22/08/2026
अखिलेश जी! नमस्ते।
सत्ताईस में सत्ता की सोचने से पहले सत्ताईस से पहले सपा कैसे बचाई जाये, ये सोचना शुरू कर दीजिए। क्योंकि आपके लोग खुद आपके पीडीए की पोल खोल रहे हैं।
पता है न! आपके पीडीए का पी आपके साथ है नहीं, ना पंडित और ना पिछड़ा। आपके झूठ से जो थोड़ा सा ‘डी' आपके साथ आया था, वो भी अब आपके खिलाफ खुल के खड़ा होने लगा है। बचेगा सिर्फ अशफ़ाक़ वाला ए’।
सहारनपुर सर्किट हाउस में आपके वाले पीडीए की असली वाली पोल बहुत धूम-धड़ाके के साथ खुल के सामने आ गई है? यक़ीन ना हो तो अपने प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल जी से पूछ लीजिएगा, वो वहीं सर्किट हाउस में बैठकर बस मुंह ताकने का काम कर रहे थे।
दलित समाज की जिला पंचायत सदस्य बहन ममता चौधरी ने भरी मीटिंग में आपके नेताओं को बहुत कायदे से सुनाया है। उनके साथ दलित समाज और गैर यादव पिछड़ा समाज के सपा कार्यकर्ताओं ने भी मिलकर आपके 'पीडीए यानी पीट देगा अहीर, पीट देगा अल्पसंख्यक’ (सपाई) की कायदे से पोल खोली है।
दलित और गैर यादव पिछड़ा समाज के आपके लोग ही अब सामने आकर चीख चीख के आपके 'पीट देगा अहिर' और 'पीट देगा अशफाक' गैंग का कच्चा चिट्ठा खोल रहे हैं और आप हैं कि सोशल मीडिया पर टाइम पास करने से ही फुरसत नहीं हैं।
ए अखिलेश बाबू, आप तो ट्विटर एसी पीसी के महारथी हैं, तो अपने लोडरों को शांति से पीसी करन
सहारनपुर सर्किट हाउस में ऊ कुल लोडरवा सब कुर्सी के लिए लड़ रहे थे... बताइए! यही संस्कार दिये हैं आप?
बाकि, पत्रकारों को जलीज करना, गाली-गलौच और मारपीट करना तो आप सपाई गुंडों ने जैसे अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझ रखा है।
ए मित्र, सत्ता की चाभी तो मिलने से रही, अब टेंशन सपा को बचाने की लीजिए।
जय भारत, जय श्रीराम, जय श्री कृष्ण, जय महाराज सुहेलदेव