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Today Update: ठाणे-कळव्यात जुगार-मटका माफियांचे निर्धास्त काळे साम्राज्य: ठाणे सिटी पोलिसांची फक्त ट्विटरवर ‘खोट्या कारव...
27/05/2026

Today Update: ठाणे-कळव्यात जुगार-मटका माफियांचे निर्धास्त काळे साम्राज्य: ठाणे सिटी पोलिसांची फक्त ट्विटरवर ‘खोट्या कारवाई’ची भूमिका! 

७ एप्रिल २०२६ रोजी मी माझ्या ट्विटर हँडलद्वारे पहिले ट्विट करून सांना कळवा पोलीस ठाणे आणि ठाणे नगर पोलीस स्टेशनच्या हद्दीत सुरू असलेल्या अवैध जुगार क्लब आणि मटक्याची माहिती दिली होती.

​तेव्हापासून आजतागायत ना कळवा पोलीस ठाण्याचे वरिष्ठ पोलीस निरीक्षक श्री. सातपुते यांनी कोणतीही कारवाई केली, ना ठाणे नगर पोलीस स्टेशनचे वरिष्ठ पोलीस निरीक्षक श्री. चौधरी यांनी यावर काही पाऊल उचलले. ग्राउंड 

सत्य परिस्थिती अजूनही जशीच्या तशीच आहे.

​🚨 अवैध धंद्यांचे अचूक लोकेशन आणि ग्राउंड रिपोर्ट

​१. लोकेशन: कळवा (अवैध मटका)

▪️​अचूक पत्ता: ओल्ड पुणे रोड, नॅशनल बार अँड रेस्टॉरंटच्या गल्लीत.

▪️​मुख्य बाब: या मटक्याच्या धंद्यात कथितपणे भोसले नावाचा एक पोलीस कर्मचारी देखील थेट सामील (Involve) आहे.

​२. लोकेशन: कळवा (जुगार क्लब)

▪️​अचूक पत्ता: टकोली मोहल्ला, गाडियाल चौकजवळ, पंक्चरच्या दुकानाच्या बाजूच्या गल्लीत.

▪️​संचालक: विटावा गावातील एक व्यक्ती हा जुगार क्लब अत्यंत निर्धास्तपणे चालवत आहे.

​३. लोकेशन: ठाणे नगर पोलीस स्टेशन हद्द (अनंता क्लब)

▪️​अचूक पत्ता: नागरिक स्टोअर्सच्या गल्लीत असलेला “अनंता क्लब”.

▪️​संचालक: विष्णू शेठ.

▪️​काळे साम्राज्य: पहिल्या मजल्यापासून ते चौथ्या मजल्यापर्यंत जुगाराचे अनेक टेबल लावण्यात आले आहेत. येथे दररोज सुमारे ५० लाख रुपयांची अवैध काळ्या पैशांची उलाढाल (Turnover) होत आहे. अखेर याला जबाबदार कोण?

​📌 जुन्या कारवाईची नोंद: वर्ष २०२२ मध्ये ठाणे सिटी पोलिसांच्या माजी आयुक्तांनी याच 'अनंता क्लब'सह जवळच सुरू असलेल्या “एकवीरा क्लब” वर देखील मोठी धाड टाकून तो सील केला होता. परंतु आज हे धंदे पुन्हा जोमात सुरू आहेत.

आदेशांची पायमल्ली आणि उपस्थित होणारे गंभीर प्रश्न?

 ▪️​ट्विटर व्हर्सेस जमिनीवरील वास्तव: माझा थेट सवाल आहे कि ठाणे सिटी पोलिसांची काही जमिनी जबाबदारी आहे की नाही? की फक्त ट्विटरवर "कारवाई केली जात आहे" अशी औपचारिक पोस्ट टाकून खरी परिस्थिती लपवली जाते?

▪️​गृहराज्यमंत्र्यांच्या आदेशांचा अवमान: महाराष्ट्र राज्याचे गृहराज्यमंत्री श्री. योगेश कदम यांनीही सर्व जुगार क्लब आणि मटका धंद्यांवर कडकडात कारवाई करण्याचे कडक आदेश दिले आहेत. जेव्हा राज्याच्या गृहराज्यमंत्र्यांच्या आदेशाचीच पायमल्ली होत असेल, तर याला प्रशासनाचा उघड अवमान का मानू नये?

