Nice by God

Nice by God गरीब की सेवा
(1)

11/06/2026

कारगिल की बर्फीली चोटियों पर देश की रक्षा करना ही अपने आप में बेहद कठिन काम है, लेकिन कुछ सैनिक ऐसे भी होते हैं जो ड्यूटी निभाते हुए ऐसी कीमत चुकाते हैं जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। तस्वीर में दिख रहे सैनिक ने ऑपरेशन रक्षक के दौरान करीब 60 दिनों तक मोर्चा संभाला। बताया जाता है कि तोप का गोला दागते समय हुए हादसे में उनका लिवर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया और जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई।

युद्ध खत्म होने के बाद भी कई सैनिकों की लड़ाई खत्म नहीं होती। अस्पताल, ऑपरेशन, दर्द और लंबे पुनर्वास का संघर्ष उनके जीवन का हिस्सा बन जाता है। फिर भी वे हार नहीं मानते और उसी साहस के साथ आगे बढ़ते हैं, जिस साहस के साथ उन्होंने सीमा पर दुश्मन का सामना किया था।

हम अक्सर जीत की कहानियां सुनते हैं, लेकिन उन घावों को नहीं देख पाते जो सैनिक अपने शरीर और मन पर लेकर जीते हैं। ऐसे वीर हमें याद दिलाते हैं कि देश की सुरक्षा केवल शब्द नहीं, बल्कि अनगिनत त्याग और बलिदानों की कहानी है। ऐसे हर सैनिक को दिल से सलाम। 🇮🇳

🇮🇳,,,

11/06/2026

लोग अक्सर सफलता को पैसे से तौलते हैं, मेहनत से नहीं।
पानी पूरी बेचने वाले एक पिता के बेटे ने JEE Mains में 98.59 पर्सेंटाइल हासिल कर अपनी काबिलियत साबित कर दी। सीमित संसाधनों के बावजूद उसने वो कर दिखाया जिसका सपना लाखों छात्र देखते हैं। यह सफलता सिर्फ एक छात्र की नहीं, बल्कि उस पिता के संघर्ष, त्याग और विश्वास की भी जीत है जिसने हर मुश्किल के बीच अपने बेटे की पढ़ाई जारी रखी।
ऐसी कहानियां हमें याद दिलाती हैं कि प्रतिभा अमीरी-गरीबी नहीं देखती, बस मेहनत और हौसला देखती है। ❤️
,,,

11/06/2026

शिक्षा जगत में इन दिनों एक बयान चर्चा का विषय बना हुआ है। अवध ओझा ने कहा कि खान सर की सफलता ने शिक्षा क्षेत्र में एक नई सोच को जन्म दिया है। उनका मानना है कि कम फीस में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का मॉडल उन स्थापित व्यवस्थाओं को चुनौती दे रहा है, जिन पर वर्षों से कुछ बड़े संस्थानों का प्रभाव रहा है। खान सर ने लाखों छात्रों तक आसान भाषा और सुलभ शिक्षा पहुंचाकर अपनी अलग पहचान बनाई है। यही कारण है कि उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर समर्थकों और आलोचकों के बीच बहस तेज हो गई है, लेकिन एक बात स्पष्ट है कि शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की चर्चा अब पहले से अधिक हो रही है।
Hashtags:
,,,,

09/06/2026

खान सर को लिखा जा रहा है कि 'फैसल खान गिरफ्तार होगा'। वो खान सर... जो हजारों-लाखों बच्चों के इंस्पिरेशन (Inspiration) हैं। और आज उसी खान सर को मुसलमान के तौर पे... इंगित किया जा रहा है कि फैसल खान गिरफ्तार होगा
कितने बच्चे दरोगा, कितने बच्चे कहाँ-कहाँ पोस्टेड हैं, उसी टीचर के पढ़ाए हुए! आज उस टीचर को ये देश, ये समाज के लोग जो हैं, वो जेहादी कहने लगे हैं
एक किताब, एक कलम और एक शिक्षक... आप शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले करोड़ों विद्यार्थियों के चहेते, 'खान सर' के नाम से जाने जाते हैं
शिक्षा के क्षेत्र में आपके सराहनीय योगदान के लिए, आपको 'चैंपियंस ऑफ चेंज बिहार 2024' से सम्मानित किया जाता है,,

09/06/2026

मानवता और व्यवस्था की चुनौतियों को दर्शाने वाली एक तस्वीर सोशल Media पर लोगों को भावुक कर रही है। वायरल तस्वीर में एक युवक अपनी बुजुर्ग और बीमार दादी को ठेले पर बैठाकर बैंक ले जाता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि पेंशन संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के लिए उनकी शारीरिक उपस्थिति आवश्यक बताई गई थी। इस घटना ने बुजुर्गों के लिए सरकारी और बैंकिंग सेवाओं की पहुंच को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। तस्वीर सामने आने के बाद लोग संवेदनशील व्यवस्था और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह तस्वीर तेजी से साझा की जा रही है और लोगों की भावनाओं को झकझोर रही है।
Hashtags:
,,,

