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> आज जिस व्यक्ति को देशभर के करोड़ों विद्यार्थी "खान सर" के नाम से जानते हैं, उन्हें उनके वास्तविक नाम फैसल खान के आधार ...
07/06/2026

> आज जिस व्यक्ति को देशभर के करोड़ों विद्यार्थी "खान सर" के नाम से जानते हैं, उन्हें उनके वास्तविक नाम फैसल खान के आधार पर निशाना बनाया जा रहा है।

वही खान सर, जिनकी कक्षाओं से निकलकर हजारों युवा प्रशासनिक सेवाओं, पुलिस विभाग और विभिन्न सरकारी पदों तक पहुंचे हैं। वही शिक्षक, जिन्होंने शिक्षा को लाखों छात्रों के लिए सुलभ बनाया, आज विवादों और आरोपों के केंद्र में खड़े कर दिए गए हैं।

एक शिक्षक की पहचान उसके ज्ञान, उसके संस्कार और उसके योगदान से होती है, न कि उसके नाम या धर्म से।

"एक किताब, एक कलम और एक शिक्षक दुनिया बदल सकते हैं" — इस विचार को अपने कार्यों से सार्थक करने वाले खान सर ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया है।

शिक्षा जगत में उनके उत्कृष्ट योगदान और विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए उन्हें "चैंपियंस ऑफ चेंज बिहार 2024" सम्मान से सम्मानित किया गया।

करोड़ों छात्रों के प्रिय शिक्षक, प्रेरणा और मार्गदर्शक — खान सर।





















6 मिलियन फॉलोअर्स वाले पुलिसकर्मी विवेकानंद तिवारी निलंबित, पुलिसकर्मियों की रील संस्कृति पर फिर उठे सवालमध्य प्रदेश पुल...
06/06/2026

6 मिलियन फॉलोअर्स वाले पुलिसकर्मी विवेकानंद तिवारी निलंबित, पुलिसकर्मियों की रील संस्कृति पर फिर उठे सवाल

मध्य प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया पर अपनी रीलों और वीडियो के कारण चर्चित पुलिसकर्मी विवेकानंद तिवारी को निलंबित कर दिया है। विवेकानंद तिवारी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगभग 60 लाख (6 मिलियन) फॉलोअर्स बताए जाते हैं।

जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में उनके द्वारा ड्यूटी के दौरान बनाए गए कुछ वीडियो और सार्वजनिक स्थानों पर की गई गतिविधियां चर्चा का विषय बनी हुई थीं। आरोप है कि वे बिना पूर्व अनुमति सादे कपड़ों में चौराहों पर लोगों को रोककर वीडियो बनाते थे, जिनमें कई लोगों को कैमरे के सामने सार्वजनिक रूप से टोकते या फटकारते हुए दिखाया गया।

मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश पुलिस ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिसकर्मियों द्वारा सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाने को लेकर बहस तेज हो गई है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में ड्यूटी के दौरान रील बनाने, वर्दी का अनुचित उपयोग करने, सरकारी संसाधनों के साथ वीडियो शूट करने तथा विभाग की छवि को प्रभावित करने वाली सामग्री पोस्ट करने से बचने की बात कही गई है। इसके बावजूद समय-समय पर यूपी पुलिस के कुछ कर्मियों के रील और शॉर्ट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे हैं, जिन पर सवाल उठते रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया जनता से संवाद का एक प्रभावी माध्यम हो सकता है, लेकिन ड्यूटी के दौरान बनाई गई रीलों और व्यक्तिगत लोकप्रियता के लिए सरकारी पद या वर्दी के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट सीमाएं तय होना आवश्यक है।

मध्य प्रदेश पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पुलिसकर्मियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर देशभर में चर्चा चल रही है। ऐसे में कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी सोशल मीडिया नियमों के उल्लंघन पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

अब सवाल जनता के बीच है— क्या ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा रील बनाना उचित है, या इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

05/06/2026

🚨 पड़ाव चौराहे पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर चला सख्ती का डंडा 🚨

