28/12/2025
2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में गणना प्रपत्र जमा करने की अवधि पूरी होने के बाद सामने आए आंकड़ाें ने राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज कर दी हैं।
#जिन 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने जा रहे हैं, वे किसके हैं या उनमें सबसे ज्यादा संख्या किसकी है?
इन वोटों के कम होने से चुनावी वैतरणी में किसकी नाव की पतवार टूटेगी और किसका बेड़ा पार होगा, यह प्रश्न सबके मन को मथ रहा है। 31 दिसंबर को ड्राफ्ट रोल जारी होना है, परंतु उत्तर तलाशने को सभी राजनीतिक दल अभी से आकलन में जुट गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिछले दिनों दिए भाजपा के वोट कटने की आशंका जताते हुए पार्टी नेताओं को सचेत किया था। ऐसे में भाजपा पर दबाव ज्यादा है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इसी बयान के सहारे माहौल बनाने की कोशिश में है। हालांकि, सपा केवल यह सोचकर नहीं बैठेगी कि वोट भाजपा के ही कट रहे हैं, अपने मतदाताओं के नाम जुड़वाने की तैयारी की कर ली गई है।
प्रदेश में चार नवंबर को जब एसआइआर की प्रक्रिया शुरू हुई थी तब 15.44 करोड़ मतदाता थे। आयोग के अनुसार एसआइआर में 2.89 करोड़ मतदाता अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत व डुप्लीकेट श्रेणी के मिले हैं। बड़ी संख्या में मतदाताओं के घटने से चुनावी समीकरणों में हलचल है। 14 दिसंबर को पार्टी के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि करीब चार करोड़ मतदाता कम होने जा रहे हैं।