31/05/2026
अरे ओ सपाई लोडरों ! कभी लंदन गये हो...?
इसलिए पूछ रहा हूं कि तुम्हारे 'ट्विटर, एसी और पीसी' वाले 'कव्वाल' भइया जी लंदन निकलने की तैयारी में हैं।
मालूम नहीं, वहां उनका कौन सा मनपसंद 'सालान उर्स' लगता है, जहां हाजिरी लगाने वह हर साल अंग्रेजों की राजधानी पहुंच जाते हैं।
वैसे भी लखनऊ में एसी में बैठकर ट्विटर और प्रेस कॉन्फ्रेंस करते-करते मई का महीना तो बीत ही गया, अब जून की गर्मी उनके बर्दाश्त के बाहर है... लिहाजा बैग पैक होना शुरू हो गया है।
खैर... हमारे यहां एक कहावत है, ''सब गदहा बैकुंठ चले जाएंगे तो बोझा कौन ढोएगा'' सपाई लोडरों इस पर सोचना।
तुम लोडरों के गैंग मास्टर 'भइया जी' अच्छी तरह से जानते हैं कि 2027 में भी उनका और उनकी पार्टी का कुछ होना-हवाना है नहीं। न यूपी में कोई उनको भाव दे रहा है... बेमतलब का घाम में घूमकर 'करिया' क्यों हुआ जाए.. वैसे भी तुम लोग तो हो ही भइया-भउजी जिंदाबाद करने के लिए...लगाते रहो नारा, बिछाते रहो दरियां...
सच पूछो तो तुम लोगों पर दया भी आती है और हंसी भी... पूछो क्यों ?
क्योंकि तुम्हारे 'कव्वाल भइया' जी को उनके बाबू जी ने तो बिदेस में पढ़ा-लिखा दिया। खुद वह भी अपने बाल-गोपालों को बिदेस में पढ़ा रहे हैं। रही बात तुम लोगों की...तो तुम्हे पढ़ाई-लिखाई से कोई मतलब तो है नहीं। तुम्हारे भइया जी भी यही चाहते हैं कि तुम लोग केवल 'जय भइया-जय भउजी' कहके गैर-यादव ओबीसी और बहुजनों के साथ गुंडई, छिनैती, हत्या, लूट और बलात्कार में व्यस्त रहो...
और जब पुलिस तुम्हारे पापों के घड़े को 'ठोक-ठोक' के फोड़ेगी, तो दो-चार, दस हजार या लाख रुपया 'भइया जी' की ओर से 'पुचकार मनी' मिल ही जाएगी...
उनके बाबूजी ने तो उनका व्यवस्था कर के रख दिया है, तुम लोग अपना-अपना देख लो...
देख रहे हो न डर खतम होते ही बंगाल में तुम्हारे 'भइया जी' की 'दीदी जी' के भतिजवा पर जनता कइसे थूक रही है...करम तो तुम लोगों के भी ऐसे ही हैं...
✏️ ओम प्रकाश राजभर, कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार