Nandini kushwaha writer

Nandini kushwaha writer ✍️ लेखिका – नंदिनी कुशवाहा (उन्नाव)
भावनात्मक लेखन | रिश्तों की सच्चाई
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Words from heart. ❤️

26/09/2026

कल से पितृ पक्ष की शुरुआत हो रही है। अपने पूर्वजों को याद करना और उनकी शांति के लिए रस्में करना हमारी संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है।
लेकिन सबसे बड़ा पितृ धर्म यही है कि जो बुजुर्ग आज हमारे बीच जीवित हैं, हम उनके रहते उनका मान-सम्मान करें, उनसे प्यार से बातें करें और उनका ख्याल रखें। जीते-जी दी गई थोड़ी सी खुशी और सम्मान ही सच्ची सेवा है।
अगर आपको यह संदेश सही और विचारणीय लगा हो, तो इसे अपने परिजनों और दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें! 🙏

लोगों को तुम्हारी "हाँ" पसंद है,लेकिन जैसे ही तुम "ना" कहना सीखते हो, तुम उन्हें खटकने लगते हो।तब समझ आता है—उन्हें तुमस...
26/09/2026

लोगों को तुम्हारी "हाँ" पसंद है,
लेकिन जैसे ही तुम "ना" कहना सीखते हो, तुम उन्हें खटकने लगते हो।

तब समझ आता है—
उन्हें तुमसे रिश्ता नहीं,
बस अपनी ज़रूरत पूरी करवाने की आदत थी।

✍️ लेखिका – नंदिनी कुशवाहा (उन्नाव)
꧁༒☬Nandini Kushwaha☬༒꧂

#नंदिनी_कुशवाहा_उन्नाव #रिश्ते #स्वाभिमान

26/09/2026

फेसबुक की तरफ से मुझे एक ऐसा गिफ़्ट मिला है जिसे मैं संभाल ही नहीं पा रही हूँ! 😅
26,000 फॉलोअर्स होने के बावजूद मेरे पेज पर "Unoriginal Content" और "Page is at risk" का वाइलेशन आ गया है। अगर आप भी फेसबुक पर सिर्फ़ टेक्स्ट पोस्ट डालते हैं या बैकग्राउंड म्यूज़िक यूज़ करते हैं, तो यह वीडियो ज़रूर देखें ताकि आपको ऐसा गिफ़्ट न मिले! ⚠️

फेसबुक क्रिएटर्स के लिए ज़रूरी बातें
📌 अपने असली चेहरे और आवाज़ (Real Face & Voice) के साथ वीडियो बनाएँ।
📌 बैकग्राउंड म्यूज़िक लगाने से बचें ताकि कॉपीराइट न आए।
📌 रोज़ कम से कम 1 ओरिजिनल वीडियो ज़रूर अपलोड करें।

अगर जानकारी अच्छी लगी हो तो वीडियो को लाइक और शेयर ज़रूर करें!

अगर माँ-बाप के साथ रिश्ता निभाना है,तो उनसे बहस कम और बातें ज्यादा किया करो।उनकी गलतियों को नहीं, उनके त्याग को याद रखा ...
26/09/2026

अगर माँ-बाप के साथ रिश्ता निभाना है,
तो उनसे बहस कम और बातें ज्यादा किया करो।
उनकी गलतियों को नहीं, उनके त्याग को याद रखा करो।

यकीन मानो, दुनिया का कोई भी रिश्ता
माँ-बाप के प्यार की बराबरी नहीं कर सकता..! ❤️

✍️ लेखिका – नंदिनी कुशवाहा (उन्नाव)
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#नंदिनी_कुशवाहा_उन्नाव
#माँ_बाप #माता_पिता

सबसे खतरनाक दुश्मन वो सगा भाई या बहन है,जो आपके सामने हमदर्द बनने का नाटक करे और पीठ पीछे माता-पिता के कान भरकर आपको आपक...
26/09/2026

सबसे खतरनाक दुश्मन वो सगा भाई या बहन है,
जो आपके सामने हमदर्द बनने का नाटक करे और पीठ पीछे माता-पिता के कान भरकर आपको आपके ही घर में पराया बना दे।

जब अपना ही खून आपकी बर्बादी की वजह बनने लगे,
तो फिर पराए लोगों से क्या उम्मीद रखना?

✍️ लेखिका – नंदिनी कुशवाहा (उन्नाव)
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#नंदिनी_कुशवाहा_उन्नाव
#रिश्ते #परिवार

ससुराल कभी सिर्फ प्यार से नहीं चलता…अक्सर बेटे के पैसे और बहू के काम से  चलता है।बेटा पैसे दे तो अच्छा है,और बहू घर का क...
26/09/2026

ससुराल कभी सिर्फ प्यार से नहीं चलता…
अक्सर बेटे के पैसे और बहू के काम से चलता है।
बेटा पैसे दे तो अच्छा है,
और बहू घर का काम करे तो अच्छी है…!

