08/10/2026
*यदि जब चिनहट पुलिस हर मामले में कार्यवाही और न्याय के प्रति गंभीर नहीं, तो पीड़ि परिवार सड़क जाम नहीं करेगा तो क्या करेगा..*
*पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग के साथ कार्यवाही की उम्मीद की, पर हमेशा की तरह चिनहट पुलिस ने फायदे की राह ही चुनी..*
*चिनहट पुलिस की बेहद शर्मनाक कार्यशैली का नज़ारा एल्डिको चौकी के बाहर मंगलवार की शाम देखने को मिला..*
लखनऊ
राजधानी लखनऊ में सोमवार 5 अक्टूबर को प्रातः चिनहट क्षेत्र स्थित सृष्टि ज्वेलर्स के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। स्थानीय पुलिस द्वारा मृतक की पहचान हेतु सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार कराया गया..
उक्त प्रयास के बीच मृतक के परिवार वालों की तरफ से चिनहट कोतवाली में युवक के घर वापस न लौटने की शिकायत सामने आई। जिसके बाद मृतक की पहचान संदीप सोनी पुत्र गिरधारी सोनी, निवासी न्यू नंदी बिहार कॉलोनी, थाना चिनहट, जनपद लखनऊ के रूप में हुई..
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक 4 अक्टूबर को अपने कुछ दोस्तों के साथ पार्टी करने के लिए घर से निकला था और वापस घर नहीं लौटा, शिकायत करने पर चिनहट पुलिस आजतक लापरवाह रही है, उसी तरह मामला लापता का था तो गंभीर नहीं हुए, पर मृतक की पहचान होने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, जहां उसका परिवार और रिश्तेदार भी मौजूद था..
पंचनामा की कार्रवाई के उपरांत पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किया गया। परिजनों द्वारा शव का अंतिम संस्कार हेतु भैंसाकुंड भी ले जाना चाहते थे, पर चिनहट पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं..?
दरअसल मृतक के परिवार और रिश्तेदार का कहना था कि चिनहट पुलिस से युवक द्वारा दोस्तों के बुलावे पर जाना और उसका शव मिलना, जिसपर चिनहट थाना प्रभारी से मामले पर मुकदमा दर्ज कर जांच करने की बात कही गई थी, पर जब मामला फायदे से संबंधित नहीं था और जिनपर आरोप लगे उनके प्रति चिनहट पुलिस द्वारा पक्ष लेना, परिवार वालों और रिश्तेदारों को गवारा नहीं लगा और शव को रोक कर परिजनों और रिश्तेदारों द्वारा चिनहट थाना क्षेत्र स्थित एल्डिको तिराहे पर सड़क जाम कर दिया गया..
इस बीच एल्डिको तिराहे के अलावा विशेष खंड चौकी क्षेत्र स्थित BSNL कार्यालय के निकट भी रिश्तेदारों ने सड़क जाम करने की कोशिश की, पर सहायक पुलिस आयुक्त, चौकी प्रभारी विशेष खंड एवं विभूति खंड पुलिस द्वारा समझा बुझाकर वहां से हटाया गया और थाने ले जाने के बाद उन्हें कुछ देर में छोड़ दिया गया...
पर परिजनों, रिश्तेदारों और वहां मौजूद लोगों ने एल्डिको तिराहे के समस्त रास्ते जाम कर दिए, जिसपर एल्डिको चौकी की पुलिस ने भरपूर प्रयास किया, पर सफलता नहीं मिली, आखिरकार मांग जायज़ थी..?
जब शव मिला, पहचान हो गई, परिवार वालों ने पूरी कहानी बताई, बावजूद इसके चिनहट पुलिस को मामला को पंजीकृत कर जांच करनी चाहिए थी, तो आरोपियों से साठगांठ कर मामले को टाल रहे थे और इंतज़ार कर रहे यहमृतक के अंतिम संस्कार ल दबाने का, पर हंगामे के बीच ऐसा हुआ नहीं, थाना प्रभारी चिनहट ने अपनी चिनहट पुलिस टीम एवं ज्यादातर चौकी प्रभारियों के साथ सड़क पर से मृतक के परिजनों और रिश्तेदारों को हटाने का भरपूर कोशिश की, पर वे नहीं हटे, काफी देर हंगामे के बाद और मामला उजागर ना हो इसके लिए थाना प्रभारी चिनहट द्वारा परिवार वालों द्वारा आरोप लगाने पर निवासी डूडा कालोनी थाना चिनहट लखनऊ एवं आदि के खिलाफ तहरीर प्राप्त कर हत्या का अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई करने की बात कही गई है..
हालांकि थाना चिनहट के रोजाना कई पीड़ित न्याय और निष्पक्ष जांच के लिए हर रोज़ चक्कर काटते हैं, पर थाना प्रभारी चिनहट के नेतृत्व और मार्ग दर्शन में चिनहट पुलिस सिर्फ फायदे के पीछे भागती है, जो कमजोर मामले हैं उसे निपटा कर गुड वर्क दिखा देती है, पर आम आदमी के विश्वास पर कभी भी चिनहट पुलिस किरदार नहीं निभा पाई है, गंभीर और मजबूत मामलों पर चिनहट पुलिस वक्त ज़ाया नहीं करती..
फिलहाल चक्का जाम ही अब चिनहट थाना क्षेत्र के निवासियों के पास विकल्प है, बाकी अब चिनहट पुलिस कर्तव्य, जिम्मेदारी और निष्पक्षता से कोसों दूर हैं...