11/06/2026
कारगिल की बर्फीली चोटियों पर देश की रक्षा करना ही अपने आप में बेहद कठिन काम है, लेकिन कुछ सैनिक ऐसे भी होते हैं जो ड्यूटी निभाते हुए ऐसी कीमत चुकाते हैं जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। तस्वीर में दिख रहे सैनिक ने ऑपरेशन रक्षक के दौरान करीब 60 दिनों तक मोर्चा संभाला। बताया जाता है कि तोप का गोला दागते समय हुए हादसे में उनका लिवर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया और जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई।
युद्ध खत्म होने के बाद भी कई सैनिकों की लड़ाई खत्म नहीं होती। अस्पताल, ऑपरेशन, दर्द और लंबे पुनर्वास का संघर्ष उनके जीवन का हिस्सा बन जाता है। फिर भी वे हार नहीं मानते और उसी साहस के साथ आगे बढ़ते हैं, जिस साहस के साथ उन्होंने सीमा पर दुश्मन का सामना किया था।
हम अक्सर जीत की कहानियां सुनते हैं, लेकिन उन घावों को नहीं देख पाते जो सैनिक अपने शरीर और मन पर लेकर जीते हैं। ऐसे वीर हमें याद दिलाते हैं कि देश की सुरक्षा केवल शब्द नहीं, बल्कि अनगिनत त्याग और बलिदानों की कहानी है। ऐसे हर सैनिक को दिल से सलाम। 🇮🇳
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