21/06/2026
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत कब और कैसे हुई थी?
! योग के लिए जागरूकता और इसको बढ़ावा देने के लिए एक दिन समर्पित करने का विचार सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान रखा था। उन्होंने योग को भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार बताते हुए मन और शरीर, विचार और कर्म, मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य बनाने की क्षमता पर जोर दिया था।
उस समय दुनियाभर के कई देशों ने पीएम मोदी के इस प्रस्ताव को समर्थन दिया था।
11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव 69/131 को अपनाया था।
आधिकारिक तौर पर 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया था।
इस प्रस्ताव को रिकॉर्ड 175 सदस्य देशों का समर्थन मिला था।
तब से दुनिया भर में लाखों लोग योग के अभ्यास से जुड़कर हर साल इस दिन को बड़े उत्साह के साथ मनाते आ रहे हैं।
इस वजह से दुनियाभर में 21 जून को मनाया जाता है योग दिवस
यूनाइटेड नेशंस की ऑफिशियल वेबसाइट www.un.org के अनुसार, योग एक प्राचीन शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है जिसकी शुरुआत भारत में हुई थी। इसकी लोकप्रियता को देखते हुए 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने प्रस्ताव 69/131 के जरिए 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था।
इंटरनेशनल योग डे के लिए 21 जून को इसलिए चुना गया था क्योंकि यह दिन समर सॉल्स्टिस ( Summer Solstice ) के साथ जुड़ा है जो उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन होता है।
समर सॉल्स्टिस को कई संस्कृतियों और आध्यात्मिक परंपराओं में विशेष महत्व दिया जाता है।
इस दिन अक्सर प्रकाश, ऊर्जा, नई शुरुआत और संतुलन का प्रतीक माना जाता है।
भारतीय परंपराओं में समर सॉल्स्टिस के बाद का समय ‘दक्षिणायन’ की शुरुआत माना जाता है।
इस समय को आध्यात्मिक साधना, ध्यान और आत्म-चिंतन के लिए उपयुक्त समय माना जाता है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस क्यों मनाया जाता है?
इंटरनेशनल योग डे का उद्देश्य योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक फायदों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। यह दिन स्वस्थ जीवनशैली, तनाव मुक्ति, मानसिक संतुलन और वैश्विक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए को मनाया जाता है। इंटरनेशनल योग डे का मुख्य उद्देश्य योग के कई फायदों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित करना है।