17/05/2026
राम जी के अद्भुत प्रार्थना
प्रेम से बोलिए अत्यंत बलवंत हनुमंत लाल की जय 🙏 🙏
🙏 जय श्री राम 🙏
जय रघुनंदन हे सत वंदन,
भाल पे चंदन की छवि न्यारी,
सोय के कान्त प्रभु हनुमंत,
कृपा करके सुघ लीजै हमारी।
कष्ट अमंगल दूर करें -2
तो आज हमारी भी आयी है बारी,
राम का नाम जपे जो सदा,
कट जाता है। संकट भारी से भारी।।
❤️
Pt Ujjwal Kumar Ojha
Ujjwal Kumar