07/08/2020
एक समय की बात है एक गांव में एक बिनोद नाम का व्यक्ति रहा करता था। वह गांव कहने को तो काफी समृद्ध और खुशहाल था, लेकिन वहाँ बिजली और पानी की समस्या रहती थी, बिजली का तो मोमबत्ती और लालटेन से काम चल पड़ता था।
लेकिन पानी की इतनी समस्या थी कि वहाँ के लोगो को अंग्रेज़ो वाले फैशन से ही सुबह सुबह सिस्टम साफ करना पड़ता था।
बिनोद काफी होशियार आदमी था और अपने गाँव से बहुत प्यार करता था इसीलिए उसने सोचा कि यहाँ के लोगो के लिए कुछ न कुछ करना पड़ेगा। पूरे गाँव मे सबसे ज्यादा वही पढ़ा था,
वैसे उसी गाँव मे पिंकू कुमार जी भी रहते थे, लेकिन पिंकू जी को सिर्फ हिंदी में नाम लिखना आता था।
लेकिन बिनोद अंग्रेज़ी में भी नाम लिख सकता था इसीलिए पूरे गाँव मे उसकी इज़्ज़त थी।
अपने गांव को पानी और बिजली की समस्या से छुटकारा दिलवाने के लिए वह चल पड़ा दिल्ली की तरफ।
पैसो की कमी के कारण पैदल जा रहा था बेचारा ( ये बात अलग थी कि रास्ते मे उसने लोगो के फोन को देख कर खुद का फ़ोन खरीद लिया था।)
वह दिल्ली पहुँचा उस समय प्रधान मंत्री जी के चपरासी नटवरलाल जी हुआ करते थे, तो उन्होंने नटवरलाल जी से गुजारिश की कि वह उन्हें प्रधानमंत्री जी से मिलवा दे ताकि वह अपने गाँव की समस्या प्रधानमंत्री जी को सुना सके।
तो नटवरलाल जी ने कहा,"अबे है कौन तू पता नहीं कहां-कहां से मुंह उठाकर चले जाते हैं।" ऐसा सुनने के बाद बिनोद ने कहा कि मैं,"बिनोद हूं! मैं बिनोद हूं! मैं बिनोद हूं!"
तो नटवरलाल ने कहा,"कौन बिनोद? कैसा बिनोद भई? कोई नहीं जानता तुन्हें यहाँ और 3बार अपना नाम क्यों ले रहे?चले जाओ यहाँ से।"
उसी दिन से बिनोद ने मन बना लिया था की अब वह अपनी पहचान पूरी दुनिया को करवाएगा। इसलिए वह पहले फेसबुक में हर किसी के फोटो के कमेंट में अपना नाम लिखकर आता था।
बात वहां से नहीं बनी इसीलिए उसने यूट्यूब पर कमेंट सेक्शन में यह काम करना शुरू कर दिया। एक बार ने उसका कमेंट देखा तो वह उसकी बिनोदता से प्रसन्न हो गए, उन्होंने बिनोद को मैसेज किया कि आप बार-बार ऐसा कमेंट क्यों करते हो तभी बिनोद ने अपनी समस्या बताई।
इसीलिए ने बिनोद का नाम फेमस किया और आज बिनोद को फेसबुक से लेकर इंस्टाग्राम तक यूट्यूब से लेकर ट्विटर तक सभी जानते हैं।अब वह अपने गांव की समस्या को हल कर देगा
बिनोद की इस कहानी को सभी तक पहुंचाएं ताकि सभी बिनोद की बिनोदता से प्रसन्न हो जाए
धन्यवाद।
©अंकुश।