09/06/2026

700 साल पहले जो हुआ, वह इतिहास का कड़वा सच है। लेकिन क्या किसी भी समस्या का समाधान केवल अनंत समय तक आरक्षण ही है, या फिर शिक्षा, अवसर और आर्थिक सशक्तिकरण पर भी उतना ही ध्यान होना चाहिए?
यह बहस नई नहीं है। एक पक्ष कहता है कि सामाजिक असमानता आज भी मौजूद है, इसलिए आरक्षण ज़रूरी है। दूसरा पक्ष मानता है कि आरक्षण की समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए और इसका लाभ वास्तव में ज़रूरतमंद लोगों तक पहुँचना चाहिए।
आपकी राय क्या है?
क्या आरक्षण वर्तमान स्वरूप में जारी रहना चाहिए, या इसमें बदलाव की आवश्यकता है?
,,,,

09/06/2026

सिर्फ़ 15 साल की उम्र में जब ज़्यादातर बच्चे अपने सपनों की दिशा तलाश रहे होते हैं, तब कुछ युवा अपने जुनून और मेहनत से पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं। वैभव सूर्यवंशी की उपलब्धि भी कुछ ऐसी ही है, जिसने कम उम्र में बड़ी पहचान बनाकर यह साबित कर दिया कि उम्र नहीं, बल्कि लगन और निरंतर प्रयास इंसान को ऊँचाइयों तक पहुंचाते हैं।
किसी भी सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, त्याग और अनुशासन छिपा होता है। जब एक युवा खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से लोगों को प्रभावित करता है और उसे सम्मानित किया जाता है, तो वह सिर्फ़ एक व्यक्ति की जीत नहीं होती, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन जाती है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे क्षण यह याद दिलाते हैं कि प्रतिभा को सही दिशा और मेहनत का साथ मिले तो असंभव भी संभव हो सकता है। ,,,

06/06/2026

दिल्ली में एक होटल में लगी भीषण आग के दौरान इंसानियत और साहस की ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। जब आग की लपटों और धुएं से घिरे लोग अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से कूदने को मजबूर हो गए, तब पास की मैट्रेस दुकान के मालिक रियाजुद्दीन मंसूरी ने बिना समय गंवाए अपनी दुकान के सभी गद्दे और कंबल बाहर बिछा दिए। इन गद्दों की मदद से कई लोगों को सुरक्षित नीचे उतरने का मौका मिला और बड़ा हादसा टल गया।

बताया जा रहा है कि इस प्रयास से 8 से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकी। रियाजुद्दीन ने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। लोगों ने उनके इस कदम को सच्ची मानवता और बहादुरी का उदाहरण बताया है। ऐसे समय में जब हर कोई अपनी सुरक्षा के बारे में सोचता है, रियाजुद्दीन ने दिखाया कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है।

,,,

06/06/2026

स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए सबसे बड़ी चिंता पढ़ाई नहीं, बल्कि रोज़ का सफर भी होता है... 😮
तमिलनाडु में स्कूल यूनिफॉर्म पहने छात्र-छात्राएँ अपने घर से स्कूल तक सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकते हैं। इससे लाखों परिवारों का खर्च कम होता है और कई बच्चों के लिए स्कूल पहुँचना आसान बन जाता है।
सोचिए, अगर हर राज्य में ऐसी सुविधा मिल जाए तो कितने बच्चों की पढ़ाई बीच में छूटने से बच सकती है? खासकर ग्रामीण इलाकों और गरीब परिवारों के छात्रों को इसका सबसे ज़्यादा फायदा मिलेगा।
आपकी राय में क्या पूरे भारत में छात्रों के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा होनी चाहिए?
,,,,

05/06/2026

📢📢👇"इस देश का सोना इस देश के लोगों के काम आएगा। सोना बेचकर देश की अर्थव्यवस्था को बचाया जा रहा है। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो देश के उद्योगपति बर्बाद हो जाएंगे और जनता को बेरोज़गारी की मार झेलनी पड़ेगी।" — PM Modi 🔴 प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान के बाद देश में नई बहस छिड़ गई है। एक तरफ समर्थक इसे अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ विपक्ष सवाल उठा रहा है कि आखिर ऐसी नौबत क्यों आई कि देश के सोने को बेचने की जरूरत पड़ गई। आपकी राय क्या है? क्या देश की आर्थिक मजबूती के लिए यह सही फैसला है या फिर सरकार की नीतियों की विफलता?..

Address

Sri Dungargarh

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Nice by God posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category