24/11/2025
छह साल… हाँ, पूरे छह साल तक हर रात एक ही आसमान को ताकते हुए उसने बस एक ही सपना देखा था। ठंडी हवाएँ, कड़कड़ाती रातें, कैमरा हाथ में… और दिल में एक उम्मीद— “कभी तो वो सही पल आएगा…” लोग कहते थे—“पागलपन है!”
लेकिन उस पागलपन ने ही एक ऐसा करिश्मा पैदा किया, जिसे देखकर दुनिया दंग रह गई।
इटली के एक फोटोग्राफ़र ने एक ऐसा सपना देखा जिसे पूरा करने में लोगों को उम्र लग जाती है।
वह चाहता था कि चाँद, पहाड़ और एक खूबसूरत बेसिलिका एकदम सीध में आएं—और वह उस दुर्लभ पलों को कैमरे में कैद कर ले।
ये आसान नहीं था…
उसे मौसम का इंतज़ार करना था, चाँद की सही स्थिति का इंतज़ार करना था, पहाड़ की दिशा का हिसाब लगाना था और साथ ही बेसिलिका को फ्रेम में बिल्कुल केंद्र में लाना था।
वह साल दर साल इंतज़ार करता गया—कभी बादल आ गए, कभी रोशनी कम थी, कभी चाँद कुछ डिग्री इधर-उधर।
लेकिन उसने हार नहीं मानी।