26/05/2026
“𝗖𝗼𝗰𝗸𝗿𝗼𝗮𝗰𝗵 𝗝𝗮𝗻𝘁𝗮 𝗣𝗮𝗿𝘁𝘆” का मैनिफेस्टो बना डर की वजह? देश की राजनीति में “𝗖𝗼𝗰𝗸𝗿𝗼𝗮𝗰𝗵 𝗝𝗮𝗻𝘁𝗮 𝗣𝗮𝗿𝘁𝘆” को लेकर विवाद लगातार बढ़...
26/05/2026

“𝗖𝗼𝗰𝗸𝗿𝗼𝗮𝗰𝗵 𝗝𝗮𝗻𝘁𝗮 𝗣𝗮𝗿𝘁𝘆” का मैनिफेस्टो बना डर की वजह?

देश की राजनीति में “𝗖𝗼𝗰𝗸𝗿𝗼𝗮𝗰𝗵 𝗝𝗮𝗻𝘁𝗮 𝗣𝗮𝗿𝘁𝘆” को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल दावों के अनुसार, इस संगठन ने एक ऐसा मैनिफेस्टो जारी किया था, जिसने सीधे तौर पर मौजूदा सत्ता और राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

दावा किया जा रहा है कि इसी मैनिफेस्टो की बढ़ती चर्चा और युवाओं के बीच मिल रहे समर्थन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी घबरा गई। इसके बाद कथित तौर पर संगठन की वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट्स बंद करवा दिए गए।

बताया जा रहा है कि “𝗖𝗼𝗰𝗸𝗿𝗼𝗮𝗰𝗵 𝗝𝗮𝗻𝘁𝗮 𝗣𝗮𝗿𝘁𝘆”का मैनिफेस्टो बेरोज़गारी, डिजिटल सेंसरशिप, भ्रष्टाचार, चुनावी पारदर्शिता और जनता की आवाज़ जैसे मुद्दों पर केंद्रित था।

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आज के दौर में कोई भी डिजिटल आंदोलन अगर युवाओं के बीच तेजी से फैलने लगे, तो वह सत्ता के लिए चुनौती बन सकता है।

“एक अकेला सब पर भारी”
अब लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या यह सिर्फ एक चुनावी जुमला था?
अगर सत्ता सच में मजबूत है, तो फिर आलोचना और व्यंग्य से डर कैसा?




25/05/2026

क्या BMC का RETMS पोर्टल और 1916 हेल्पलाइन कार्रवाई करने में असमर्थ हो चुकी है? 🤔

📞 अवैध निर्माण की शिकायत करो… तो जवाब मिलता है — “100 नंबर पुलिस को डायल करो…”

👮‍♂️ पुलिस कहती है — “यह BMC का मामला है…”

💻 RETMS पोर्टल पर शिकायत करो… तो सर्वर डाउन!

⚠️ ना पोर्टल सही से काम करता है… ⚠️ ना हेल्पलाइन समाधान देती है…

तो आखिर जनता की शिकायतों पर कार्रवाई कौन करेगा?

🎥 देखिए “आज का महानगर LIVE” की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट:
📢 खबर नहीं… खुलासा!

🔥 BMC helpline 1916 complaint call conversation se khuli BMC ki pol! 🔥

नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में बार-बार पेपर लीक होना सिर्फ एक प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य के सा...
24/05/2026

नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में बार-बार पेपर लीक होना सिर्फ एक प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। राजस्थान समेत कई राज्यों में छात्रों पर मानसिक दबाव इतना बढ़ गया कि आत्महत्या जैसी दुखद घटनाएं सामने आईं। हाल की रिपोर्टों में राजस्थान के एक NEET अभ्यर्थी की आत्महत्या का मामला भी सामने आया है, जिसके परिवार ने पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से हुए तनाव को वजह बताया।


