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सोलन में हादसा: राजगढ़ रोड से अनियंत्रित होकर धोबीघाट रोड पर गिरी ऑल्टोसोलन शहर के राजगढ़ रोड पर एक ऑल्टो कार अनियंत्रित...
04/09/2026

सोलन में हादसा: राजगढ़ रोड से अनियंत्रित होकर धोबीघाट रोड पर गिरी ऑल्टो
सोलन शहर के राजगढ़ रोड पर एक ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर धोबीघाट रोड पर जा गिरी। हादसे के समय कार में तीन युवक सवार थे, जिन्हें चोटें आई हैं। तीनों घायलों को उपचार के लिए सोलन के क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।

04/09/2026

सोलन में बढ़ती मारपीट की घटनाओं से कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
युवक पर कथित जानलेवा हमला, गंभीर हालत में PGI चंडीगढ़ रेफर; शहर में रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग
सोलन, 4 सितंबर: सोलन शहर में मारपीट और हमले की लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। बीती रात शराब के ठेके पर काम करने वाले एक युवक पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया। घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल सोलन ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया।
घटना के बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के विभिन्न हिस्सों में आए दिन विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आती रहती हैं। लोगों का मानना है कि ऐसी घटनाओं पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई और निगरानी जरूरी है, ताकि असामाजिक तत्वों के हौसले न बढ़ें।
शहरवासियों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करने की मांग की है। विशेष रूप से शराब ठेकों, बाजारों, बस स्टैंड और अन्य संवेदनशील स्थानों पर रात के समय पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने की जरूरत बताई जा रही है।
लोगों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केवल घटना के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संभावित विवाद वाले स्थानों पर नियमित निगरानी और पुलिस की सक्रिय मौजूदगी भी जरूरी है।
वहीं, निजी सिक्योरिटी एजेंसियों की जिम्मेदारी को लेकर भी चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि सुरक्षा कर्मियों को संदिग्ध गतिविधियों और बार-बार विवाद की स्थिति पैदा करने वाले लोगों पर नजर रखनी चाहिए तथा किसी अप्रिय घटना की आशंका होने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करना चाहिए।
बढ़ती घटनाओं के बीच शहरवासियों की मांग है कि पुलिस प्रशासन रात्रि गश्त, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और असामाजिक गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता दे, ताकि शहर में आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भरोसा कायम रहे।

03/09/2026

हमीरपुर से लापता तीन नाबालिग छात्राएं गुजरात से सकुशल बरामद, पुलिस जांच में जुटी👇

03/09/2026

सोलन में अतिक्रमण पर तीसरे दिन भी कार्रवाई, समान कार्रवाई की उठी मांग
सोलन में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का अभियान तीसरे दिन भी जारी रहा। कई अवैध ढांचों पर पीला पंजा चलाकर कार्रवाई की गई। वहीं, स्थानीय लोगों और दुकानदारों का कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए—कहीं कार्रवाई और कहीं सिर्फ चेतावनी देने से सवाल खड़े होते हैं। नगर निगम की कार्यसीमा को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि समय-समय पर निशानदेही होने के बावजूद अधिकारियों के बदलने पर कार्रवाई का तरीका बदल जाता है। ऐसे में जिम्मेदार विभाग को दुकानदारों के साथ बैठक कर बातचीत के जरिए स्थायी समाधान निकालना चाहिए।

03/09/2026

जाबली में फोरलेन का पानी दुकानों में घुसा, अचानक आई बाढ़ से मची अफरा-तफरी; लोगों ने भागकर बचाई जान....

02/09/2026

हिमाचल के स्कूल-कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल, शिक्षकों के खिलाफ 3 साल में 24 शिकायतें सामने आईं👇

हिम चंडीगढ़ सिटी में सरसा नदी किनारे 9 किमी लंबा आधुनिक रिवर फ्रंट बनेगा............Him Chandigarh City: बद्दी के पास बस...
01/09/2026

हिम चंडीगढ़ सिटी में सरसा नदी किनारे 9 किमी लंबा आधुनिक रिवर फ्रंट बनेगा............

Him Chandigarh City: बद्दी के पास बसाया जाएगा आधुनिक शहर, सरसा नदी किनारे बनेगा 9 किमी लंबा रिवर फ्रंट

चंडीगढ़ से सटे बद्दी क्षेत्र में प्रस्तावित हिम चंडीगढ़ सिटी परियोजना को जल्द गति मिलने वाली है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने परियोजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को विकास कार्य शीघ्र शुरू करने और सभी आवश्यक औपचारिकताएं तय समय में पूरी करने के निर्देश दिए।

आधुनिक और टिकाऊ शहर के रूप में होगा विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम चंडीगढ़ सिटी को अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर नागरिक सुविधाओं और पर्यावरण अनुकूल योजना के साथ विकसित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर का विकास सुनियोजित, संतुलित और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाए।

सरसा नदी किनारे बनेगा 9 किमी लंबा रिवर फ्रंट

परियोजना की खास विशेषता सरसा नदी के किनारे करीब 9 किलोमीटर लंबा विकसित रिवर फ्रंट होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे शहर की खूबसूरती बढ़ेगी और लोगों को सैर, मनोरंजन और सार्वजनिक गतिविधियों के लिए स्वच्छ एवं आकर्षक स्थान उपलब्ध होंगे।

बेहतर सड़क संपर्क पर रहेगा फोकस

उन्होंने अधिकारियों को प्रस्तावित शहर के लिए मजबूत और प्रभावी सड़क नेटवर्क विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को सुगम आवागमन और बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।

रोजगार और राजस्व को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम चंडीगढ़ सिटी केवल बढ़ती शहरी जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भविष्य में राज्य के राजस्व में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, विधायक राम कुमार और अजय सोलंकी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की दिन में तीन बार हाजिरी और ड्रेस कोड होगा लागू..............हिमाचल: सरकारी CBSE स्...
01/09/2026

सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की दिन में तीन बार हाजिरी और ड्रेस कोड होगा लागू..............

