01/09/2026
सीएम सुक्खू बोले- सहारा योजना के 4,050 लाभार्थी नई ऑनलाइन प्रणाली में किए गए स्थानांतरित..............
हिमाचल: सहारा योजना में ऑनलाइन बदलाव, 4,050 लाभार्थी नए पोर्टल से जुड़े
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सहारा योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का आकलन किया। बैठक में बताया गया कि योजना को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए विभाग ने एक समर्पित ऑनलाइन सॉफ्टवेयर प्रणाली विकसित की है, जिसके जरिए हजारों लाभार्थियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है।
4,050 लाभार्थी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित
नई प्रणाली के तहत 4,050 सक्रिय और पात्र लाभार्थियों को सफलतापूर्वक ऑनलाइन पोर्टल पर स्थानांतरित किया गया है। इनमें से 3,958 लाभार्थियों की आधार आधारित ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। इसके बाद जुलाई 2026 के लिए अब तक 3,723 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता जारी की जा चुकी है।
ई-कल्याण पोर्टल पर मिले 4,143 नए आवेदन
विभाग के अनुसार ई-कल्याण पोर्टल के माध्यम से अब तक 4,143 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन सभी आवेदनों की योजना के नियमों के अनुसार जांच कर स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है। यह पोर्टल अब पूरी तरह लाइव है और पात्र लोग इसके माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
हर माह 3,000 रुपये की मिलती है सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि सहारा योजना का उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन लोगों को हर महीने 3,000 रुपये की सहायता देना है, जो चिन्हित गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। योजना के तहत मरीजों के परिचारकों को भी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि लंबे इलाज के दौरान परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हो सके।
20.01 करोड़ का बजट, 4.46 करोड़ खर्च
उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में सहारा योजना के लिए 20.01 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिसमें से अब तक 4.46 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ सभी पात्र लोगों तक पारदर्शी, समयबद्ध और आसान तरीके से पहुंचे तथा लंबे इलाज से जूझ रहे जरूरतमंद परिवारों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव सी.पी. वर्मा, निदेशक ईएसओएमएसए सुमित किमटा, निदेशक महिला एवं बाल विकास डॉ. पंकज ललित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।