10/03/2026
एक हिंदू मर गया तो इतना आतंक और नफरत फैला रहे हैं, हजारों मुस्लिम मोबलिंचिंग में मारे हैं, उन्हें इन्साफ मिला ?
* 2015, मोहम्मद अख़लाक़, दादरी
* 2017, पहलू खान, अलवर, राजस्थान
* 2018, अकबर खान, अलवर
* 7 अप्रैल, 2017, मोहम्मद शक़ील, सोसो गांव, झारखंड
* 17 अप्रैल, 2017, अज़हर शेख, बीरभूम, पश्चिम बंगाल
* 30 अप्रैल, 2017, रियाज़ उद्दीन, नगांव, असम
* 30 अप्रैल, 2017, अबू हनीफ़ा, नगांव, असम
* 2 मई, 2017, गुलाम मोहम्मद, उत्तर प्रदेश
* 18 मई, 2017, शेख सज्जाद, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड
* 18 मई, 2017, शेख हलीम, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड
* 18 मई, 2017, शेख सीराज, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड
* 18 मई, 2017, नईम शेख, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड
* 16 जनवरी, 2018, साकिर अली, शास्त्रीनगर, राजस्थान
* 17 फरवरी, 2018, अकबर तांबली, श्रीरामपुर, महाराष्ट्र
* 28 मार्च, 2018, शिवगतुल्लाह रशीदी, आसनसोल, पश्चिम
बंगाल
* 19 जून, 2018, तौहीद अंसारी, रामगढ़, झारखंड
* 2 जनवरी, 2019, काबुल मियां, अररिया, बिहार
* 12 फरवरी, 2019, मोहम्मद निशार, पोखरिया, बिहार
* 15 मई, 2019, नईम अहमद शाह, भद्रवाह, जम्मू
* 15 मई, 2019, याकिर हुसैन, भद्रवाह, जम्मू
* 25 फरवरी, 2020, अकबरी हुसैन, दिल्ली
* 26 फरवरी, 2020, हमजा, दिल्ली
* 26 फरवरी, अमीन अली, दिल्ली
* 26 फरवरी, बुकरे अली, दिल्ली
* 18 जून, 2020, इसरा सहारनपुर, उत्तर प्रदेश
* 29 सितंबर, 2015, मोहम्मद अख़लाक़, दादरी
* 1 अप्रैल, 2017, पहलू खान, राजस्थान
* 17 जून, 2019, तबरेज़ अंसारी, झारखंड
* 6 दिसंबर, 2017, अफ़राज़ुल, राजस्थान
* फरवरी, 2023, नासिर खान, राजस्थान
* फरवरी, 2023, जुनैद खान, राजस्थान
* 27 अगस्त, 2024, साबिर अली, हरियाणा
* 20 जुलाई, 2021, अकबर अली, अलवर, राजस्थान
* फरवरी, 2018, फैज़ल खान
* दिसंबर, 2017, तालीम खान, राजस्थान
* * जनवरी, 2018, आसिफा बानू, कठुआ। लोघर, महाराष्ट्र
* 31 जुलाई, 2023, अज़गर अब्बास शेख, पालघर, महाराष्ट्र
* 31 जुलाई, 2023, अब्दुल कादिर भाई, पनामा के
* खालिद अंसारी, चंदौली जिले में
* 5 दिसंबर, 2025, अतहर हुसैन, बिहार
* 2026, उमैज़, आमिर
* लखनऊ के कृष्णा नगर में 12–13 साल के मुस्लिम बच्चे उनैज़ ख़ान को दोस्त की बर्थडे पार्टी में सिर पर सटाकर गोली मार दी गई।
* राजस्थान के भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा) में 28 साल के आमिर को कथित गौ-रक्षकों ने गोली मारकर क़त्ल कर दिया।
* बिहार के मधुबनी ज़िले के अमही गांव में रोज़े से थी एक मुस्लिम ख़ातून रोशन खातून। इंसाफ़ मांगने गई तो भीड़ ने उन्हें पीटा, ज़लील किया और ज़बरदस्ती पेशाब और शराब का घोल पिलाया।
* बिहार के दरभंगा ज़िले के झगरुआ गांव में 65 साल के अब्दुल सलाम को महज़ इसलिए लोहे की रॉड से पीट-पीट कर मार डाला गया क्योंकि उन्होंने फ़िरक़ापरस्त गालियों का एतराज़ किया था।
सवाल यह है कि इन बेगुनाह लोगों के क़त्ल और ज़ुल्म की बात कौन करेगा?
क्या इंसाफ़ और इंसानियत भी अब मज़हब देखकर तय की जाएगी?
Delhi Police