25/06/2026
सीता स्वयंवर (राम कथा ) 🙏💐 मित्रों पूर्णिया की पावन धरा पर पहली बार इस तरह के कॉस्ट्यूम ड्रामा का आयोजन किया गया है, जिसका लाइव प्रसारण २८ जून शाम ५ बजे कला भवन में किया जा रहा है ये बिल्कुल निःशुल्क प्रवेश है अतः आप सभी पूर्णिया वाशी , कला प्रेमी से मेरा नम्र अनुरोध है कि आप यहाँ परिवार के साथ आवश्य आए 💐🙏।
कोशी आलोक प्रॉडक्शन द्वारा निर्मित और सुनील सुमन और सुमित निहाल जी के निर्देशन में तैयार इस नाटक सीता स्वेम्वर को आपकी अच्छे बुरे टिपण्णी ही इस नाटक के उज्ज्वल भविष्य का मार्गदर्शन करेगी 💐🙏
ये नाटक पूर्णिया के प्रसिद्ध कला प्रेमी सुनील सुमन जी की कल्पना और सुमित निहाल जी द्वारा लिखित पटकथा और संवाद पर आधारित है । कोशी आलोक के बैनर तले तैयार किया गया है ।
इस नाटक के सफल मंचन तक आने का सफ़र विभिन्न बाधाओं से लगातार घिरा रहा । ख़ैर बात करते हैं पात्र परिचय की इस नाटक में अमित कुँवर (राजा जनक ), चाँदनी शुक्ला (सीता), सोनाली दी (सुनैना ), अजीत सिंह बप्पा (राम), राज जी , पप्पू जी (विश्वामित्र ), बादल झा (परशुराम ), अभिनव जी (रावण )
अनमोल जी और उनकी टीम और साथ ही कई ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने ऑन स्टेज अपनी भूमिका में अभिनय करते दिखेंगे ।
मित्रों आपको बता दूँ कि जिस तरह इस नाटक की तैयारी में कोशी आलोक प्रोडक्शन ने उदार हृदय से इस नाटक में रूप सज्जा और स्टेज सज्जा पर खर्च किए हैं वो पूर्णिया के इतिहास में पहली बार आपको देखने को मिलेगा ।
मित्रो 🙏, मैं सर्व प्रिय दर्शी ख़ुद को गौरान्वित महशूष करता हूँ की मैं ऐसे समय में पूर्णिया में रहा जिस वक्त वहाँ मेरी ज़रूरत थी । और मैंने अपने मुंबई के अनुभव का भरपूर सहयोग और हरेक शेत्र में अपनी उपस्थिति देने का प्रयास किया । इस कार्य को मैंने अकेले पूरा नहीं किया इनका सहयोग अग्रणीय है , स्टेज प्रॉप्स मेकिंग सागर जी, सिलाई में सहयोग टेलर मास्टर रहबर भाई , मुंबई में कार्यरत ड्रेसमैन रंजन कुमार और मुंबई में कार्यरत मेकअप आर्टिस्ट आशीष कुमार ने दिया है ।
नाटक के सभी कपड़े बीते १० दिनों से लगातार सिले जा रहें हैं, आभूषण और प्रॉप्स पे विशेष ध्यान दिया गया है । हरेक पात्र जीवंत दिखे इसके लिया मुंबई के प्रसिद्ध विग मेकर शंकर विग मेकर का विशेष सहयोग लिया गया है और सभी गेटअप मुंबई से मंगवाया गया है ।
रंगकर्म के शेत्र में रंगकर्मियों का उद्देश्य केवल रंगमंच करना होता है इसके लिए बैनर और मंच कोयी भी हो , बस सफल प्रस्तुति ही महत्वपूर्ण होता है । खुशी इस बात की है कि इस नाटक के सभी कलाकार अलग-अलग मंच जरूर है किंतु उद्देश्य सबका एक है सफल प्रस्तुति देना और इस नाटक को दिल्ली तक प्रस्तुति के लायक़ बनाना और इसके लिए कई वरिष्ठ कलाकारों का भी विशेष योगदान रहा जिन्होंने अपने साथी नए कलाकारों के साथ जीतोड़ मेहनत से इस नाटक को तैयार करने में निर्देशक सुनील सुमन जी और सुमित निहाल जी को भरपूर सहयोग दिए । परिणाम स्वरूप एक साथ मिलकर इस नाटक को अपने निर्धारित समय सीमा पर तैयार कर इसकी प्रस्तुति दे रहे हैं । इस टीम की निरंतरता अद्भुत है ये आगामी ३ प्रस्तुति निर्धारित कर चुके है 💐💖🙏
दर्शकों जनक नंदनी सीता स्वेम्वर के कई सीन और इसके गीत बिहार के आंचलिकता और उसकी खूबसूरत पहचान से जुड़ी है ।
आशा करता हूँ आप आवश्य आयेंगे 💐🙏
हम आपकी उम्मीदों पे खड़ा उतरने का प्रयास करेंगे 💐🙏