हिमाचल: सरकारी CBSE स्कूलों में शिक्षकों की दिन में तीन बार होगी हाजिरी, 1 अक्टूबर से ड्रेस कोड अनिवार्य

हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों के लिए अब दिन में तीन बार उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया और अधिकारियों को इसे लागू करने के निर्देश दिए।

नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों की हाजिरी सुबह, दोपहर और शाम तीनों समय दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड भी लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 से सभी शिक्षकों को निर्धारित ड्रेस पहनकर स्कूल आना होगा। सरकार का उद्देश्य स्कूलों में अनुशासन, जवाबदेही और एकरूपता को बढ़ावा देना है।

विधानसभा में सीएम सुक्खू का बयान, ओबीसी जनगणना के बाद MBBS सीटों में आरक्षण बढ़ाने पर होगा फैसला...............हिमाचल वि...
01/09/2026

विधानसभा में सीएम सुक्खू का बयान, ओबीसी जनगणना के बाद MBBS सीटों में आरक्षण बढ़ाने पर होगा फैसला...............

हिमाचल विधानसभा: ओबीसी आरक्षण पर सरकार का रुख स्पष्ट, जनगणना और आयोग की रिपोर्ट के बाद होगी समीक्षा

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को मेडिकल शिक्षा और सरकारी सेवाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार जातिगत जनगणना से जुड़े आंकड़ों और ओबीसी आयोग की सिफारिशों के आधार पर आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी बदलाव का फैसला संवैधानिक प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही लिया जाएगा।

एमबीबीएस सीटों में ओबीसी आरक्षण पर उठे सवाल

भाजपा विधायक सुखराम चौधरी ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 610 एमबीबीएस सीटों में से केवल 14 सीटें ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हैं, जो इस वर्ग की आबादी के अनुपात में पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने सरकार से मेडिकल शिक्षा में ओबीसी के लिए 18 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग की।

मुख्यमंत्री का विपक्ष पर पलटवार

प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ओबीसी वर्ग के हितों को प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए पूछा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस विषय पर कोई ठोस पहल क्यों नहीं की गई और अब इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट की सीमा का रखा हवाला

सुक्खू ने सदन में कहा कि आरक्षण से जुड़े किसी भी निर्णय में सुप्रीम कोर्ट की तय 50 प्रतिशत की सीमा और अन्य संवैधानिक प्रावधानों का पालन करना सरकार की जिम्मेदारी है। इसलिए सभी कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर विचार करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।

जनगणना और आयोग की रिपोर्ट के बाद फैसला

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ओबीसी आयोग विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर रहा है। जनसंख्या संबंधी जातिगत आंकड़ों और आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करेगी और ओबीसी वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेगी।

वहीं, विधायक सुखराम चौधरी ने सरकार से विभिन्न विभागों में ओबीसी को दिए जा रहे आरक्षण का विस्तृत ब्योरा भी मांगा और कहा कि मेडिकल शिक्षा के साथ-साथ अन्य सरकारी सेवाओं में भी आरक्षण व्यवस्था का युक्तिकरण किया जाना चाहिए।

सीएम सुक्खू बोले- सहारा योजना के 4,050 लाभार्थी नई ऑनलाइन प्रणाली में किए गए स्थानांतरित..............हिमाचल: सहारा योजन...
01/09/2026

सीएम सुक्खू बोले- सहारा योजना के 4,050 लाभार्थी नई ऑनलाइन प्रणाली में किए गए स्थानांतरित..............

हिमाचल: सहारा योजना में ऑनलाइन बदलाव, 4,050 लाभार्थी नए पोर्टल से जुड़े

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सहारा योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का आकलन किया। बैठक में बताया गया कि योजना को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए विभाग ने एक समर्पित ऑनलाइन सॉफ्टवेयर प्रणाली विकसित की है, जिसके जरिए हजारों लाभार्थियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है।

4,050 लाभार्थी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित

नई प्रणाली के तहत 4,050 सक्रिय और पात्र लाभार्थियों को सफलतापूर्वक ऑनलाइन पोर्टल पर स्थानांतरित किया गया है। इनमें से 3,958 लाभार्थियों की आधार आधारित ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। इसके बाद जुलाई 2026 के लिए अब तक 3,723 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता जारी की जा चुकी है।

ई-कल्याण पोर्टल पर मिले 4,143 नए आवेदन

विभाग के अनुसार ई-कल्याण पोर्टल के माध्यम से अब तक 4,143 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन सभी आवेदनों की योजना के नियमों के अनुसार जांच कर स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है। यह पोर्टल अब पूरी तरह लाइव है और पात्र लोग इसके माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

हर माह 3,000 रुपये की मिलती है सहायता

मुख्यमंत्री ने बताया कि सहारा योजना का उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन लोगों को हर महीने 3,000 रुपये की सहायता देना है, जो चिन्हित गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। योजना के तहत मरीजों के परिचारकों को भी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि लंबे इलाज के दौरान परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हो सके।

20.01 करोड़ का बजट, 4.46 करोड़ खर्च

उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में सहारा योजना के लिए 20.01 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिसमें से अब तक 4.46 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ सभी पात्र लोगों तक पारदर्शी, समयबद्ध और आसान तरीके से पहुंचे तथा लंबे इलाज से जूझ रहे जरूरतमंद परिवारों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव सी.पी. वर्मा, निदेशक ईएसओएमएसए सुमित किमटा, निदेशक महिला एवं बाल विकास डॉ. पंकज ललित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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