📍 पड़ाव/चंदौली

पड़ाव चौराहे पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए टीएसआई अंचित प्रसाद चौधरी एक्शन मोड में नजर आए। रॉन्ग साइड चलने वाले तथा आड़े-तिरछे खड़े वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।

🚔 नियम तोड़ने वालों को चेतावनी के साथ आवश्यक कार्रवाई करते हुए यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। टीएसआई की इस सख्ती से चौराहे पर यातायात व्यवस्था बेहतर होती दिखाई दी।

👉 सुरक्षित यात्रा के लिए यातायात नियमों का पालन करें।

🚦🛣️

31/05/2026

🎥 वाराणसी की शाम, आस्था के नाम! 🙏✨
गंगा आरती में उमड़ा जनसैलाब, श्रद्धालुओं से खचाखच भरा दशाश्वमेध घाट।
माँ गंगा के दिव्य दरबार में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली।
भीड़ को व्यवस्थित रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दशाश्वमेध पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। 👮‍♂️
📹 देखिए आस्था, भक्ति और व्यवस्था की यह अद्भुत तस्वीर... 👇🏻👇🏻

उत्तर प्रदेश में कई दिन से ऐसा माहौल बनल रहे जइसे अबकी सरकार पूरा सिस्टम हिला देई…टीवी पर बहस, सोशल मीडिया पर गणित, नेता...
18/05/2026

उत्तर प्रदेश में कई दिन से ऐसा माहौल बनल रहे जइसे अबकी सरकार पूरा सिस्टम हिला देई…
टीवी पर बहस, सोशल मीडिया पर गणित, नेताजी लोग के चेहरे पर रहस्य…
बाकिर आखिर में वही पुरान कहावत चरितार्थ हो गइल —
“खोदा पहाड़, निकलल चुहिया!” 😄

बहुत माथापच्ची अउर हाय-तौबा के बाद मंत्रियन के विभाग बाँटल गइल।
अब देखीं किस्मत के लॉटरी में केकरा का मिलल 👇

🔹 भूपेन्द्र चौधरी जी के MSME मिलल —
मतलब अब छोट उद्योग बड़ा सपना देखी 😄

🔹 मनोज पाण्डेय जी के खाद्य एवं रसद —
अब राशन कार्ड से लेके चावल-दाल तक पर नजर रही 😅

🔹 अजीत सिंह पाल जी के खाद्य सुरक्षा —
अब समोसा में आलू कम निकलल त कार्रवाई तय समझीं 😄

🔹 सोमेन्द्र तोमर जी के सैनिक कल्याण अउर राजनीतिक पेंशन —
मतलब फाइल भी सलामी ठोकी 😄

🔹 कृष्णा पासवान जी के पशुधन विभाग —
गाय-भैंस अब सरकारी संरक्षण में बा 🐄😄

🔹 कैलाश सिंह राजपूत जी के ऊर्जा विभाग —
अब जनता देखतिया कि बिजली आई कि फिर “कल आई” 😅

🔹 सुरेन्द्र दिलेर जी के राजस्व विभाग —
मतलब अब कागज कम अउर चक्कर ज्यादा लगी 😄

🔹 हंस राज विश्वकर्मा जी के भी MSME —
लगता विभाग अकेले संभलत ना रहे 😅

बाकी जनता अभीयो यही पूछत बा —
“एतना suspense के बाद बस एही?” 🤭

📚 बराबरी की बहस… या शिक्षा का सबसे बड़ा भ्रम?जब तक हम यह नहीं समझेंगे कि सरकारी और निजी विद्यालयों का फर्क सिर्फ़ भवन, फ...
16/05/2026

📚 बराबरी की बहस… या शिक्षा का सबसे बड़ा भ्रम?

