23/05/2026
डीवीसी प्रबंधन के समक्ष सांसद ढुल्लू महतो ने उठाए जनहित, श्रमिक हित और CSR से जुड़े कई गंभीर मुद्दे
धनबाद लोकसभा क्षेत्र के सांसद Dhullu Mahato ने दामोदर घाटी निगम Damodar Valley Corporation (डीवीसी) के चेयरमैन को पत्र लिखकर धनबाद संसदीय क्षेत्र के विभिन्न जनहित, कर्मचारी हित, शिक्षा, स्वास्थ्य, CSR एवं पेंशनरों से जुड़े गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। सांसद ने विशेष रूप से पंचेत, मैथन, चंद्रपुरा, बोकारो थर्मल एवं आसपास के क्षेत्रों में वर्षों से लंबित समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की है।
सांसद ढुलू महतो ने अपने पत्र में डीवीसी विद्यालयों में वर्ष 2003 से कार्यरत संविदा शिक्षकों के स्थायीकरण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक शिक्षकों को नियमित नियुक्ति नहीं दी गई है। उन्होंने डीवीसी प्रबंधन से न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हुए सभी संविदा शिक्षकों को अविलंब स्थायी नियुक्ति देने की मांग की।
इसके साथ ही सांसद ने बोकारो थर्मल एवं चंद्रपुरा के कैंटीन श्रमिकों तथा मैथन, पंचेत एवं अन्य परियोजनाओं में लंबे समय से कार्यरत कैजुअल कर्मियों की समस्याओं को भी गंभीरता से उठाया। उन्होंने कहा कि दशकों से सेवा देने वाले श्रमिकों को आज भी न्यूनतम मजदूरी एवं सीमित सुविधाओं पर काम करना पड़ रहा है, जबकि श्रम विभाग एवं सक्षम प्राधिकरण समान वेतन एवं सुविधाएं देने के आदेश जारी कर चुके हैं। सांसद ने श्रमिकों को सम्मानजनक वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।
सांसद ढुलू महतो ने डीवीसी के मैथन एवं पंचेत अस्पतालों की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है, जिसके कारण सामान्य मरीजों को भी निजी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। पंचेत अस्पताल में अल्ट्रासाउंड एवं एक्स-रे जैसी मूलभूत सुविधाएं लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीण एवं गरीब मरीजों को परेशानी हो रही है। सांसद ने अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति एवं बंद स्वास्थ्य सुविधाओं को तत्काल शुरू करने की मांग की।
उन्होंने डीवीसी महिला हाई स्कूल, पंचेत की स्थिति को भी गंभीर बताते हुए कहा कि बालिका विद्यालय होने के बावजूद वहां महिला शिक्षिकाओं एवं महिला कर्मचारियों की भारी कमी है। इससे छात्राओं को असहजता एवं असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। सांसद ने विद्यालय में महिला शिक्षिकाओं की नियुक्ति एवं बंद पड़े प्लस टू (+2) सत्र को पुनः प्रारंभ करने की मांग की।
सांसद ने डीवीसी पेंशनरों पर लगाए गए पेनल रेंट में अप्रत्याशित बढ़ोतरी का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि जीवनभर संस्था की सेवा करने वाले पेंशनभोगियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने विवादित आदेश को तत्काल स्थगित कर पेंशनरों के प्रतिनिधियों के साथ सकारात्मक वार्ता करने की मांग की।
इसके अतिरिक्त सांसद ने पंचेत एवं आसपास के क्षेत्रों में डीवीसी द्वारा CSR कार्यों की उपेक्षा पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के संसाधनों का उपयोग करने वाली संस्था होने के नाते डीवीसी की जिम्मेदारी स्थानीय जनता के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आधारभूत सुविधाओं के प्रति भी बनती है। सांसद ने CSR योजनाओं की समीक्षा कर क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की मांग की।
सांसद ढुलू महतो ने कहा कि डीवीसी केवल एक औद्योगिक संस्था नहीं, बल्कि लाखों लोगों की आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण संस्था है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता, श्रमिकों, कर्मचारियों, पेंशनभोगियों एवं छात्राओं की समस्याओं की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनहित के हर मुद्दे को मजबूती से उठाया जाता रहेगा।
उन्होंने डीवीसी प्रबंधन से सभी विषयों पर शीघ्र, संवेदनशील एवं सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो प्रभावित लोगों के साथ व्यापक जनआंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।