28/11/2023
🔹पिछले 17 दिनों से इस देश के 41 लोग उत्तराखण्ड की एक टनल में फँसे हुए हैं
🔹उसपर किसी का कोई ख़ास ध्यान नहीं गया. प्रचारमंत्री चुनावी रैलियों में व्यस्त थे, मीडिया बिना उनके कहाँ फटकने वाला था?
🔹फिर धीरे धीरे चार राज्यों में चुनाव प्रचार समापन की और आया तब टनल में फँसे लोगों के रेस्क्यू ऑपरेशन मतलब बचाव के कार्य की कुछ बातें सुनाई देने लगीं
🔹गाजे बाजे के साथ मीडिया वहाँ पर यह दिखाने पहुँच गया कि बचाव का काम कैसे हो रहा है. यह चर्चा नहीं हुई कि इस सुरंग की क्या viability है, कौन सी कंपनी बना रही है, उसका क्या ट्रैक रिकॉर्ड है, क्या पहाड़ों में इस तरह के स्ट्रक्चर बनने चाहिए?
🔹एक साहेब आये भी, उन्होंने कहा क्रिसमस तक का वक़्त लग सकता है. बचाव अभियान के लिए इस्तेमाल की जा रही ऑगर मशीन के हिस्से टूटकर मलबे में घंस गए थे, जिसके वजह से बचाव कार्य में रुकावट आ गई.
🔹अंततोगत्वा भारतीय सेना की ‘कोर ऑफ इंजीनियर्स’ के समूह ‘मद्रास सैपर्स’ ने रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान सम्भाल ली है और अब मैन्युअल ड्रिलिंग करके फंसे हुए लोगों को निकाला जायेगा
🔹सुना टनल के बाहर हलचलें बढ़ गई हैं, लगता है प्रचार थमने के बाद महामानव भी फ्री हो कर पहुँचने वाले हैं.
🔹पुलिस ब्रीफ़िंग के साथ ही सड़क वग़ैरह भी समतल की जा रही है, वो सब हो रहा है जो ऑपरेशन ख़त्म होने से पहले होता है
🔸🔸ईश्वर सबको सुरक्षित रखे और सब सही सलामत अपने घर वापस पहुँचे