26/10/2025
सबका साथ और सबके विकास का डंका
ये मनुवादी सरकार चाहे जितना बजा ले..
लेकिन सच्चाई यही है कि ये सरकार
दलित मसीहा उदितराज से चिढ़ती है
दोस्तों, कोंग्रेस के भावि अध्यक्ष उदित राज जी को
इस कड़कड़ाती ठंड के मौसम में आधी रात को
घर से बाहर निकाल दिया इस मनुवादी सरकार ने।
दलितों से घृणा यहां स्पष्ट देख सकते है आप लोग..
इस गरीब आदमी को बंगले से निकाल बाहर किया।
हालांकि घर इनके नाम नहीं था।
वो घर इनकी सवर्ण पत्नी के नाम था..
बंगले का समय पिछले साल पूरा हो गया था।
उदितराज जी ने पिता जी की बीमारी बता कर जितना बन सका, टाला।
उदितराज जी के पास महज दस करोड़ रुपए की ही संपत्ति है
जो मनुवादियों की आंखों में खटकती है।
एक षड्यंत्र के तहत भोले भाले उदितराज को
सवर्ण लड़की से बंदूक दिखाकर ब्याह करवा दिया था इन दुष्टों ने।
नाश हो इस मनुवादी व्यवस्था का।
पहले राजपत्रित अधिकारी बना दिया, फिर सवर्ण लड़की से ब्याह दिया।
और अभी मात्र दस करोड़ रुपए की घोषित संपत्ति जोड़ पाया था ये गरीब
कि बंगला भी छीन लिया..
दोस्तों, कांग्रेस नेता उदित राज ने "बंगला खाली" करवाने को लेकर कहा,
कि "मेरे घर का सामान मोदी सरकार ने फिंकवा दिया और अब
घर के सामने रोड पर मैने रात गुजारी ।
सामान की रखवाली कर रहा हूं।
दलित चाहे सांसद बने या मुख्य न्यायाधीश
उसकी दुर्दशा पहले ही जैसे रहेगी।"
आगे कहते हैं, "मोदी सरकार चाहती है कि मैं भी
IPS पूरन कुमार की तरह निपट जाउं, लेकिन ऐसा होगा नहीं।
मोदी सरकार निपटा दे वो अलग बात होगी।"
सबसे पहली बात, उदित राज आप जिसे "मेरा घर" कह रहे हैं,
वह सरकारी आवास था और आपकी पत्नी
सीमा बंसल राज को आवंटित हुआ था। वो भी साल 2024 तक,
क्योंकि आपकी पत्नी साल 2024 में ही रिटायर हुई।
अब नियमा कहता है कि छह महीने के भीतर
आपको यह आवास खाली कर देना चाहिए था,
लेकिन बीमार बुजुर्ग पिता का हवाला देकर मामले को खींचा।
अब बंगला तो सरकारी आवास था, जिसे खाली करवाया गया।
रही बात "दलित" की, तो आपकी पत्नी सवर्ण है,
जिन्हें यह आवास आवंटित हुआ था।
इस में दलित प्रताड़ना का एंगल कहां है ?
सबसे पहले कोर्ट ने नोटिस दिया, लेकिन आपके पास जवाब देने की फुरसत नहीं थी। लिहाजा कोर्ट ने बंगला खाली करने का आदेश दे दिया।
अब इसमें मोदीजी का क्या और कैसे कनेक्शन है?
सड़क पर रात गुजार कर "राजनीति" करते वक्त
आप साल 2024 में दिए एफिडेविट को भूल गए।
आपको याद नहीं कि आप तकरीबन दस करोड़ के मालिक हैं।
आपके पास वजीराबाद मे 2 प्लॉट 250 -250 गज के हैं।
फरीदाबाद मे 500 गज का प्लॉट है।
बुद्धविहार दिल्ली मे 50 गज का प्लॉट है।
गोवा मे 870 sq. ft का फ्लैट है।
इसके बावजूद आप "गरीब दलित" हैं
और नीले आसमान के तले सपरिवार रात गुजारने को मजबूर....।
यदि यह गरीबी है, तो ईश्वर सबको कम से कम इतनी गरीबी तो दे ही दे।
बाकी सब तो ठीक है लेकिन ये
चटाई क्यों खरीद रखी थी सर आप ने ??
वेलवेट और डनलप के जमाने में
आखिर चटाई बिछाकर कौन सा कृत्य किया करते थे आप
जो इस निर्मोही सरकार से
देखा ना गया ????