लादेश के सपने के चक्कर में चिकन नेक कॉरिडोर काटकर पूर्वोत्तर को भारत से अलग कर सकते हैं। उन्होंने कहा, 'हम लोग जान गए कि उन लोगों का इरादा क्या है, अगर वो लोग सोचता है कि चिकन नेक...तो हमलोगों का कोई नेक नहीं है...ये मीडिया के शब्द हैं....हम बहुत मजबूती से भारत से जुड़े हुए हैं और भारतीय हैं हम।'यही नहीं, अलोंग ने बांग्लादेश के कट्टरपंथियों को 1971 याद दिलाते हुए यह चेतावनी भी दी है कि वे किसी भी तरह की गलतफहमी न पालें। उन्होंने कहा, 'कुछ बांग्लादेशी लोग हम लोगों का घटोत्कच और हिडिंबा नहीं देखा है। आ जाइए हम दिखाएंगे कि कैसा है...आ सकते हैं तो आइए..गले-वले काटने का जो चक्कर है, वो हमलोगों से कोई अच्छा नहीं जानते हैं।....उन लोगों को भूलना नहीं चाहिए 1971 में भारत ने ही उन लोगों को आजाद किया और इतना जल्दी भूल गया...।'चिकन नेक या सिलीगुड़ी कॉरिडोर उत्तर बंगाल में स्थित 22 किलोमीटर चौड़ा गलियारा है, जो पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों को पूरे देश से जोड़ता है। यह क्षेत्र नेपाल, भूटान, तिब्बत (चीन) और बांग्लादेश की सीमाओं से सटा है। पिछले दिनों बांग्लादेश में हसनत अब्दुल्ला जैसे कट्टरपंथी छात्र नेताओं ने इस गलियारे को भारत से काटने की धमकी दी थी। यही नहीं उसने पूर्वोत्तर के उग्रवादियों को भी बांग्लादेश में पनाह देने की धमकी दी थी। जिसको लेकर भारत की ओर से बहुत ही कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है।महाकाव्य महाभारत के अनुसार घटोत्कच पांडव पुत्र भीम और राक्षसी हिडिंबा के सबसे बड़े पुत्र थे। महाभारत के युद्ध में घटोत्कच अपनी वीरता की वजह से इतिहास में अमर बन गए। क्योंकि, उन्होंने कर्ण जैसे योद्धा के विरोध में बहादुरी से लड़ाई लड़ी, जबकि वह जानते थे कि यह उनकी आखिरी लड़ाई होगी। मौत सामने होते हुए भी, उन्होंने अपने अंदर की शक्ति से एक पूरी सेना को तबाह कर दिया। इसी वजह से आदि काल से ही वे सबके चहेते बन गए।