06/06/2026
छात्रा हत्याकांड में बड़ा मोड़: मुख्य आरोपी देवकांत के खिलाफ वारंट-बी जारी, ट्रांजिट रिमांड पर होगी पूछताछ
श्लोक श्रीवास्तव, उन्नाव।
प्रतियोगी छात्रा के कथित दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और हत्या से जुड़े सनसनीखेज मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। मामले के मुख्य आरोपी अस्पताल संचालक देवकांत उत्तम से पूछताछ के लिए न्यायालय ने वारंट-बी जारी कर दिया है। सीएमएम कोर्ट कानपुर से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद सदर कोतवाली पुलिस आरोपी को उन्नाव लाकर विस्तृत पूछताछ करेगी। पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि इस पूछताछ से पूरे घटनाक्रम से जुड़े कई ऐसे तथ्य सामने आ सकते हैं, जो अब तक जांच के दायरे से बाहर हैं।
दुष्कर्म से शुरू हुआ, हत्या तक पहुंचा मामला
पुलिस जांच के अनुसार मूल रूप से सफीपुर क्षेत्र की रहने वाली और वर्तमान में कानपुर के विश्वबैंक क्षेत्र में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्रा का संपर्क शेखपुर स्थित उत्तम हॉस्पिटल के संचालक देवकांत उत्तम से हुआ था। आरोप है कि देवकांत ने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। छात्रा के गर्भवती होने पर उसका जबरन गर्भपात भी कराया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कथित रूप से छात्रा के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए थे। इन्हीं के आधार पर वह लंबे समय तक उसे ब्लैकमेल करता रहा और मानसिक तथा शारीरिक शोषण करता रहा।
शिकायत के बाद रची गई हत्या की साजिश
बताया जा रहा है कि छात्रा ने 19 मई को सदर कोतवाली में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार शिकायत की जानकारी मिलने के बाद देवकांत ने अपने भतीजे विवेक पटेल और एक गार्ड के साथ मिलकर छात्रा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
आरोप है कि 21 मई को बर्रा क्षेत्र से छात्रा का अपहरण किया गया और कार के अंदर ही रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को बुलंदशहर के जहांगीराबाद क्षेत्र में ले जाकर फेंक दिया गया।
मां की शिकायत से खुला पूरा मामला
बेटी के लापता होने पर उसकी मां ने 24 मई को बर्रा थाने में तहरीर दी। अगले दिन 25 मई को पुलिस ने देवकांत और उसके भतीजे के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने पहले विवेक पटेल और फिर देवकांत को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें कथित तौर पर अपहरण और हत्या की साजिश का खुलासा हुआ।
जांच में आरोपी का गार्ड भी घटना में शामिल पाया गया। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वर्तमान में देवकांत अपने दो साथियों के साथ जिला कारागार कानपुर में निरुद्ध है।
अब पुलिस के निशाने पर अस्पताल
सदर कोतवाली पुलिस का मानना है कि ट्रांजिट रिमांड पर पूछताछ के दौरान मामले की सबसे अहम कड़ी सामने आ सकती है। जांच का विशेष फोकस उस अस्पताल पर रहेगा, जहां छात्रा का कथित रूप से गर्भपात कराया गया था।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि गर्भपात किन परिस्थितियों में हुआ, उसमें किन लोगों की भूमिका रही और क्या पूरे प्रकरण को छिपाने के लिए किसी स्तर पर दबाव या साजिश रची गई थी। इसके अलावा छात्रा के कथित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो की बरामदगी भी जांच एजेंसियों की प्राथमिकता में शामिल है।
सीजेएम कोर्ट से मिली अनुमति
मामले की विवेचना कर रहे अधिकारी ने शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में आरोपी से पूछताछ की अनुमति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने आवेदन स्वीकार करते हुए वारंट-बी जारी कर दिया।
इसके बाद सदर कोतवाली पुलिस ने आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां कानपुर भेज दी हैं। अब सीएमएम कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड जारी होने का इंतजार किया जा रहा है। आदेश मिलते ही पुलिस आरोपी को उन्नाव लाकर पूछताछ करेगी।
जल्द दाखिल होगी चार्जशीट
पुलिस अधिकारियों के अनुसार रिमांड के दौरान जुटाए जाने वाले डिजिटल साक्ष्य, अस्पताल से जुड़े दस्तावेज, तकनीकी रिपोर्ट और आरोपी के बयान मुकदमे को मजबूत आधार प्रदान करेंगे। जांच पूरी होने के बाद जल्द ही न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों को व्यवस्थित रूप से संकलित कर अभियोजन को मजबूत बनाया जाएगा, ताकि आरोपी को उसके खिलाफ सिद्ध अपराधों के अनुरूप कठोर सजा दिलाई जा सके।
बड़ा सवाल
इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ट्रांजिट रिमांड पर होने वाली पूछताछ से अस्पताल, गर्भपात और कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क से जुड़े नए नाम सामने आएंगे? पुलिस की अगली कार्रवाई पर अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं।छात्रा हत्याकांड में बड़ा मोड़: मुख्य आरोपी देवकांत के खिलाफ वारंट-बी जारी, ट्रांजिट रिमांड पर होगी पूछताछ