जब तक हम यह नहीं समझेंगे कि सरकारी और निजी विद्यालयों का फर्क सिर्फ़ भवन, फीस और रिज़ल्ट का नहीं, बल्कि सोच और शिक्षाशास्त्र का है — तब तक “समान शिक्षा” की सारी बहस अधूरी रहेगी।

सरकारी स्कूलों में शिक्षक सीमित संसाधनों के बीच हर बच्चे तक शिक्षा पहुँचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
लेकिन योजनाओं, कागज़ी कार्यों और गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों के बोझ तले कहीं न कहीं शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य दबता जा रहा है।
“आनंदमयी शिक्षा” के नाम पर कई जगह अनुशासन और अकादमिक गुणवत्ता दोनों कमजोर हुई हैं।

वहीं निजी विद्यालयों में शिक्षा धीरे-धीरे प्रतिस्पर्धा की फैक्ट्री बनती जा रही है।
यहाँ बच्चे की जिज्ञासा, खेल, रचनात्मकता और मानसिक संतुलन अक्सर “रैंक” और “रिज़ल्ट” की दौड़ में खो जाते हैं।
सीखना अब अनुभव नहीं, बल्कि प्रदर्शन बनता जा रहा है।

❗सच्चाई यह है कि दोनों व्यवस्थाओं में सबसे ज़्यादा दबाव में बच्चा ही है—
कहीं वह आदेशों और अव्यवस्था के बीच खो रहा है,
तो कहीं अपेक्षाओं और तनाव के नीचे टूट रहा है।

✅ बराबरी का असली अर्थ क्या होना चाहिए?
• सरकारी विद्यालयों को बेहतर संसाधन, पर्याप्त शिक्षक और अकादमिक स्वतंत्रता मिले।
• निजी विद्यालयों को बाल-मनोविज्ञान, तनाव-मुक्त शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता देनी होगी।
• शिक्षा का केंद्र “संस्थान की छवि” नहीं, बल्कि “बच्चे का विकास” होना चाहिए।

क्योंकि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ़ अंक लाना नहीं,
बल्कि एक संवेदनशील, जिज्ञासु और संतुलित इंसान बनाना है।

जब तक व्यवस्था बच्चे के मन, बुद्धि और गरिमा को केंद्र में नहीं रखेगी,
तब तक सुधार, घोषणाएँ और बहसें —
सिर्फ़ शब्दों का शोर बनकर रह जाएँगी।

#शिक्षा #सरकारीस्कूल #प्राइवेटस्कूल #शिक्षक #बचपन

🚫 ADDICTED TO SCREENS: THE HIDDEN DANGER 🚫आज की डिजिटल दुनिया 🌍 में मोबाइल फोन 📱 हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं...
15/05/2026

🚫 ADDICTED TO SCREENS: THE HIDDEN DANGER 🚫

आज की डिजिटल दुनिया 🌍 में मोबाइल फोन 📱 हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। सुबह 🌅 उठते ही और रात 🌙 सोने तक लोग चैटिंग 💬, गेमिंग 🎮, वीडियो 🎥 और सोशल मीडिया 📲 में व्यस्त रहते हैं।

मोबाइल फोन जहां हमारी जिंदगी को आसान बनाते हैं 👍, वहीं धीरे-धीेरे यह एक खतरनाक लत ⚠️ का रूप भी ले रहे हैं।
बच्चे 👧👦 और युवा घंटों तक स्क्रीन पर समय बिताते हैं ⏳, जिससे उनकी पढ़ाई 📚, ध्यान 😵 और स्वास्थ्य 🏥 प्रभावित हो रहा है।
लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में दर्द 👀, सिरदर्द 🤕, नींद की समस्या 😴 और मानसिक तनाव 😣 बढ़ने लगता है।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि लोग अब परिवार 👨‍👩‍👧‍👦 और दोस्तों के साथ समय बिताने के बजाय मोबाइल में खोए रहते हैं 📱।
सोशल मीडिया की दुनिया 📲 कई बार अकेलापन 😔, चिंता 😟 और आत्मविश्वास में कमी 💭 का कारण भी बनती है।
✅ समय आ गया है कि हम स्क्रीन टाइम ⏱️ को नियंत्रित करें और असली जिंदगी 🌱 को महत्व दें।
⚽ खेलें, 📚 पढ़ें, 👨‍👩‍👧‍👦 परिवार के साथ समय बिताएं और स्वस्थ 💪 व खुशहाल 😊 जीवन अपनाएं।
✨ Balance Today, Better Tomorrow! ✨

