13/06/2026
टिहरी गढ़वाल के **केतन लाल हत्याकांड** को लेकर पुलिस प्रशासन और सरकार के स्तर पर इस समय तेज़ी से कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई चल रही है। लेटेस्ट मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस अपडेट्स के अनुसार इस मामले में अब तक की मुख्य ताज़ा अपडेट्स इस प्रकार हैं:
1. अब तक 4 आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में जांच का दायरा बढ़ाते हुए अब तक **कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार** कर लिया है:
* शुरुआती कार्रवाई में मुख्य आरोपी **यशवीर सिंह** और **विद्या सिंह पंवार** को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेज दिया गया।
* इसके बाद, पुलिस की आगे की तफ्तीश और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर दो और आरोपियों—**सुमित प्रसाद गौर** और **सचिन पंवार** को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
2. केतन लाल का अंतिम संस्कार और प्रशासन का आश्वासन
शुरुआत में न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार और स्थानीय ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। परिवार ने 1 करोड़ रुपये मुआवजा, सरकारी नौकरी और दोषियों को फांसी की सजा की मांग रखी थी।
* प्रशासनिक अधिकारियों (ASP दीपक कुमार, CO चंद्रमोहन सिंह) और स्थानीय जनप्रतिधियों की लंबी बातचीत और आश्वासन के बाद गतिरोध समाप्त हुआ।
* उत्तराखंड के समाज कल्याण मंत्री खजान दास, स्थानीय विधायक शक्ति लाल शाह और राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने केतन के पिता धनपाल लाल से फोन पर बात कर सरकार की ओर से पूरी मदद का भरोसा दिया, जिसके बाद **कोटि कॉलोनी घाट पर केतन लाल का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
3. फॉरेंसिक और वैज्ञानिक जांच तेज
टिहरी गढ़वाल की एसएसपी (SSP) श्वेता चौबे के अनुसार, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच सर्कल ऑफिसर (CO) रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है।
* एक विशेष फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल (खोलगढ़ गांव) का बारीकी से मुआयना किया है ताकि अदालत में केस को मजबूत करने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्य (Scientific Evidence) जुटाए जा सकें।
* केतन लाल का पोस्टमार्टम भी तीन डॉक्टरों के पैनल द्वारा पूरी वीडियोग्राफी के साथ कराया गया है ताकि मेडिकल रिपोर्ट में हर चोट और साक्ष्य को दर्ज किया जा सके।
सरकार और प्रशासन ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया है कि इस मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है, और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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