बस, दोनों अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाते रहें,
तो रिश्ते भी अच्छे कहलाते हैं।
लेकिन जिस दिन बेटा पैसे देना और बहू काम करना छोड़ दे,
उसी दिन प्यार और अपनापन भी कसौटी पर आ जाता है।

✍️ लेखिका – नंदिनी कुशवाहा (उन्नाव)
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#नंदिनी_कुशवाहा_उन्नाव
#ससुराल #रिश्ते #बहू

दूसरों की औलाद में कमियां निकालना बहुत आसान है,लेकिन अपनी औलाद के व्यवहार और संस्कारों में झांकने के लिए बड़ा जिगर चाहिए...
24/09/2026

दूसरों की औलाद में कमियां निकालना बहुत आसान है,
लेकिन अपनी औलाद के व्यवहार और संस्कारों में झांकने के लिए बड़ा जिगर चाहिए।

लोग दूसरों के बच्चों की गलतियां गिनाने में देर नहीं करते,
लेकिन जब वही गलती अपने बच्चों से हो जाए, तो उसके लिए हजार बहाने ढूंढ लेते हैं।

सच तो यह है कि किसी दूसरे के घर पर उंगली उठाने से पहले,
एक बार अपने घर की चौखट पर भी नजर डाल लेनी चाहिए।

बात कड़वी है, लेकिन उतनी ही सच है…
क्योंकि दूसरों के बच्चों को संस्कार सिखाने से पहले,
अपने बच्चों के संस्कारों को देखना जरूरी है।

✍️ लेखिका – नंदिनी कुशवाहा (उन्नाव)

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#नंदिनी_कुशवाहा_उन्नाव
#संस्कार #बच्चोंकीपरवरिश

जेब में पैसे हों तो लोग पूछते हैं—आप कैसे हैं?और जब जेब खाली हो जाए, तो वही लोग पूछना भी छोड़ देते हैं—आपका हाल कैसा है।...
24/09/2026

जेब में पैसे हों तो लोग पूछते हैं—आप कैसे हैं?
और जब जेब खाली हो जाए, तो वही लोग पूछना भी छोड़ देते हैं—आपका हाल कैसा है।
बस यही फर्क है वक्त और हालात का,
पैसा हो तो हर कोई हाल पूछने वाला मिल जाता है,
लेकिन मुश्किल वक्त में जो बिना किसी मतलब के आपका हाल पूछे,
असल में वही आपका अपना होता है।
✍️ लेखिका – नंदिनी कुशवाहा (उन्नाव)
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#नंदिनी_कुशवाहा_उन्नाव
#रिश्ते #सच्चाई

पढ़ाई करो मन लगाकर, कामयाब हो!जो तुम्हें आज लात मारकर गई है,कल तुम्हारी कामयाबी अखबार में देखकर अफसोस करेगी।और अपने बच्च...
24/09/2026

पढ़ाई करो मन लगाकर, कामयाब हो!
जो तुम्हें आज लात मारकर गई है,
कल तुम्हारी कामयाबी अखबार में देखकर अफसोस करेगी।

और अपने बच्चों से कहेगी—
“अगर मुझसे वो पाप न हुआ होता,
तो आज यही होते तुम्हारे बाप!”

इसलिए उसके दिए दर्द को अपनी कमजोरी मत बनाना,
उसे अपनी कामयाबी की वजह बना देना।

✍️ लेखिका – नंदिनी कुशवाहा (उन्नाव)
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#नंदिनी_कुशवाहा_उन्नाव
#कामयाबी #संघर्ष

इस दुनिया में 95% लोग यह नहीं जानते कि असली समस्या क्या है।और समस्या एक ही है…जिसको तुम्हारा गुलाम होना चाहिए, वो तुम्हा...
24/09/2026

इस दुनिया में 95% लोग यह नहीं जानते कि असली समस्या क्या है।

और समस्या एक ही है…
जिसको तुम्हारा गुलाम होना चाहिए, वो तुम्हारा मालिक बन बैठा है—तुम्हारा मन!

मन ने तुम्हें चलाना शुरू कर दिया,
कभी डर के नाम पर, कभी चिंता के नाम पर,
कभी बीती बातों में उलझाकर तो कभी आने वाले कल का डर दिखाकर।

सच तो यह है कि जीवन में उतनी समस्याएँ नहीं हैं,
जितनी हमारा मन हमें दिखाता है।

मन को अपने काबू में कर लो,
फिर जिंदगी की आधी परेशानियाँ अपने आप छोटी लगने लगेंगी।

✍️ लेखिका – नंदिनी कुशवाहा (उन्नाव)
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#नंदिनी_कुशवाहा_उन्नाव
#मन #जीवन

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