19/10/2025
स्वामी विवेकानंद जी के पिता एक बार जरूरतमंद लोगों को दान दे रहे थे। उसी समय स्वामी जी वहाँ आए और कहा — 'पिताजी, आपने सबको कुछ दिया, मेरा हिस्सा क्या है?' पिताजी ने मुस्कराते हुए कहा — 'बेटा, तुम्हारे पास तुम्हारी अपनी शक्ति है, जो मैंने तुम्हें दी है।' स्वामी जी ने उस दिन समझ लिया कि सच्ची ताकत आत्मविश्वास में है, और जब व्यक्ति स्वयं पर विश्वास करता है, तो उसे किसी और के सहारे की आवश्यकता नहीं रहती। इससे यह सीख मिलती है — स्वयं पर विश्वास रखिए, क्योंकि आपके पास सबसे बड़ी शक्ति आप स्वयं हैं। 🙏💫🌟😊👏💪