30/05/2026
कालसी क्षेत्र पंचायत बैठक में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य व शिक्षा के मुद्दों पर हंगामा
कालसी। क्षेत्र पंचायत कालसी की दूसरी बैठक में जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। बैठक में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, वन एवं सिंचाई विभागों से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। सबसे अधिक नाराजगी लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की कार्यप्रणाली को लेकर देखने को मिली।
ब्लॉक प्रमुख सावित्री चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और विभागों की कार्यशैली पर चर्चा की गई। प्रमुख सावित्री चौहान ने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का समाधान कर विकास योजनाओं को धरातल पर उतारना आवश्यक है।
बैठक में जैसे ही लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, पेयजल एवं सिंचाई विभागों का विषय आया, जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। उत्तराखंड क्षेत्र पंचायत संयोजक राकेश उत्तराखंडी, प्रधान संगठन अध्यक्ष चरण सिंह चौहान, प्रधान गजेंद्र तोमर, बीडीसी सदस्य सूरज तोमर, मावर सिंह, केसर नेगी, महिपाल सिंह तोमर, रणवीर चौहान सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र की अधिकांश सड़कें बदहाल स्थिति में हैं।
प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि बरसात का मौसम नजदीक होने के बावजूद सड़कों की मरम्मत नहीं की गई है। कई स्थानों पर सुरक्षा दीवारें और पुश्ते क्षतिग्रस्त हैं तथा पिछले वर्ष का मलबा अब तक सड़कों पर पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जब भी सड़क संबंधी कार्यों के लिए विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया जाता है तो बजट का हवाला देकर टालमटोल किया जाता है।
सदन में जौनसार-बावर क्षेत्र की स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और पेयजल व्यवस्थाओं पर भी असंतोष जताया गया। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि यमुना नदी झूलकी डांडा लिफ्ट पेयजल योजना से लोगों को पर्याप्त पेयजल नहीं मिल पा रहा है। वहीं सिंचाई विभाग की नहरें क्षतिग्रस्त होने के कारण किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है।
बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपने कार्यस्थल वाले गांवों में निवास नहीं करतीं, जिससे अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहते हैं। साथ ही खाद्य सामग्री के वितरण में भी अनियमितताओं की शिकायत की गई। इस पर बाल विकास परियोजना अधिकारी कृष्णा जादौन ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।
क्षेत्र पंचायत सदस्य गीता चौहान, प्रतिभा चौहान, अलका चौहान और रीना तोमर ने उत्तराखंड बोर्ड से संचालित हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेजों के खराब परीक्षा परिणामों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। साथ ही शासनादेश के अनुसार कर्मचारियों के कार्यस्थल के आठ किलोमीटर दायरे में निवास करने के नियम का पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
जिला पंचायत सदस्य दीवान सिंह तोमर ने ग्रामीणों को लंबे समय से माफी की लकड़ी न मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को मकान निर्माण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर डीएफओ कालसी मयंक गर्ग ने आश्वासन दिया कि पात्र लोगों को शीघ्र माफी की लकड़ी उपलब्ध कराई जाएगी।
खंड शिक्षा अधिकारी भुवनेश्वर प्रसाद जदली ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है।
बैठक में ज्येष्ठ प्रमुख मीरा देवी राठौर, कनिष्ठ प्रमुख प्रियंका चौहान, क्षेत्र पंचायत सदस्य नरेंद्र भट्ट शास्त्री, विजय शर्मा, सूरज तोमर, महिपाल सिंह तोमर, चंद्र सिंह रावत, सोहन लाल शेट्टी, प्रधान अनूप चौहान, विमल चौहान, पूनम, माला चौहान, रीना तोमर, जितेंद्र तोमर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।