श्लोक श्रीवास्तव, उन्नाव।
प्रतियोगी छात्रा के कथित दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और हत्या से जुड़े सनसनीखेज मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। मामले के मुख्य आरोपी अस्पताल संचालक देवकांत उत्तम से पूछताछ के लिए न्यायालय ने वारंट-बी जारी कर दिया है। सीएमएम कोर्ट कानपुर से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद सदर कोतवाली पुलिस आरोपी को उन्नाव लाकर विस्तृत पूछताछ करेगी। पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि इस पूछताछ से पूरे घटनाक्रम से जुड़े कई ऐसे तथ्य सामने आ सकते हैं, जो अब तक जांच के दायरे से बाहर हैं।
दुष्कर्म से शुरू हुआ, हत्या तक पहुंचा मामला
पुलिस जांच के अनुसार मूल रूप से सफीपुर क्षेत्र की रहने वाली और वर्तमान में कानपुर के विश्वबैंक क्षेत्र में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्रा का संपर्क शेखपुर स्थित उत्तम हॉस्पिटल के संचालक देवकांत उत्तम से हुआ था। आरोप है कि देवकांत ने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। छात्रा के गर्भवती होने पर उसका जबरन गर्भपात भी कराया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कथित रूप से छात्रा के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए थे। इन्हीं के आधार पर वह लंबे समय तक उसे ब्लैकमेल करता रहा और मानसिक तथा शारीरिक शोषण करता रहा।
शिकायत के बाद रची गई हत्या की साजिश
बताया जा रहा है कि छात्रा ने 19 मई को सदर कोतवाली में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार शिकायत की जानकारी मिलने के बाद देवकांत ने अपने भतीजे विवेक पटेल और एक गार्ड के साथ मिलकर छात्रा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
आरोप है कि 21 मई को बर्रा क्षेत्र से छात्रा का अपहरण किया गया और कार के अंदर ही रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को बुलंदशहर के जहांगीराबाद क्षेत्र में ले जाकर फेंक दिया गया।
मां की शिकायत से खुला पूरा मामला
बेटी के लापता होने पर उसकी मां ने 24 मई को बर्रा थाने में तहरीर दी। अगले दिन 25 मई को पुलिस ने देवकांत और उसके भतीजे के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने पहले विवेक पटेल और फिर देवकांत को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें कथित तौर पर अपहरण और हत्या की साजिश का खुलासा हुआ।
जांच में आरोपी का गार्ड भी घटना में शामिल पाया गया। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वर्तमान में देवकांत अपने दो साथियों के साथ जिला कारागार कानपुर में निरुद्ध है।
अब पुलिस के निशाने पर अस्पताल
सदर कोतवाली पुलिस का मानना है कि ट्रांजिट रिमांड पर पूछताछ के दौरान मामले की सबसे अहम कड़ी सामने आ सकती है। जांच का विशेष फोकस उस अस्पताल पर रहेगा, जहां छात्रा का कथित रूप से गर्भपात कराया गया था।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि गर्भपात किन परिस्थितियों में हुआ, उसमें किन लोगों की भूमिका रही और क्या पूरे प्रकरण को छिपाने के लिए किसी स्तर पर दबाव या साजिश रची गई थी। इसके अलावा छात्रा के कथित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो की बरामदगी भी जांच एजेंसियों की प्राथमिकता में शामिल है।
सीजेएम कोर्ट से मिली अनुमति
मामले की विवेचना कर रहे अधिकारी ने शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में आरोपी से पूछताछ की अनुमति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने आवेदन स्वीकार करते हुए वारंट-बी जारी कर दिया।
इसके बाद सदर कोतवाली पुलिस ने आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां कानपुर भेज दी हैं। अब सीएमएम कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड जारी होने का इंतजार किया जा रहा है। आदेश मिलते ही पुलिस आरोपी को उन्नाव लाकर पूछताछ करेगी।
जल्द दाखिल होगी चार्जशीट
पुलिस अधिकारियों के अनुसार रिमांड के दौरान जुटाए जाने वाले डिजिटल साक्ष्य, अस्पताल से जुड़े दस्तावेज, तकनीकी रिपोर्ट और आरोपी के बयान मुकदमे को मजबूत आधार प्रदान करेंगे। जांच पूरी होने के बाद जल्द ही न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों को व्यवस्थित रूप से संकलित कर अभियोजन को मजबूत बनाया जाएगा, ताकि आरोपी को उसके खिलाफ सिद्ध अपराधों के अनुरूप कठोर सजा दिलाई जा सके।
बड़ा सवाल
इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ट्रांजिट रिमांड पर होने वाली पूछताछ से अस्पताल, गर्भपात और कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क से जुड़े नए नाम सामने आएंगे? पुलिस की अगली कार्रवाई पर अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं।