25/10/2025
उत्तराखंड बेरोजगार आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट महासंघ के ओर से आज पहल कि गयी है जो कि बेरोजगार आयुर्वेदिक फार्मासिस्टों के द्वारा आज माननीय मुख्यमंत्री जी के कार्यलय में भी ज्ञापन दिया गया है ओर बड़े दुःख कि बात है प्रदेश में लगभग 800 आयुर्वेदिक चिकित्सालय संचालित हो रहें है लेकिन फिर आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट बेरोजगार घूम रहें हैं।
समझ नहीं आता कि क्यो प्रदेश में इतने सारे कॉलेज खुले हैं ओर खुल रहें हैं क्यों बच्चों से इतने कोर्स करवा रहें है जब प्रदेश में आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के लिये पद खाली नहीं है और ना ही आयुर्वेदिक फार्मासिस्टों को लाइसेंस सुविधा नहीं दी जाती है जिस कारण वह अपना मेडिकल स्टोर भी संचालित नहीं कर पाता हैं जबकि जितने भी एलोपेथीक मेडिकल स्टोर संचालित हो रहें हैं उनमे अधिकांश तौर पर आयुर्वेदिक दवाईयाँ खरीदी एवं बेची जाती है लेकिन फिर आयुर्वेदिक फार्मासिस्टों को लाइसेंस सुविधाएं प्राप्त नहीं किया जाता है।
आयुर्वेदिक फार्मासिस्टों की ओर से माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि कृपया इस मामले में संज्ञान ले तथा प्रदेश में बेरोजगार आयुर्वेदिक फार्मासिस्टों को रोजगार देने में सहायता करें एवं आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट को लाइसेंस प्रक्रिया में संज्ञान लेने का कष्ट करें जिस कारण आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट अपना मेडिकल स्टोर खोल के स्वरोजगार कर सकें।