24/12/2025
कम मात्रा में मादक पदार्थ बेचने वाले भी नहीं बख्शे जायेंगे
एनडीपीएस एक्ट में जुड़ेगी बीएनएस की धारा 111 ओर 112
जयपुर।पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों पर शिकंजा कसने की बड़ी तैयारी कर ली है। नए कानून बीएनएस में कार्रवाई करने का प्रावधान है, लेकिन अब तक थाना पुलिस इस कानून का उपयोग नहीं कर रही थी।तस्करों के कम मात्रा में मादक पदार्थ के साथ पकड़े जाने पर बार-बार जमानत पर छूटकर फिर से तस्करी में जुट जाने के मामलों बाद स्पेशल पुलिस कमिश्नर राहुल प्रकाश ने इसे गंभीर श्रेणी का अपराध बताते हुए सभी डीसीपी और थानाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए है।
निर्देशों के अनुसार, बडे तस्करों के नेटवर्क से जुड़े वे लोग जो स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर युवाओं को कम मात्रा में गांजा, स्मैक, हेरोइन, अफीम, चरस, एमडी सहित अन्य मादक पदार्थ बेचते हैं, उन्हें संगठित अपराध के तहत गिरफ्तार किया जाएगा। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111 और 112 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा, जिससे कम मात्रा में मादक पदार्थ के साथ पकड़े जाने वाले तस्करों की जमानत आसानी से नहीं हो सकेगी। धारा 111 में 5 वर्ष से आजीवन कारावास व 10 लाख रुपए जुर्माने और धारा 112 में 1 से 7 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
#संगठित_अपराध
ऐसे लोग भी,जो संगठित गिरोह के सदस्य होते हैं और गिरोह के लिए अपराध करने,कराने, मदद करने,वित्तीय सहयोग देने,संरक्षण देने या साजिश रचने में शामिल हों, भले ही उन्होंने खुद सीधे अपराध न किया हो,लेकिन गिरोह की गतिविधियों में उनकी भूमिका साबित हो।यदि अपराध अकेले नहीं,बल्कि गिरोह बनाकर,चेन सिस्टम के तहत और बार-बार किया जाए,तो वह संगठित अपराध माना जाता है।ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।