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Kashi • Shiva • Sanatan
Spiritual Journeys & Sacred Stories
Varanasi, India

15/08/2026

किसी को नहीं पता कि उसके लिए शिव ने क्या सोचा है पर जो उन्होंने सोचा है वो बेहतर नहीं, बेहतरीन है।।

बनारस में गंगा घाट किनारे स्थित माता संकठा का मंदिर सिद्धपीठ है। यहां पर माता की जितनी अलौकिक मूर्ति स्थापित है उतनी ही ...
15/08/2026

बनारस में गंगा घाट किनारे स्थित माता संकठा का मंदिर सिद्धपीठ है। यहां पर माता की जितनी अलौकिक मूर्ति स्थापित है उतनी ही अद्भूत मंदिर की कहानी भी है। धार्मिक मान्यता है कि जब मां सती ने आत्मदाह किया था तो भगवान शिव बहुत व्याकुल हो गये थे। भगवान शिव ने खुद मा संकठा की पूजा की थी इसके बाद भगवान शिव की व्याकुलता खत्म हो गयी थी और मां पार्वती का साथ मिला था। शुक्रवार के दिन दर्शन-पूजन का विशेष महत्‍व है।

🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस की पावन बेला पर 🇮🇳🚩 भगवान श्री विश्वेश्वर की तिरंगा स्वरूप में मनोहारी मध्यान्ह-भोग आरती के दिव्य दर्...
15/08/2026

🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस की पावन बेला पर 🇮🇳

🚩 भगवान श्री विश्वेश्वर की तिरंगा स्वरूप में मनोहारी मध्यान्ह-भोग आरती के दिव्य दर्शन 🚩

भक्ति, आस्था और राष्ट्रप्रेम का यह अद्भुत संगम हृदय को गौरव और श्रद्धा से भर देता है। 🙏🇮🇳

🔱 हर हर महादेव!
🇮🇳 वन्दे मातरम्!

॥ श्री काशीविश्वनाथो विजयतेतराम् ॥

VandeMataram काशीविश्वनाथ हरहरमहादेव वन्देमातरम्

एक बार भगवान शिव ने माता पार्वती से कहा कि यह संसार और इसमें मिलने वाला अन्न वास्तव में माया है। शिवजी के इस कथन से माता...
13/08/2026

एक बार भगवान शिव ने माता पार्वती से कहा कि यह संसार और इसमें मिलने वाला अन्न वास्तव में माया है। शिवजी के इस कथन से माता पार्वती ने सोचा कि यदि अन्न भी माया है, तो संसार को उसके महत्व का अनुभव होना चाहिए।
माता पार्वती ने अन्न का स्वरूप अपने भीतर समेट लिया। देखते ही देखते संसार में अन्न की कमी होने लगी। मनुष्य और जीव-जंतु भूख से व्याकुल हो गए। देवताओं को भी भोजन प्राप्त होना कठिन हो गया।
तब भगवान शिव को भी भोजन की आवश्यकता महसूस हुई। उन्हें समझ आया कि अन्न केवल भौतिक वस्तु नहीं, बल्कि जीवन का आधार है।
माता पार्वती ने काशी में अन्नपूर्णा देवी का रूप धारण किया और एक दिव्य रसोई स्थापित की। उनके हाथों में अन्न से भरा पात्र और परोसने का पात्र था। भगवान शिव स्वयं भिक्षापात्र लेकर माता अन्नपूर्णा के पास पहुँचे।
माता अन्नपूर्णा ने भगवान शिव को अपने हाथों से अन्न प्रदान किया। शिवजी ने स्वीकार किया कि अन्न के बिना जीवन और साधना दोनों संभव नहीं हैं।
इसी कारण माँ अन्नपूर्णा को अन्न और समृद्धि की देवी माना जाता है और काशी में उनका विशेष महत्व है। मान्यता है कि माँ अन्नपूर्णा की कृपा से घर में अन्न की कमी नहीं होती।
जय माँ अन्नपूर्णा 🙏🌺

13/08/2026

अगर प्रेम शिव से है तो काशी तो आना ही पड़ेगा 🙏🔱

13/08/2026

पूरे सावन बाबा काशी विश्वनाथ यहीं विराजते हैं 🙏🙏

The Sacred Spirit of Kashi 🙏✨Shri Kashi Vishwanath Temple in Varanasi is one of India’s most revered places of worship, ...
12/08/2026

The Sacred Spirit of Kashi 🙏✨

Shri Kashi Vishwanath Temple in Varanasi is one of India’s most revered places of worship, where spirituality, history, and the timeless culture of Kashi come together.

For countless devotees, a visit to this sacred temple is a deeply meaningful experience—a moment to pause, pray, and feel connected to something greater than ourselves.

From the divine atmosphere of the temple to the ancient streets and ghats of Varanasi, Kashi carries a unique energy that has inspired generations.

Har Har Mahadev 🕉️🔱

📍 Varanasi, Uttar Pradesh, India

12/08/2026

ये बनारस के किस प्राचीन मंदिर का शिखर है ??

12/08/2026

कर्ता करे न कर सके शिव करे सो होय 🙏🙏

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