20/05/2026

ठाणे-नासिक हाईवे पर डीज़ल व बैटरी चोरों का आतंक, 250 लीटर डीज़ल चोरी

ठाणे-नासिक हाईवे पर खड़े ट्रकों और ट्रेलरों को निशाना बनाकर डीज़ल एवं बैटरी चोरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताज़ा मामले में ट्रेलर नंबर NE01 AG 6963 से लगभग 250 लीटर डीज़ल चोरी होने की घटना सामने आई है।

मिली जानकारी के अनुसार यह ट्रेलर सूरत के हाज़िरा क्षेत्र से तलोजा के लिए रवाना हुआ था। रविवार को अचानक तकनीकी खराबी आने के कारण ट्रेलर को नासिक जाने वाले हाईवे पर, रुस्तमजी के सामने, थाना नासिक रोड क्षेत्र में खड़ा करना पड़ा।
ट्रेलर रविवार रात से लेकर अब तक वहीं खराब अवस्था में खड़ा है।

सोमवार सुबह लगभग 4:30 बजे चालक को पता चला कि ट्रेलर से करीब 250 लीटर डीज़ल चोरी हो चुका है।

ट्रेलर चालक उमेश यादव की जानकारी के अनुसार चोरी करने वाले लोग नीले रंग की व्हाइट नंबर प्लेट वाली डिज़ायर कार में आते हैं और उनकी पर्सनैलिटी काफ़ी प्रोफ़ेशनल दिखाई देती है। उनके साथ दो स्कूटर सवार भी रहते हैं, जो चोरी से पहले हाईवे पर खड़े ट्रकों एवं ट्रेलरों की रेकी करते हैं और यह देखते हैं कि चालक सो रहा है या जाग रहा है।

बताया जा रहा है कि हाईवे पर सक्रिय यह गिरोह खराब एवं सड़क किनारे खड़े वाहनों को निशाना बनाकर डीज़ल और बैटरी चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा है। स्थानीय ट्रांसपोर्टरों एवं वाहन चालकों का आरोप है कि हाईवे पर पुलिस पेट्रोलिंग नाममात्र की है, जिसका सीधा फ़ायदा चोर उठा रहे हैं।

मैं कमिश्नर श्री से निवेदन करता हूँ कि इस मामले का स्वतः संज्ञान लेकर हाईवे पर सक्रिय डीज़ल एवं बैटरी चोर गिरोह के विरुद्ध तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए तथा आरोपियों को शीघ्र गिरफ़्तार किया जाए।



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1. प्रधानमंत्री मोदी की प्रेस मीट और मीडिया से संवाद 👇​वैश्विक स्तर पर तुलना: हेला ने उल्लेख किया कि लोकतांत्रिक देशों क...
20/05/2026

1. प्रधानमंत्री मोदी की प्रेस मीट और मीडिया से संवाद 👇
​वैश्विक स्तर पर तुलना: हेला ने उल्लेख किया कि लोकतांत्रिक देशों के नेताओं से यह उम्मीद की जाती है कि वे नियमित रूप से मीडिया के तीखे और सीधे सवालों का सामना करें।

​जवाबदेही: उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस केवल सूचना देने का जरिया नहीं हैं, बल्कि यह जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही तय करने का एक सशक्त माध्यम हैं।

​2. प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतंत्र

​लोकतंत्र का स्तंभ: हेला के अनुसार, एक मजबूत और जीवंत लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र प्रेस का होना अनिवार्य है। बिना किसी डर या पक्षपात के काम करने वाली मीडिया ही लोकतंत्र को जिंदा रखती है।

​वैश्विक चिंताएं: उन्होंने दुनिया भर में (जिसमें भारत भी शामिल है) प्रेस स्वतंत्रता के गिरते स्तर और पत्रकारों पर बढ़ते दबाव को लेकर चिंता व्यक्त की।

​3. भारत में पत्रकारिता की स्थिति और मानवाधिकार

​चुनौतियां और जमीनी हकीकत: भारतीय पत्रकारों की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्र रूप से काम करने वाले पत्रकारों को अक्सर कई तरह की चुनौतियों, कानूनी अड़चनों और कभी-कभी सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग या धमकियों का सामना करना पड़ता है।