📚✨ हर मुस्कुराता Teacher अंदर से मजबूत हो… ये ज़रूरी नहीं…कुछ मुस्कानें सिर्फ मुस्कान नहीं होतीं,वो जिम्मेदारियों, संघर्...
07/05/2026

📚✨ हर मुस्कुराता Teacher अंदर से मजबूत हो… ये ज़रूरी नहीं…

कुछ मुस्कानें सिर्फ मुस्कान नहीं होतीं,
वो जिम्मेदारियों, संघर्ष और अधूरे सपनों को छुपाने का तरीका होती हैं… 💔

क्लास में जो Teacher हँसते हुए आता है,
हो सकता है वो घर की परेशानियों से लड़कर आया हो…
कम Salary, परिवार की जिम्मेदारियाँ,
और अपने Future की चिंता दिल में दबाकर आया हो…
फिर भी बच्चों के सामने मुस्कुरा देता है। 😊

क्योंकि उसे पता है —
उसकी उदासी कई बच्चों की उम्मीद तोड़ सकती है… ❤️

👨‍🏫
जो Teacher Board पर Smile के साथ पढ़ाता है,
अक्सर वही रात में अपने कल की चिंता में जागता है…

जो बच्चों को Motivation देता है,
कई बार वो खुद अंदर से टूट रहा होता है…

Teacher सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देता,
वो अपने दर्द छुपाकर दूसरों के सपनों को उड़ान देता है… ✨

इसलिए अगली बार किसी Teacher को हँसते हुए देखो,
तो सिर्फ उसकी Smile मत देखना…
उसके पीछे छुपा त्याग, धैर्य और संघर्ष भी महसूस करना। 🌸

❤️ क्योंकि हर दिखाई देने वाली मुस्कान के पीछे,
एक अनकही कहानी छुपी होती है…

🙏 Respect Teachers
क्योंकि वो सिर्फ Duty नहीं निभाते…
बल्कि आने वाली पीढ़ियों का Future बनाते हैं। 🌍📖

अगर आप भी Teachers की मेहनत को सलाम करते हैं,
तो एक ❤️ जरूर छोड़िए।

#बनारसीखबर

29/04/2026

🎬
वाराणसी में आंधी-बारिश का असर | लहुराबीर में गिरा भारी साइन बोर्ड, टला बड़ा हादसा

📝
वाराणसी के लहुराबीर इलाके में तेज आंधी और बारिश के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। तेज हवाओं का दबाव रास्ता और दूरी बताने वाला भारी दिशा सूचक बोर्ड सहन नहीं कर सका और अचानक गिर पड़ा।

बोर्ड गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

👉 ऐसी ही ताज़ा और स्थानीय खबरों के लिए पेज को फॉलो करें।

वाराणसी: भीषण गर्मी के चलते स्कूलों के समय में बदलाव, छोटे बच्चों की कक्षाएं ऑनलाइनवाराणसी में लगातार बढ़ते तापमान और लू...
25/04/2026

वाराणसी: भीषण गर्मी के चलते स्कूलों के समय में बदलाव, छोटे बच्चों की कक्षाएं ऑनलाइन
वाराणसी में लगातार बढ़ते तापमान और लू (हीटवेव) को देखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक ने बड़ा निर्णय लिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद यह आदेश जारी किया गया है ताकि छात्र-छात्राओं को गर्मी से सुरक्षित रखा जा सके।
जारी आदेश के अनुसार, जनपद के सभी परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1 से 8 तक) अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित होंगे। वहीं, मान्यता प्राप्त CBSE व ICSE बोर्ड के स्कूलों में नर्सरी से कक्षा 5 तक की कक्षाएं भी इसी समय-सारणी के अनुसार चलेंगी।
इसके अलावा, कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से कराने का निर्देश दिया गया है, जबकि कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाओं के संचालन का निर्णय विद्यालय प्रबंधन पर छोड़ा गया है।
प्रशासन ने साफ निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में बच्चों की आउटडोर गतिविधियां धूप में न कराई जाएं और गर्मी से बचाव के सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

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