04/06/2026
Himachal: दो शावकों के साथ रिहायशी इलाके में पहुंची मादा भालू, ग्रामीणों में दहशत; वीडियो आया सामने...........
कुल्लू में दो शावकों संग रिहायशी क्षेत्र में घूम रही मादा भालू, ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के आनी उपमंडल की कराना पंचायत में एक मादा भालू अपने दो शावकों के साथ रिहायशी इलाके में लगातार दिखाई दे रही है। भालुओं की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग खेतों, बगीचों तथा अन्य कार्यों के लिए घरों से निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार कराना पंचायत के रीउंड नाला क्षेत्र में पिछले कई दिनों से मादा भालू अपने दो शावकों के साथ देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि भालू सड़क से करीब 10 मीटर की दूरी पर स्थित एक पत्थर की गुफा के आसपास डेरा जमाए हुए है। यह मार्ग स्थानीय लोगों, कर्मचारियों और स्कूली बच्चों की नियमित आवाजाही का प्रमुख रास्ता है।
दिन के समय भी भालुओं के दिखाई देने से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शावकों के साथ होने के कारण मादा भालू अधिक सतर्क और आक्रामक हो सकती है, जिससे किसी भी समय हादसे की आशंका बनी हुई है।
क्षेत्र के ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार भालुओं की मौजूदगी के कारण बच्चों का स्कूल जाना और लोगों का दैनिक कार्यों के लिए बाहर निकलना जोखिमभरा हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से भालुओं को सुरक्षित तरीके से जंगल में स्थानांतरित करने तथा क्षेत्र में पिंजरे लगाने की मांग भी उठाई है।
वन विभाग ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में भालुओं की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके लिए संबंधित रेंज अधिकारी को विशेष निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
स्कूल के पास भी दिखी मादा भालू
उधर, थनोग स्थित सरस्वती विद्या मंदिर (एसवीएम) स्कूल के समीप भी एक मादा भालू द्वारा दो शावकों को जन्म देने की जानकारी सामने आई है। स्कूल के आसपास भालू और उसके बच्चों की मौजूदगी ने अभिभावकों तथा विद्यार्थियों की चिंता बढ़ा दी है।
हालांकि भालू के शावकों को देखने के लिए लोगों में उत्सुकता भी है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोग और स्कूल प्रबंधन सतर्क हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना देकर जल्द सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।