02/04/2026
मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना"
यूथ फॉर ट्रुथ के सदस्य करेंगे विश्व शांति के लिए एक दिवसीय उपवास
वर्ष 2026 की शुरुआत में विश्व कई बड़े युद्धों और हिंसक संघर्षों से जूझ रहा है। ऐसे संकटपूर्ण समय में महात्मा गांधी के अहिंसा, सत्य और शांति के संदेश की प्रासंगिकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। इसी परिप्रेक्ष्य में ग्लोबल गांधी, यूथ फॉर ट्रुथ और खुदाई खिदमतगार के संयुक्त तत्वावधान में 3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को गांधी भवन, बेंगलुरु में विश्व शांति के लिए एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस एक दिवसीय उपवास का मुख्य उद्देश्य विश्व भर में फैली हिंसा, युद्धों और मानवीय संकटों के बीच शांति, सौहार्द और अहिंसा की भावना को पुनः मजबूत करना और इसका संदेश देना है। यह उपवास युवाओं को सामूहिक रूप से संकल्प दिलाने का माध्यम है कि हम हिंसा के रास्ते को त्यागकर संवाद, समझबूझ और अहिंसा के मार्ग पर चलें। यह महात्मा गांधी के उस ऐतिहासिक आह्वान को फिर से जीवंत भी करेगा, जब उन्होंने दांडी मार्च के समय “ताकत के खिलाफ न्याय” की अपील की थी। आज जब शक्तिशाली परमाणु-सम्पन्न देश दूसरे राष्ट्रों पर बिना किसी रोक-टोक के हमले कर रहे हैं, तब यह उपवास, युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में निर्दोष नागरिकों, बच्चों, महिलाओं, पेड़-पौधों, जीव-जंतुओं पर हो रहे विनाश को रोकने के लिए “ताकत के खिलाफ न्याय” की वैश्विक अपील है। कार्यक्रम में प्रतिभागी पूरे दिन उपवास रखेंगे। दिन भर शांति गीत, प्रार्थनाएँ और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। समापन, सामूहिक शांति संकल्प और सौहार्द की अपील के साथ होगा। शांति प्रेमी नागरिकों, युवाओं, छात्रों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा आम जनता से हार्दिक अपील है कि वे इस एक दिवसीय शांति उपवास में शामिल होकर विश्व शांति और सौहार्द के संदेश को और मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।
*तिथि:* 3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार)
*स्थान:* गांधी भवन, बेंगलुरु
*आयोजक:* ग्लोबल गांधी | यूथ फॉर ट्रुथ | खुदाई खिदमतगार | कर्नाटक गांधी स्मारक निधि