22/03/2026
जितने भी सरेंडर कहते घूम रहे है न! धुरंधर देखिए और फिर कमरे में बैठकर विश्लेषण करना। क्योंकि सार्वजनिक करने लायक स्थिति नहीं है।
धुरंधर में हमज़ा के वलीमे में मेजर इक़बाल कहते है कि 26/11 के बाद लगा था कि एंडिया गहमागहमी करेगा। लेकिन वह तो बिल्कुल बीप निकला…
तो इक़बाल का साथी कहता है कि एंडिया अमेरिका से मदद माँगता रहा और अमेरिका गाजर दिखाता रहा।
फिर धुरंधर रिवेंज में ब्रिगेडियर जहांगीर कहता है, तुम तो कहते थे कि एंडिया में तुम्हारे लोगों की सरकार बनेगी।
तुम्हारे लोग?
कौन लोग थे?
2004-2014 से भारत में सीरियल बम ब्लास्ट हुए। सैकड़ों लोग मारे गए और 2008 में तो ताज अटैक हुआ था।
तत्कालीन भारत सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की, सिर्फ़ डोजियर, डोजियर खेलते रहे। 26/11 पर पूर्व गृह मंत्री का वक्तव्य है कि अमेरिका के दबाव में कोई कार्यवाही नहीं की। सेकेट्री ऑफ़ स्टेट तीन दिनों तक भारत में रही और भारत सरकार को समझाया था। और हाँ ये आदित्य धर ने नहीं लिखा है। पब्लिक डोमेन में है।
जिन्होंने सरेंडर कर दिया था वे धुरंधर को प्रोपगेंडा कह रहे है। अरे, धुरंधर बनाने के लिए नरेंदर चाहिए। तभी तो अज्ञात योद्धा ऐक्टिव होंगे।
अज्ञात योद्धाओं के शौर्य को भारतीय गुप्तचर विभाग कभी आधिकारिक नहीं करेगा क्योंकि उनकी थीम ही डिनायल पर रहती है और दुनिया की हर खुफिया एजेंसी करती है।
नरेंदर ही धुरंधर है
आधिकारिक में सर्जिकल और एयर स्ट्राइक है फिर ऑपरेशन सिंदूर है।
सरेंडर लोगों को धुरंधर कतई हज़म न होगी। इसलिए उल्टियाँ करते फिर रहे है।
नरेंदर के बाद बाबा है, तो धुरंधर के आगे के भाग भी आयेंगे।
मानते हैं सच्चाई थोड़ी कड़वी होती हैं जो हज़म नहीं होती क्योंकि ताक़त देने वाला खाना भी हज़म करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है आगे आगे देखिए और भी बहुत सी सच्चाई सामने आती रहेगी इसलिए थोड़ी मेहनत करनी शरू कर दो ताकि पीछे लगीं आग से तकलीफ़ ना हो 😂😂😂