​मानवाधिकार: उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की आज़ादी और मानवाधिकार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। जब पत्रकारों की आवाज़ को दबाया जाता है, तो सीधे तौर पर आम जनता के अधिकारों का हनन होता है।

​मुख्य निष्कर्ष: हेला लिंग स्वेनड्स का मानना है कि भारत जैसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में पत्रकारिता की स्वतंत्रता को बनाए रखना न केवल वहां के नागरिकों के लिए, बल्कि वैश्विक लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए भी बेहद ज़रूरी है।



  is a “ ” only for his blind followers in  . On the ground reality, this man has not held a single open press conferenc...
18/05/2026

is a “ ” only for his blind followers in . On the ground reality, this man has not held a single open press conference since 2014 and seems scared of facing one. Unfortunately, our country got an -made who is uneducated and can do nothing except cling to people and keep laughing continuously.

युवाओं को लेकर इस तरह की टिप्पणी देश का मुख्य न्यायाधीश कैसे कर सकता है?नई दिल्ली: भारत के Chief Justice of India Surya ...
15/05/2026

युवाओं को लेकर इस तरह की टिप्पणी देश का मुख्य न्यायाधीश कैसे कर सकता है?

नई दिल्ली: भारत के Chief Justice of India Surya Kant की एक कथित टिप्पणी को लेकर देशभर में विवाद गहरा गया है।

बेरोज़गार युवाओं, मीडिया और RTI एक्टिविस्ट्स को लेकर “कॉकरोच” और “परजीवी” जैसे शब्दों के इस्तेमाल की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी बहस छिड़ गई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार अदालत की सुनवाई के दौरान कहा गया:

“There are already parasites of society who attack the system…”

“There are youngsters like cockroaches, who don't get any employment or have any place in profession…” 

इस बयान के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर बैठा व्यक्ति युवाओं के लिए इस तरह की भाषा इस्तेमाल कर सकता है?

युवाओं में भारी नाराज़गी 
देशभर के कई युवाओं, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस बयान को अपमानजनक बताया है। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि: 

▪️बेरोज़गारी पहले से ही देश की बड़ी समस्या है।
▪️नौकरी न मिलने की पीड़ा झेल रहे युवाओं को “कॉकरोच” कहना संवेदनहीन है।

▪️RTI एक्टिविस्ट और पत्रकार लोकतंत्र का अहम हिस्सा हैं।

अदालत के बयान पर उठे सवाल?
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि न्यायपालिका की भाषा हमेशा संतुलित और मर्यादित होनी चाहिए, क्योंकि देश की जनता अदालत को सर्वोच्च न्याय और संवेदनशीलता का प्रतीक मानती है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस बयान के बाद सोशल मीडिया पर और जैसे मुद्दों पर बहस तेज हो गई। कई यूज़र्स ने सवाल उठाया कि:

▪️क्या सिस्टम की आलोचना करना गलत है?
▪️क्या बेरोज़गारी पर सवाल उठाने वालों को इस तरह संबोधित किया जाना चाहिए?
▪️क्या अभिव्यक्ति की आज़ादी पर दबाव बढ़ रहा है?

Researcher Raqib Hameed Naik testified before the US Commission on International Religious Freedom (USCIRF) regarding th...
14/05/2026

Researcher Raqib Hameed Naik testified before the US Commission on International Religious Freedom (USCIRF) regarding the alleged persecution of Muslims, Christians, and marginalized communities in India.

The report alleged that:

▪️Hate and violence against minorities are increasing.

▪️Questions were raised about the role of certain political leaders and Hindutva organizations.

▪️Social media platforms were accused of amplifying hate speech.

▪️Allegations were made regarding bulldozer actions and targeting of minority properties.

▪️Claims were also raised about pressure on critics living abroad.

The report urged the US government to impose Global Magnitsky Sanctions on certain Indian leaders. These sanctions are used by the US against individuals accused of human rights violations.

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